तेज हवा और ओला वृष्टि के साथ हुई बारिश से फसलें हुई तबाह

रविवार तड़के हुई बारिश और ओलावृष्टि से जिले के लगभग एक सैकड़ा गांवों में हजारों हैक्टेयर की फसलें तबाह हो गई है। रात में दो से तीन बजे तक सारणी, रानीपुर ,शाहपुर, चोपना,बोरदेही, नरेरा और मुलताई के दुनावा में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई।

By: ghanshyam rathor

Published: 03 Mar 2019, 08:41 PM IST

बैतूल। रविवार तड़के हुई बारिश और ओलावृष्टि से जिले के लगभग एक सैकड़ा गांवों में हजारों हैक्टेयर की फसलें तबाह हो गई है। रात में दो से तीन बजे तक सारणी, रानीपुर ,शाहपुर, चोपना,बोरदेही, नरेरा और मुलताई के दुनावा में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। लगभग एक घंटे बारिश हुई। बेर और आंवले आकार तक के लगभग आधा घंटे ओले गिरे। तेज हवाओं के चलते खेतों में फसलें लेट गई। इधर सारणी के ग्राम सेमरताल में ओले की वजह से पक्षियों की मौत तक हो गई। शाहपुर में तेज हवाओं के कारण पेड़ धाराशायी हो गए। बिजली के खंभे भी गिर गए। जिससे रात भर बिजली गुल रही। शाहपुर क्षेत्र में तरबूज उत्पादक किसानों को भी तगड़ा नुकसान पहुंचा है। खरीफ सीजन में अल्पवर्षा की मार झेल चुके किसानों को अब रबी सीजन में ओलावृष्टि की दोहरी मार झेलना पड़ रही है। फसले तबाह होने से किसान की हालत फिर एक बार दयनीय हो गई है। रविवार सुबह ही अधिकारी खेतों में प्रभावित फसलों का सर्वे करने पहुंच गए थे। मौसम विभाग के अनुसार अभी छह मार्च तक हल्की बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। इधर बैतूल में भी बारिश की संभावना जताई जा रही थी। आसमान में दिन भर बादल छाए रहे।
आंधी तूफान से फसलों को नुकसान े
शाहपुर। रविवार तड़के 3 बजे आंधी-तूफान के बीच हुई बारिश के साथ गिरे ओलों ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। आंधी, तूफान व ओलावृष्टि से दो दर्जन गांवों में फसलों को नुकसान पहुंचा है। फसले आढ़ी हो गई है। लगभग आधा घंटे आवले आकार के ओले गिरे। तेज हवाओं से बिजली पोल गिरे है। बिजली के तारों पर पेड़ों पर गिर गए। विद्युत लाइन अस्त व्यस्त हो गई है जिसके चलते बिजली रात से गोल है। विभाग द्वारा लाइन मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। पुराने बस स्टैंड स्थित सुनील गुप्ता के प्रतिष्ठान पर नीम का पेड़ गिर गया जिससे दुकान टूट गई। रविवार सुबह से पटवारियों के द्वारा विभिन्न ग्राम के खेतों की फसल का मुआयना किया गया है। शाहपुर हल्का के पटवारी लक्ष्मी चंद चतुरकर ने बताया कि निरीक्षण के दौरान 10 से 15 प्रतिशत का फसल नुकसान हुआ है। डंगरा बाड़ी में भी नुकसान हुआ है। फल ओले की मार से फट गए है। तेज आंधी तूफान से लोगों के घरों की छत उड़ी
दुनावा में तेज बारिश के साथ ओले गिरे
मुलताई। दुनावा एवं आसपास के क्षेत्र सोनेगांव, सरई, खल्ला, घाट पिपरिया, दुनाई ,चिखली कला, मयावाड़ी,में रविवार सुबह 4.30 बजे आंधी तूफान के साथ तेज बारिश में आंवले के आकार के ओले गिरे। जिससे गेहूं चना सरसों की फसल नष्ट हो गई। बारिश के मौसम में कम बारिश होने के कारण वैसे ही रबी की फसल की औषत बोवनी कम हुई थी, जिससे किसान आम, महुआ एवं अचार की फसल के ऊपर आस लगाए बैठे थे लेकिन प्रकृति ने ओले वर्षा कर किसानों की आर्थिक स्थिति को और भी कमजोर कर दी। इस प्रकार किसानों पर प्रकृति की दोहरी मार पड़ रही है।

ghanshyam rathor Bureau Incharge
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