चार दिन पहले हुई थी सेवानिवृत्त शिक्षक की हत्या, छुपाए गए साक्ष्य

चार दिन पहले हुई थी सेवानिवृत्त शिक्षक की हत्या, छुपाए गए साक्ष्य

Rakesh Kumar Malviya | Publish: Jul, 13 2018 02:36:56 PM (IST) Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

पुलिस ने परिजनों से की पूछताछ, शिक्षक की हत्या में पुलिस को बड़े बेटे पर शक, पीएम रिपोर्ट में होगा खुलासा

मुलताई. अंबेडकर वार्ड में सेवानिवृत्त शिक्षक के अपने ही घर के दीवान में मिले शव की जांच गुरूवार एफएसएल की टीम ने की। शव के पेट में दोनोंं ओर धारदार हथियार से वार के निशान हैं, जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि शिक्षक की बेरहमी से हत्या की गई है। शव क्षत-विक्षत होने से अन्य निशान नही दिख रहे हैं जिनका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगा। पुलिस के अनुसार फिलहाल शक की सुई मृतक के बड़े पुत्र पर घूम रही है, संदेह है कि बड़े पुत्र आनंद वर्मा की हत्या के दिन से ही गतिविधियां संदिग्ध बनी हुई है। पुलिस के अनुसार शिक्षक की हत्या 7 जुलाई को लगभग 11 बजे हुई है जिसके बाद दोपहर से आनंद लापता था जो लगभग चार दिन बाद 10 जुलाई की रात घर वापस आ गया जिसके बाद 11 जुलाई को परिजनों द्वारा शिक्षक के लापता होने की सूचना दी गई। हत्या क्योंं की गई, कैसे की गई तथा इसके पीछे क्या कारण है इस संबन्ध में पुलिस आनंद वर्मा सहित अन्य परिजनों से पूछताछ कर रही है। पुलिस फिलहाल पीएम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है जिसके मिलते ही पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। फिलहाल पुलिस के लिए भी अभी पूरा प्रकरण पहेली बना हुआ है इसलिए एक-एक पहलू पर पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा होगा।

हत्या कर छिपाए गए साक्ष्य
हत्या के संबन्ध में थाना प्रभारी आरएस चौहान ने बताया कि हत्या सुनियोजित तरीके से की गई है। शव पांच से छ: दिन पुराना होने से सड़ चुका था लेकिन पेट में धारदार हथियार से किए गए वार के निशान साफ नजर आ रहे थे। हत्यारे द्वारा पहले धारदार हथियार से हत्या कर घटना स्थल से खून साफ किया गया, उसके बाद शव को कपड़े से बांधकर दीवान के अंदर रखा गया जिसके उपर सलीके से बिस्तर बिछा दिया गया। थाना प्रभारी के अनुसार संभवत: हत्या के लिए प्रयुक्त हथियार को भी कहीं छिपाया गया है साथ ही हत्या के समय यदि कपड़ों पर खून के छींटे पड़े हो तो वह कपड़े भी छिपा दिए गए जिससे साफ है कि हत्यारे द्वारा हत्या करने के बाद साक्ष्य छिपाने का पूरा प्रयास किया गया है। पूरे मामले में एक ओर खुलासा थाना प्रभारी ने करते हुए बताया कि घटना के दिन से ही आनंद घर से गायब था जो 10 जुलाई की रात्री आया। आनंद के आने के बाद ही दीवान से रिसते शव के खून मिश्रित पानी पर भी गेंहू डालकर उन्हे छिपाने की कोशिश की गई।

शिक्षक की स्कूटी लेकर गया था पुत्र लेकिन आया बिना स्कूटी के
थाना प्रभारी चौहान ने बताया कि 7 जुलाई को आनंद वर्मा उनके मृतक पिता की स्कूटी लेकर कहीं चला गया था लेकिन बिना स्कूटी के वापस आया। पुलिस द्वारा पूछताछ करने के बावजूद आनंद ने नही बताया कि स्कूटी कहां है। थाना प्रभारी के अनुसार आनंद की गतिविधियां संदिग्ध है इसलिए गहनता से पूछताछ की जा रही है जिसके बाद ही कुछ खुलासा होगा।

हत्या की परिजनों को नही खबर
पूरे मामले में आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि 7 जुलाई को सेवानिवृत्त शिक्षक की धारदार हथियार से बेरहमी से हत्या कर दी गई जिसमें अपने बचाव के लिए शिक्षक द्वारा चीख-पुकार करके जिन्दगी के लिए जद्देाजहद भी की गई होगी लेकिन नीचे उनकी पत्नी एवं छोटे पुत्र को इसकी कानोकान खबर नही हुई। इसके बाद शिक्षक पिता के ही साथ दूसरे तल पर रहने वाला आनंद घर से बिना बताए कहीं चला गया लेकिन परिजनों को इसकी खबर भी नही लगी। घर में शव लगभग पांच दिनों तक पड़ा जिसकी बदबू मोहल्ले के अन्य लोगों को आने लगी लेकिन इसके बावजूद घरवालोंं को बदबू नही आई जिससे पूरा मामला संदिग्ध हो गया है। बताया जा रहा है शिक्षक के लापता होने की सूचना उनके द्वारा थाने में दी गई जिसके बाद पुलिस ने घर पहुंचकर जांच की तब शिक्षक का शव दीवान में होने का पता चला। फिलहाल पुलिस द्वारा हत्या के दिन से अभी तक की कडिय़ां जोडक़र जांच की जा रही है तथा परिजनों से पूछताछ जारी है जिसके बाद ही पूरा मामला साफ होगा।

MP/CG लाइव टीवी

Ad Block is Banned