scriptGarbage heaps, drains also choked in the city | शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर, नालियां भी चोक | Patrika News

शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर, नालियां भी चोक

स्वच्छता का दावा खोखला, शहरवासी सफाई व्यवस्था से संतुष्ट नहीं

बेतुल

Published: March 26, 2022 12:30:26 am

आमला. स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 की तैयारियां शुरू हो गईं। हमारा शहर कितना स्वच्छ और सुंदर है, इसका आंकलन करने स्वच्छता सर्वेक्षण टीम आने वाली है। वह कभी भी आ सकती है। सर्वे में इस बार सबसे ज्यादा अंक शहर के लोगों के फीडबैक पर हैं, यानी लोग खुश तो ही नंबर एक रह पाएंगे। ऐसे में नालियों में बजबजा रही गंदगी व कचरों के ढेर शहर को पीछे कर सकते हैं। ऐसा हम नहीं कह रहे हैं बल्कि शहर के हालात बयां कर रहे हैं। न केवल आउटर बल्कि शहर के वार्डो में कचरे के ढेर लगे पडे हैं। नालियों की सफाई नहीं हो रही। नालियां गंदगी से बजबजा रही है। बदबू से लोग परेशान है, तो वहीं स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 में बेहतर रेंकिग के प्रयासों को लेकर नगरपालिका अधिकारी की ओर से बड़ी-बड़ी बातें की जा रही हैं, लेकिन यह कार्रवाई केवल कागजी साबित हो रही है। वार्ड नंबर 10 झुग्गी झोपड़ी एरिया, मंगल भवन क्षेत्र में सफाई नियमित नहीं होती। जबकि वार्ड क्रमांक 8 महारानी लक्ष्मी बाई वार्ड में नाली कचरे से पट गई है। सफाई कर्मचारी भी सफाई के बाद नालियों का कचरा किनारे ही छोड़ देते है और कई दिनों तक यह कचरा यथावत रहता है। जिससे लोगों को तेज बदबू का सामना करना पड़ता है।
नपा नहीं लेती शहरवासियों से फीडबैक
शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर नपा में लंबी-चौड़ी सफाई कर्मचारियों की फौज है और कचरा उठाने संसाधन भी उपलब्ध है, लेकिन नगरपालिका अधिकारी सफाई व्यवस्था को लेकर कभी फीडबैक नहीं लेते, जबकि सफाई व्यवस्था से शहरवासी बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हैं। इंटरनेट मीडिया पर शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर तरह-तरह के कमेंट किए जा रहे हैं। यहां तक कहा जा रहा है कि यदि ईमानदारी से फीडबैक दी जाए तो स्वच्छ सर्वेक्षण में पिछडऩा तय है। क्योंकि कई वार्डो में कचरे के ढेर और नालियां बजबजा रही है।
वार्डों में न नियमित सफाई न कचरा कलेक्शन
शहर के वार्डों में सफाई और कचरा कलेक्शन भी नियमित नहीं हो रहा है। लोगों को खुद ही सफाई करानी पड़ रही है। कचरा कलेक्शन का भी काम सहीं ढंग से नहीं होता है। इस कारण कचरे के ढेर लगे हुए हैं। इसी तरह शहर के वार्डो में कचरा कलेक्शन न होने से कचरा सडक पर ही पडा रहता है, जिसे नपा द्वारा एक बार ही कलेक्ट कराया जाता है। ऐसे में गंदगी फैली पड़ी रहती है। इधर कचरा कलेक्शन के वक्त भी अटेंडर ध्यान नहीं देते। जिसकी वजह से लोग गीला-सूखा कचरा एक साथ ही डाल देते है। यह कचरा सीधे ट्रेचिंग ग्राउंड में डंप कर दिया जाता है।
सफाई में यहां सुधार की जरूरत
शहर में अभी भी साफ-सफाई व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। जनसेवा कल्याण समिति आमला के अमित यादव का कहना है कि कचरा कलेक्शन के वक्त घरों से गीला-सूखा कचरा अलग अलग नहीं मिल रहा, लोग आज भी जागरूक नहीं है। नाली- नालों की सफाई में भी नगरपालिका पीछे है। शहर में 40 प्रतिशत से अधिक नालियों की सफाई नहीं हो रही है। सडक़ों पर नाली का पानी बह रहा है। कचरे के ढेर हैं। इससे शहर में हमेशा गंदगी भरा वातावरण बना रहता है। नपा कर्मचारी भी सुबह-शाम मुख्य स्थानों की सफाई करके कार्य की इतिश्री कर लेते है।
क्या कहते है शहरवासी -
नगरपालिका कर्मचारी केवल मुख्य बाजार और मार्केट में सफाई कर देते है। बाकी स्थानों पर सफाई व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है। शाम के समय तो केवल सफाई के नाम पर कार्य की इतिश्री कर ली जाती है और व्हाटसअप पर फोटो डाल देते है। सफाई व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए।
- राजेन्द्र उपाध्याय, वरिष्ठ अधिवक्ता आमला।

