धार्मिक पर्यटन में शामिल हुआ बाबा मठारदेव

मैहर की तर्ज पर लगेगा रोपवे, पर्यटन की दृष्टि से होगा विकास

By: pradeep sahu

Published: 10 Feb 2018, 10:58 AM IST

सारनी. आज सारनी के लिए गौरव का दिन है। दरअसल 9 फरवरी को धार्मिक पर्यटन में श्रीश्री 1008 बाबा मठारदेव भी शामिल हो गया है। यह घोषणा मप्र राज्य पर्यटन विकास निगम अध्यक्ष तपन भौमिक ने बाबा मठारदेव मंदिर प्रांगण में आयोजित डे-शेल्टर और जनसुविधा केंद्र शुभारंभ दौरान कही। उन्होंने कहा कि अब तक धार्मिक पर्यटन में ओमकारेश्वर, महेश्वर, मैहर और सलकनपुर शामिल थे। लेकिन आज से बाबा मठारदेव का दरबार भी शामिल हो गया है। अब यहां पर्यटन की दृष्टि से विकास कार्य होंगे। धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में विकास करने भारत सरकार द्वारा फंड प्रसाद के नाम से निर्धारित किया है। चित्रकुट में रामपथगमन मार्ग का निर्माण 22 करोड़ से किया जा रहा है। वहीं नर्मदा परिक्रमा मार्ग पर काम जारी है। इसी तरह बौद्ध सर्किट में 105 करोड़ खर्च किए हैं। यह सभी राशि धार्मिक पर्यटन के नाम से आरक्षित हुई थी। भौमिक ने कहा कि मप्र राज्य पर्यटन विकास निगम बिकने की कगार पर था। कर्मचारी आंदोलनरत थे। इसी बीच मप्र में भाजपा की सरकार बनी और पर्यटन के क्षेत्र में कार्य कर 5 साल से सर्वश्रेष्ठ पर्यटन विकास निगम का पुरस्कार मप्र को मिल रहा है। इस साल शुद्ध लाभ 9 करोड़ 57 लाख रुपए हुआ है। मार्च माह से 25 करोड़ के विकास कार्य पर्यटन के क्षेत्र में होंगे। मप्र में अनेक पर्यटन है। जिसमें धार्मिक पर्यटन भी शामिल हैं। इस दौरान वरिष्ठ नेता पीजे शर्मा, जिलाध्यक्ष जितेंद्र कपूर, भाजपा जिला मंत्री रंजीत सिंह, नपाध्यक्ष आशा भारती, कमलेश सिंह, मंडल अध्यक्ष सुधा चंद्रा, जिला महामंत्री मनीष सिंह ठाकुर, मनोज डहेरिया, समीर मसीद, नपा उपाध्यक्ष भीमबहादुर थापा, विनय मालवीय, राजू शर्मा, पंजाबराव बारस्कर, प्रीतम साहू, गोविंद पटेल सहित भाजपा नेता मौजूद थे।
भुगतान को तरस रहे मजदूर: जिस यात्री प्रतीक्षालय और जनसुविधा केंद्र का लोकार्पण कर पर्यटन विकास निगम द्वारा नपा को सौंपा गया है। उस यात्री प्रतीक्षालय और जनसुविधा केंद्र में कार्य करने वाले आदिवासी मजदूर आज भी भुगतान की मांग को लेकर भटक रहे हैं। शुक्रवार को जब लोकार्पण समारोह चल रहा था। तब कार्य करने वाले मजदूरों ने पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष को घेर लिया और भुगतान नहीं होने पर आर्थिक दुखड़ा सुनाया। बताया जा रहा है कि कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा मजदूरों और व्यापारियों को भुगतान किए बिना ही शहर से चला गया है। इस वजह से करीब 20 लोग परेशान है।
भौमिक ने कहा कि सारनी क्षेत्र पर्यटन के नक्शे में शामिल हो गया है। चीफ इंजीनियर से मिलकर सतपुड़ा जलाशय किनारे निर्मित पार्क नपा को सुपुर्द करेंगे। जहां बोट भी चलेगी। मैहर की तर्ज पर बाबा मठारदेव के शिखर मंदिर तक रोपवे लगेंगे। इसके लिए चाहे अनुदान क्यो न देना पड़े। उन्होंने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में होटल संचालन के लिए 50 करोड़ अनुदान दिया है। 1 करोड़ 22 लाख से सड़क, डे-शेल्टर, जनसुविधा केंद्र निर्माण की घोषणा सीएम द्वारा की थी। लेकिन वन विभाग की आपत्ति से भोपाली में सड़क समेत अन्य विकास नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला और घने जंगलों से घिरे सारनी क्षेत्र में पर्यटन की पूरी संभावनाएं हैं। यहां पर्यटन विकास कार्य भी शुरू हो गए हैं। अब तेजी से पर्यटन के क्षेत्र में विकास कार्य होंगे। कुकरू खामला को भी पर्यटन में शामिल किया जा रहा है। ऐतिहासिक स्थलों को चिह्नित किया जा रहा है।
रोपवे लगाने की मांग: बाबा मठारदेव मित्र मंडली सारनी ने रोपवे लगाने की मांग को लेकर पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष तपन भौमिक को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर दीपेश दुबे, सनी चतुर्वेदी, प्रणीत आर्य, निक्की सरीन, अंकित अहीर, विशाल फापसे, योगेश मोरे, सूरज राजपूत, अर्नुन महाजन, विनय बड़ोनिया समेत अन्य युवा उपस्थित थे।

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