वेकोलि में बायोमेट्रिक मशीन होने के बाद भी रजिस्टर में लग रही है हाजिरी

नगरपालिका में भी धूल खा रही मशीन, पॉवर हाउस में चल रही है प्रक्रिया

कालीदास चौरासे. सारनी. केंद्र व राज्य सरकार भले ही डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने जोर दे रही हैं पर सरकारी संस्थान इसमें खास रुचि नहीं दिखा रहे। इसके प्रत्यक्ष प्रमाण औद्योगिक नगरी सारनी, पाथाखेड़ा में देखे जा सकते हैं। पाथाखेड़ा में वेस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड है। यहां बायोमेट्रिक अटेंडेंस के लिए बाकायदा मशीनें लगा रखी है। बावजूद इसके रजिस्टर में हाजिरी लगाई जा रही है। इससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं मप्र पॉवर जनरेटिंग कंपनी में आज भी रजिस्टर में हाजिरी लगाई जा रही है। इधर, नगरपालिका परिषद सारनी में वर्षों से बायोमेट्रिक मशीन तो लगी है, लेकिन खराब होना बताकर कोई भी कर्मचारी इसमें हाजिरी नहीं लगा रहे हैं। इतना ही नहीं, मशीन खराब होने पर उसकी सुध भी नहीं ली जा रही है जबकि डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने सरकार द्वारा सभी संस्थान में बायोमेट्रिक अनिवार्य की गई है। बायोमेट्रिक अटेंडेंस के आधार पर ही वेतन का भुगतान होना है, लेकिन इस ओर संस्थान के जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे।
नहीं बनेगी विवाद की स्थिति
शनिवार को नगरपालिका परिषद कार्यालय सारनी के अधिकारी, कर्मचारियों ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी के खिलाफ उन्हीं को तीन सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपकर कार्यशैली में सुधार लाने की मांग की थी।साथ ही तीन दिनों का समय भी दिया है।कार्यशैली में सुधार नहीं लाने पर काम बंद हड़ताल की चेतावनी भी नपा कर्मियों द्वारा दी गई है। नपा कर्मियों का कहना है कि सीएमओ द्वारा अवकाश के दिन भी कार्य पर बुलाया जाता है।अपशब्द कहे जाते हैं। वहीं सीएमओ का कहना है कि जरूरी कार्य लंबित रहने पर पूरा करना जरूरी है।बायोमेट्रिक मशीनें बंद होने से नपा कर्मी मनमर्जी से आते-जाते हैं। बायोमेट्रिक अटेंडेंस से पारदर्शिता बनी रहेगी।
हाजिरी लगाकर हो जाते हैं गायब
वेस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड पाथाखेड़ा क्षेत्र घाटे में जा रहा है। वजह भूमिगत खदानों से कोयला उत्पादन लागत अधिक होना है। साथ ही मेन पावर द्वारा पूरी ईमानदारी से कार्य नहीं करना है। प्रतिदिन 30त्न से अधिक मेनपावर अनुपस्थित रहता है। वहीं ऐसे भी लोग है जो खदान पर कार्य करने जाते तो जरूर है पर उपस्थिति दर्ज कराकर लौट आते हैं और कंपनी से पूरे दिन का वेतन पाते हैं। पाथाखेड़ा की खदानों में कई ऐसे कर्मचारी भी है जो भूमिगत खदान का भत्ता लेते हैं और कार्य सर्फेस में करते हैं जबकि शरीर से बिलकुल स्वस्थ्य है। इसकी जानकारी श्रम संगठनों को भी है। फिर भी विरोध दर्ज नहीं कर पा रहे।
रजिस्टर में हाजिरी से नहीं रहती पारदर्शिता
स रकारी संस्थान में यह बात सामने आती है कि अधिकारी, कर्मचारी मनमुताबिक काम करते हैं। कार्य स्थल से अक्सर नदारद रहते हैं। रजिस्टर में हाजिरी लगने से पारदर्शिता बिलकुल भी नहीं रहती। एक-एक सप्ताह तक कार्य स्थल से नदारद रहने के बावजूद रजिस्टर में हाजिरी पूरी दर्शा दी जाती है। ऐसा करने से प्रतिमाह सरकारी संस्थान या कंपनी को भारी नुकसान वहन करना पड़ रहा है।कार्य में पारदर्शिता और फर्जी हाजिरी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से ही बायोमेट्रिक मशीन से अटेंडेंस लगाने के निर्देश शासन द्वारा दिए गए हैं। बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारी रुचि नहीं ले रहे।
इनका कहना है
फिलहाल रजिस्टर में ही हाजिरी लगाई जा रही है। बायोमैट्रिक अटेंडेंस की प्रोसेस चल रही है। कब तक प्रक्रिया पूरी होगी। इसको लेकर कुछ नहीं कहा जा सकता।
अमित बंसोड़, पीआरओ सतपुड़ा पॉवर हाउस, सारनी

पारदर्शिता के लिए नगरपालिका में बायोमैट्रिक अटेंडेंस प्रारंभ की गई थी।साफ्टवेयर में प्रोब्लम की वजह से फिलहाल मशीन बंद है। समय रहते मशीनें चालू करने के निर्देश दिए हैं।
सीके मेश्राम, सीएमओ नगरपालिका सारनी

yashwant janoriya
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