अल्प बारिश और कम धूप से बढ़ा सोयाबीन पर इल्लियों व पीला मोजेक का खतरा

अल्प बारिश और कम धूप से बढ़ा सोयाबीन पर इल्लियों व पीला मोजेक का खतरा

Pradeep Sahu | Publish: Sep, 05 2018 02:03:57 PM (IST) Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

सवा दो लाख हेक्टेयर में हुई बोबनी, फसलों की सुरक्षा के लिए निगरानी दल गठित

बैतूल. जिले में अल्पवर्षा की वजह से सवा दो लाख हेक्टेयर में बोई गई सोयाबीन की फसल पर इल्लियों का और पीला मोजेक बीमारी का खतरा मंडराने लगा है। हालांकि अभी इसका असर कुछ क्षेत्रों में ही नजर आ रहा है, लेकिन मौसम का मिजाज ऐसे ही बना रहा तो आने वालों दिनों में इल्लियां पूरी फसल को चट कर जाएंगी। शुरूआत दौर में इल्लियों का प्रकोप तेजी से बढऩे के कारण संचालनालय किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग भोपाल द्वारा जिला स्तर पर निगरानी दल गठित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसानों द्वारा बोई गई फसलों को कीट व्याधि के नुकसान से बचाया जा सके। इस दल में कृषि विश्वविद्यालय अनुसंधान केंद्रों के वैज्ञानिक एवं कृषि विभाग के अधिकारी शामिल किए गए हैं। यह दल तत्काल संबंधित विकासखंडों का भ्रमण कर कीट व्याधि नियंत्रण के लिए किसानों को आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करेगा साथ ही किए गए निरीक्षण की रिपोर्ट भी प्रस्तुत करेगा।

इस प्रकार रहेगा निगरानी दल- निगरानी दल में कृषि वैज्ञानिक बैतूलबाजार डॉ रिया ठाकुर एवं सहायक संचालक कृषि आरके द्विवेदी बैतूल, आमला, मुलताई, प्रभातपट्टन एवं घोड़ाडोंगरी क्षेत्रों का भ्रमण करेंगी। इसी प्रकार कृषि वैज्ञानिक बैतूलबाजार डॉ संजीव वर्मा एवं सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी भैंसदेही आरएस राजपूत शाहपुर, चिचोली, भैंसदेही, भीमपुर एवं आठनेर क्षेत्र का भ्रमण करेंगे। अनुविभागीय कृषि अधिकारी संबंधित अनुभाग के संबंधित अनुभाग में और वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी संबंधित विकासखंड में भ्रमण कर फसलों का निरीक्षण एवं मुआयना करेंगे।
सोयाबीन पर इल्लियों का कहर- जिले में सोयाबीन की बोवनी २ लाख ३० हजार हेक्टेयर क्षेत्र में हुई है, लेकिन अल्पवर्षा और मौसम में बदलाव की वजह से सोयाबीन की फसल पर इल्लियों का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। प्रभातपट्टन एवं मुलताई ब्लॉक के ग्रामीण अंचलों में सोयाबीन की फसल पर सबसे ज्यादा इल्लियों का प्रकोप देखने में नजर आ रहा है। कृषि वैज्ञानिकों की माने तो फसल को धूप कम मिल रही है जिसकी वजह से फसल में इल्लियों और पीला मोजेक बीमारी का प्रकोप बढ़ रहा है। किसानों को फसलों को बचाने की सलाह दी जा रही है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना था कि तेज बारिश होने से फसलों पर कीट व्याधि का प्रकोप कम हो जाता है लेकिन पिछले एक महीने से तेज बारिश नहीं हुई है। रिमझिम फुहार के कारण कीट व्याधि को बढऩे का मौका मिल रहा है।

कृषि विज्ञान केंद्र में बनाया गया कंट्रोल रूम- फसलों पर कीट व्याधि की सूचना देनेे के लिए कृषि विज्ञान केंद्र बैतूलबाजार में कंट्रोल रूम बनाया है जहां किसान सूचना दे सकते हैं। बताया कि कंट्रोल रूम में रोजाना किसानों के फोन भी पहुंच रहे हैं जो सोयाबीन पर इल्लियों के प्रकोप होने की बात कह रहे हैं। विकासखंड एवं ब्लॉक स्तर पर भी निगरानी दल का गठन कर दिया गया। है जो सूचना मिलते ही संबंधित किसान के खेतों में पहुंचकर फसलों का निरीक्षण करेगा।

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