आमला के क्षेत्रफल के हिसाब से नगरपालिका में सफाई कर्मचारी नहीं है और कुछ परमानेंट सफाई कर्मचारी दूसरे विभाग में कार्यरत है, इसीलिए नगर में साफ सफाई की सुचारू व्यवस्था नहीं हो पाती है। नगरपालिका को कर्मचारियों की नियुक्ति करने की जरूरत है। जितने रिकॉर्ड में कर्मचारी है उनमें से सभी लोग ड्यूटी पर नहीं आते हैं। इस वजह से भी सफाई व्यवस्था नहीं हो पाती है।
- विजय अतुलकर, पूर्व पार्षद

नगरपालिका द्वारा शहर में साफ सफाई का दिखावा किया जा रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण के नाम पर रेकिंग लेने के लिए रात्रि में जो सफाई की जा रही है, वह दिखावा है जबकि नालियों की सफाई महीनों से नहीं की जा रही है। जमीनी स्तर पर साफ सफाई बिल्कुल भी नहीं हो रही है।
- आसिफ मेमन, व्यापारी

नगरपालिका आमला इस समय साफ सफाई पर पूरा ध्यान दे रही है। हमारे सफाई मित्र पूरी लगन और ईमानदारी से शहर की साफ सफाई करते हैं। वह सभी धन्यवाद के पात्र हैं। कुछ जगह नालियां साफ नहीं हो पा रही हैं। थोड़ा ध्यान देने की जरूरत है।
- अनिल सोनी, अध्यक्ष प्रगतिशील व्यापारी संघ आमला

नपा स्वच्छ भारत अभियान के तहत काम तो कर रही है और थोड़ा और मार्गदर्शन की आवश्यकता है। सफाई कर्मचारी बहुत कचरा नालियों में डाल देते हैं या फिर कही भी कार्नर पर इकठ्ठा कर देते हैं। वह हवा से फैल जाता है। मुख्य नगरपालिका अधिकारी को चाहिए कि वह अचानक किसी भी वार्ड में निरीक्षण के लिए सप्ताह में 1-2 दिन जाए और साफ सफाई कार्य को देखे वस्तुस्थिति स्वत: सामने आ जाएंगे।
- संजय जैन, प्रतिष्ठित व्यापारी

- स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर नगरपालिका के प्रयास जारी है। नपा के सफाईकर्मी भी प्राय: सफाई को लेकर मुस्तैद दिखते है, परन्तु सीमित सफाईकर्मी एवं सफाई के सीमित साधनों के चलते आमला में सफाई अभियान काफी पिछड़ रहा है। अगर आमला नगरपालिका भी अन्य शहरों की भांति आधुनिक उपकरणों से लैस होकर सफाई के लिए आगे बढे तो सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग पाई जा सकती है।
- अमित यादव, जनसेवा कल्याण समिति।
इनका कहना
साफ सफाई में हम लोग बेहतर से बहेतर काम कर रहे है। स्वच्छ सर्वेक्षण की टीम आने वाली है। इसकी पूरी तैयारी की गई है, फिर भी कोई शिकायत आती है तो तत्काल ही कार्रवाई की जाएगी।
- नीरज श्रीवास्तव, सीएमओ आमला
नालियां कवर्ड नहीं होने से खुले में फैल रही गंदगी
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