बैंक ने स्टांप शुल्क काटा, पंजीयक कार्यालय में नहीं कराया जमा प

जिला उपभोक्ता फोरम द्वारा परिवादी श्वेता खुराना बनाम बैंक ऑफ इंडिया प्रकरण में अहम फैसला देते हुए बैंक को परिवादी खुराना को ब्याज सहित राशि भुगतान करने का आदेश दिया है।

By: ghanshyam rathor

Published: 01 Jul 2019, 04:04 AM IST


बैतूल। जिला उपभोक्ता फोरम द्वारा परिवादी श्वेता खुराना बनाम बैंक ऑफ इंडिया प्रकरण में अहम फैसला देते हुए बैंक को परिवादी खुराना को ब्याज सहित राशि भुगतान करने का आदेश दिया है। बैंक ने बंधक संपत्ती का स्टांप शुल्क काट लिया,लेकिन इसे सब रजिस्टार कार्यालय में जमा नहीं कराया है। जिसके कारण परिवादी को अलग से स्टांप शुल्क जमा करना पड़ा।
परिवादी की ओर से अधिवक्ता हरीश खंडेलवाल और उमेश निरापुरे ने बताया कि विपक्षी क्रमांक 1 बैंक की लापरवाही और सेवा में कमी के कारण परिवादी गंभीर विपत्ति में फंस गई। परिवादी ने न्यायालय में प्रश्न रखे कि क्या बैंक द्वारा परिवादी से स्टॉम्प शुल्क लेने के बाद भी संबंधित बंधक विलेख दस्तावेज के साथ स्टॉम्प पेपर्स सबरजिस्टार कार्यालय बैतूल में जमा न कर सेवा में कमी की है। फोरम ने आदेश दिए कि बैंक ऑफ इंडिया बैतूल शाखा गंज 30 दिन के भीतर 23775 रूपए का भुगतान परिवादी श्वेता खुराना पत्नी शैलेन्द्र खुराना को करे। बैंक ऑफ इंडिया बैतूल को उक्त राशि पर परिवाद प्रस्तुति दिनांक 17 जनवरी 2013 से 7 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज का भुगतान परिवादी को आदेश दिनांक से 30 दिन के अंदर करे। बैंक ऑफ इंडिया बैतूल परिवादी को मानसिक कष्ट की क्षतिपूर्ति के लिए 15 हजार रूपए व परिवाद का व्यय 3 हजार रूपए का भुगतान आदेश दिनांक से 30 दिवस के अंदर करे। समयावधि में राशि का भुगतान नहीं किए जाने पर बैंक ऑफ इंडिया बैतूल उक्त संपूर्ण राशि पर 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से ब्याज परिवादी को देय होगा।
यह है मामला
परिवादी के अधिवक्ता खंडेलवाल ने बताया कि वर्ष 2011 में परिवादी श्वेता खुराना पत्नी शैलेन्द्र खुराना ने श्वेता ऑयल मिल प्रारंभ की थी। परिवादी ने बैंक ऑफ इंडिया बैतूल शाखा गंज में सीसी लिमिट एवं लोन एकाउंट खोला और विपक्षी बैंक ने परिवादी को 23,75,000 रूपए का ऋण स्वीकृत किया। इस ऋण की सुरक्षा के लिए संपत्ति बंधक रखने के संदर्भ में तात्कालीन बैंक शाखा प्रबंधक द्वारा दिए गए निर्देश के अनुसार 19 नवंबर 2009 को बंधक दस्तावेजों का पंजीयन कराया गया। महालेखाकार मप्र ग्वालियर के आडिट की रिपोर्ट के परिपेक्ष्य में समस्त दस्तावेजो पर 11,870 रूपए का मुदं्राक शुल्क प्रभारणीय है, परन्तु संबंधित दस्तावेज का कोई शुल्क नहीं चुकाया गया। कलेक्टर ऑफ स्टाम्प बैतूल ने 23,775 रूपए की शास्ती भू राजस्व की भांति अथवा संपत्ति नीलाम कर वसूल करने की सूचना प्रकाशित की थी।

ghanshyam rathor Bureau Incharge
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