आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने तालाब के ठंडे पानी में उतरकर दिया धरना

शनिवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपने प्रदर्शन को उग्र करते हुए शहर के अभिनंदन सरोवर में ठंडे पानी में उतरकर प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया

By: Devendra Karande

Published: 09 Dec 2017, 09:12 PM IST

बैतूल। अपनी जायजा मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को हड़ताल खत्म करने के लिए जहां विभाग नोटिस जारी करने से लेकर नौकरी से बर्खास्त करने का दबाव बना रहा है। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन थमने की बजाए तेजी से आगे बढ़ रहा है। शनिवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपने प्रदर्शन को उग्र करते हुए शहर के अभिनंदन सरोवर में ठंडे पानी में उतरकर प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया। करीब एक घंटे तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ठंडे पानी में बैठकर प्रदर्शन करती रही।
शासन के विरूद्ध जमकर नारेबाजी
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा बीते एक सप्ताह से कलेक्टोरेट के सामने धरना प्रदर्शन किया जा रहा है लेकिन शासन-प्रशासन द्वारा सुध नहीं लिए जाने के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने आक्रोश जाहिर करते हुए अपने प्रदर्शन को उग्र करना शुरू कर दिया है। जिसके तहत शनिवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने शासन-प्रशासन के विरूद्ध जमकर नारेबाजी की और तालाब में उतरकर प्रदर्शन किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के इस प्रदर्शन ने राह गुजरते सभी लोगों का ध्यान भी अपनी ओर आकर्षित किया। उल्लेखनीय हो कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं बगैर छुट्टी लिए धरना प्रदर्शन कर रही है। ऐसे में महिला बाल विकास विभाग ने उनके विरूद्ध दंडात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी है। सीडीपीओ के माध्यम से ३५० कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को नोटिस थमाए गए हैं साथ ही सोमवार तक उन्हें काम पर वापस लौटने की चेतावनी दी गई है। अन्यथा पद से पृथक करने की कार्रवाई भी उनके विरूद्ध प्रस्तावित की जा सकती है।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर सन्नाटा
आंगनबाड़ी कार्यर्ताओं द्वारा बीते एक सप्ताह से प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शन के चलते आंगनबाड़ी केंद्रों पर सन्नाटा पसर गया है। ज्यादातर केंद्रों का संचालन ठप पड़ा है। हालांकि विभाग किशोरी बालिकाओं के माध्यम से केंद्र का संचालन करने की बात कह रहा है लेकिन इसके बाद भी केंद्रों का संचालन नहीं हो सका है। ऐसे में अब विभाग आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अल्टीमेटम देते हुए काम पर वापस लौटने के निर्देश जारी किए हैं। यदि कार्यकर्ता सोमवार को काम पर नहीं लौटती है तो उनके विरूद्ध सेवा से पृथक करने की कार्रवाई की जा सकती है।

Devendra Karande Reporting
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