बंद कोयला खदान के मुहाने का स्लैब धंसा

सूचना मिलते ही वेकोलि के आलाअफसर, पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया, डब्ल्यूसीएल खंगाल रही रिकार्ड

By: rakesh malviya

Published: 20 Jul 2018, 08:00 AM IST

सारनी. पाथाखेड़ा में गुरुवार सुबह बंद कोयला खदान के मुहाने का स्लैब धंस गया। इससे उक्त क्षेत्र में निवासरत परिवारों में दहशत फैल गई। कुछ ही देर में यह खबर जंगल की आग की तरह पूरे शहर में फैल गई। सूचना मिलते ही वेकोलि के आलाअफसर, पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। बताया जा रहा है कि सुबह 6 बजे बाघिनकुंड खदान के मुहाने का स्लैब धंसना शुरू हुआ जो 10 बजे तक चला। जिस स्थान पर स्लैब धंसा वहां प्रारंभ में गड्ढा हुआ। देखते ही देखते करीब 15 फीट लंबाई-चौड़ाई और 5 फीट गहराई में गड्ढा तब्दील हो गया। मामले की गंभीरता को समझते हुए वेकोलि महाप्रबंधक उदय कावले ने तत्काल चारों ओर फेसिंग कर स्थान सुरक्षित करने के निर्देश दिए। मौके पर टीआई महेन्द्र सिंह चौहान भी पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

स्कूल प्रांगण में है बाघिनकुंड खदान का मुहाना
पाथाखेड़ा के लाल बहादुर शास्त्री वार्ड नंबर 24 में आजाक शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक शाला है। इस स्कूल के प्रांगण में ही बाघिनकुंड खदान का मुहाना है। जिसे जानकारी के अनुसार 1990 में पूरी तरह बंद कर दिया गया। प्राथमिक शाला भवन जर्जर होने की स्थिति में वर्ष 2014-15 में कलेक्टर के निर्देश पर नगरपालिका द्वारा धराशायी कर दिया गया। अब यहां माध्यमिक शाला भवन है। जिसमें प्राथमिक और माध्यमिक शाला की कक्षाएं लगती है। स्कूल का खेल मैदान भूमिगत खदान के मुहाने पर है जो गुरुवार सुबह धंस गया। यदि स्कूल समय पर यह हादसा होता तो किसी भी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता था। अब सवाल यह है कि स्कूल संचालित होगा या नहीं।

घटना स्थल पर लगी भीड़
जमीन धंसने की खबर सुबह से ही कौतूहल का विषय है। जिसे भी खबर लग रही है। वह मौके पर जाकर देखने से पीछे नहीं हट रहे। सभी लोग यह जानना चाह रहे हैं कि आखिर वर्षों बाद बंद खदान का यह हिस्सा कैसे धंस गया। सुरक्षा की दृष्टि से उक्त स्थान पर पुलिस और वेकोलि सुरक्षा प्रहरी तैनात है। घटना स्थल पर वेकोलि के प्लानिंग ऑफिसर मदन कुमार, छतरपुर खदान के उपक्षेत्रीय प्रबंधक एके राय, सारनी माइन के उपक्षेत्रीय प्रबंधक आरएन सिंह ने पहुंचकर खदान के रिकार्ड खंगाले।

पाथाखेड़ क्षेत्र में खोखली हो गई जमीन
पाथाखेड़ा क्षेत्र में जमीन धंसना आम बात है। पूरे क्षेत्र में भूमिगत कोयला खदान है। कोयला निकालने की वजह से जमीन खोखली हो गई है। बारिश के दिनों और जमीन में कंप्पन होने की स्थिति में क्षेत्र में कई स्थानों से जमीन धंसने की खबर सामने आती है। बीते दिनों छतरपुर पंचायत, शोभापुर पंचायत के गांवों और जंगल में जमीन धंसने की खबर सामने आई थी। बिछुआ और छतरपुर गांव के कई मकान में भी दरारे आई है। जिससे वेकोलि प्रबंधन भलीभांति अवगत है।

इनका कहना
मुहाने का स्लैब धंसा है। आगे ऐसा नहीं हो। इसका ध्यान रखने रिकार्ड देख रहे हैं। जहां स्लैब धंसा है। वहां फेसिंग करने के निर्देश दिए हैं।
उदय कावले, महाप्रबंधक वेकोलि

rakesh malviya Desk
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