देश के लिए मर मिटने को तैयार सेना के जवान

सेना में भर्ती हुए थे,उसी समय सोच लिया था देश के लिए मरना है। रिटायर होकर घर जा रहे हैं,लेकिन देश को जब भी हमारी जरुरत पड़ेगी वापस आ जाएंगे। यह कहना था २६ वर्ष सेना में डयूटी कर वापस लौटे सदर निवासी विश्वनाथ साहू कहा का।

By: ghanshyam rathor

Updated: 02 Mar 2019, 09:18 PM IST

बैतूल। सेना में भर्ती हुए थे,उसी समय सोच लिया था देश के लिए मरना है। रिटायर होकर घर जा रहे हैं,लेकिन देश को जब भी हमारी जरुरत पड़ेगी वापस आ जाएंगे। यह कहना था २६ वर्ष सेना में डयूटी कर वापस लौटे सदर निवासी विश्वनाथ साहू कहा का। शनिवार साहू के घर वापस आने पर लोगों ने उनका जमकर स्वागत किया। रेलवे स्टेशन पर जवान को लेने लोग पहुंचे। रथ में बैठाकर जवान और उसकी पत्नी को बाजे-गाजे के साथ लेकर आए।
सेना में हवलदार के पद पर रहे विश्वनाथ साहू ने बताया कि जबलपुर कोर सिंग्रल में पदस्थ थे। २८ फरवरी को कई लोगों का रिटायटरमेंट हुआ है। कमांडर एसबी शर्मा ने जवानों से कहा कि भारत-पाकिस्तान सीमा पर हालत खराब है। कभी भी युद्ध छिड़ सकता है और आप लोग घर जा रहे हो। रिटायरमेंट हो रहे सेना के जवानों ने कहा कि जिस दिन जरुरत पड़ेगी वे अपने देश के लिए जान देने खड़े हो जाएंगे। कमांडर ने अपने जवानों की देश भक्ति और जोश देखकर कहा कि हमे गर्व है। देश में जवानों की कमी नहीं है,फिर भी जरुरत पड़ी तो जरुर बुलाएंगे। साहू ने कहा कि घर वापसी पर अपने लोगों से सम्मान पाकर बहुत ही खुशी हुई है। साहू ने कहा कि हमारे देश की सेना किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। देश के जवान अपनी जान की बाजी लगाकर मुस्तैदी से डयूटी कर रहे हैं। डयूटी के दौरान कारगिल युद्ध में शामिल हुए थे। यह युद्ध आज भी याद है। आंखोंं के सामने ही बम गिरा करते थे। इसके बाद भी हौंसला नहीं हारा और देश के सेना ने पाकिस्तान को परास्त किया। सैनिक साहू के सम्मान के अवसर पर इंदल साहू, मोहनलाल साहू, संदेश साहू, राजेन्द्र साहू, एचडी साहू,रोशन, गब्बर,दीपू और नीलेश भी उपस्थित रहे।

ghanshyam rathor Bureau Incharge
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