रायल्टी १२५ रुपए घनमीटर ठेकेदार वसूल रहे साढ़े बाहर सौ रुपए घनमीटर

सरकार ने रेत की दरें १२५ रुपए घनमीटर तय की है लेकिन खनिज ठेकेदार ने विक्रय मूल्य में एक हजार रुपए की वृद्धि करके खदान से १२५० रुपए प्रति घनमीटर की दर से डंपरों में भरकर बेच रहा है। जिससे जरूरतमंदों को दस घनमीटर रेत १८ से २३ हजार रुपए में मिल रही है। रेत के महंगे होने का सबसे ज्यादा नुकसान प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को हो रहा है जो रेत महंगी होने पर इसे खरीद तक नहीं पा रहे हैं।

By: Devendra Karande

Published: 26 Jun 2020, 05:04 AM IST

बैतूल। सरकार ने रेत की दरें १२५ रुपए घनमीटर तय की है लेकिन खनिज ठेकेदार ने विक्रय मूल्य में एक हजार रुपए की वृद्धि करके खदान से १२५० रुपए प्रति घनमीटर की दर से डंपरों में भरकर बेच रहा है। जिससे जरूरतमंदों को दस घनमीटर रेत १८ से २३ हजार रुपए में मिल रही है। रेत के महंगे होने का सबसे ज्यादा नुकसान प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को हो रहा है जो रेत महंगी होने पर इसे खरीद तक नहीं पा रहे हैं। आवासों का निर्माण भी अधूरा पड़ा है। महंगी रेत को लेकर गुरुवार को शिव सेना ने जिला प्रशासन को एक ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में खनिज के नाम पर लूट बंद किए जाने की मांग की गई।
शिवसेना के जिला प्रमुख नरेंद्र छिपने और अधिवक्ता भरत सेन ने बताया कि कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार ने म.प्र रेत नियम २०१९ बनाए हैं लेकिन यह नियम जनहित के लिए नहीं बनाए गए बल्कि एक बार फिर से खनिज ठेकेदार को एक बड़ी लूट का अवसर दिया गया है। जिले में उमा रेसीडेंसी सतना को खनिज खदान का ठेका दिया गया है। वैसे जिस स्थान का ठेका स्वीकृत है उस स्थान से खनन किया जाना चाहिए और उसी स्थान से रायल्टी की रसीद जारी किया जाना चाहिए लेकिन खनन कार्य ग्राम साकलदेही झोली नंबर वन और दो, शिवसागर, लोनिया से किया जा रहा है जबकि यहां खनन की कोई अनुमति नहीं है। खदान कहीं और स्थित है और रायल्टी अन्य स्थानों की दी जा रही है। वहीं रेत नियम २०१९ के कारण राजस्व न्यायालय में सच्चे एवं झूठे मुकदमें की बाड़ आ गई है। खनिज ठेकेदार महंगी रेत का विक्रय सुनिश्चित करने के लिए पुलिस एवं राजस्व विभाग द्वारा खनिज अपराध के झूठे मुकदमों को दर्ज कर रहे हैं।

Devendra Karande Reporting
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