बांध का काम खत्म कर नहर का काम हुआ शुरू

बांध का काम खत्म कर नहर का काम हुआ शुरू

pradeep sahu | Publish: Sep, 07 2018 12:32:51 PM (IST) Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

पारसडोह बांध का निरीक्षण करने पहुंचे अधिकारी

मुलताई. मुलताई अनुविभाग के पचधार के समीप ताप्ती नदी पर 383 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले पारसडोह बांध का काम अब पूरा हो चुका है, गुरुवार को जल संसाधन विभाग के चीफ इंजीनियर राकेश अग्रवाल बांध के निर्माण कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे, उनके साथ ईई सहित अन्य अधिकारियों ने कार्य का निरीक्षण किया। बताया जा रहा है बांध में नदी के तल से लगभग 15 मीटर ऊंचाई तक पानी बांध में रूक चुका है। अभी लगभग 100 मीटर ऊंचाई तक पानी और भरा जाना शेष है इसी साल बांध को पूरा भर लिया जाएगा, क्षेत्र का यह अब तक का सबसे बड़ा बांध है। पारसडोह मध्यम उद्वहन सिंचाई परियोजना के तहत बन रहे पारसडोह बांध का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है एवं अब नहर निर्माण का काम शुरू करवाया है। तेजी से हो रहे इस काम के बाद इस साल ही बारिश में यह बांध पानी से लबालब भरने की उम्मीद थी, लेकिन कम बारिश होने से अभी तक बांध नहीं भर पाया है। बारिश के बाद हालाकि बांध में पानी का भराव प्रारंभ हो चुका है। जल संसाधन विभाग के चीफ इंजीनियर राकेश अग्रवाल, ईई जीपी सिलावट, सब इंजीनियर सीबी पाठेकर, सबइंजीनियर एस नागले ने गुरुवार को बांध का निरीक्षण किया। बांध का फुल टैंक लेबल 639.10 है। चीफ इंजीनियर राकेश अग्रवाल ने बनाए सभी ६ गेट देखे और अन्य कामों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि पारसडोह बांध में जलग्रहण क्षेत्र 588.50 वर्ग मीटर है। बांध की कुलल भराव क्षमता 72.73 मिलियन क्यूबिक मीटर है।

लिफ्ट ऐरिगेशन से होगा किसानों को इस साल फायदा- बांध में क्योंकि अभी नहर का निर्माण नहीं हो पाया है, ऐसे में बांध बनने और जल भराव होने से किसानों को गेहू की फसल के लिए पानी मिल पाएगा, किसान मोटर पंप के माध्यम से पानी लेकर सिंचाई कर पाएंगे। चीफ इंजीनियर राकेश अग्रवाल ने बताया कि मुलताई, पट्टन एवं आठनेर के अंतर्गत 9990 हेक्टेयर कृषि भूमि में रबी की सिंचाई होगी, वहीं ३ हेक्टेयर कृषि भूमि में खरीफ सिंचाई होगी। वहीं कुल वार्षिक 13340 हेक्टयर भूमि में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

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