पढ़े, लॉक डाउन में भगवान भी कैद, भक्तों ने मंदिर के बाहर से की पूजा

लॉक डाउन के चलते रामनवमीं पर गुरुवार को शहर में कोई बड़े धार्मिक आयोजन नहीं हो सके, क्योंकि जिला प्रशासन पहले ही सार्वजनिक धार्मिक आयोजन, पूजन, भंडारे आदि की अनुमति दिए जाने पर रोक लगा चुका है। इस स्थिति के चलते लोगों को घरों में ही भगवान की पूजा अर्चना करना पड़ी।

By: Devendra Karande

Published: 03 Apr 2020, 05:03 AM IST

बैतूल। लॉक डाउन के चलते रामनवमीं पर गुरुवार को शहर में कोई बड़े धार्मिक आयोजन नहीं हो सके, क्योंकि जिला प्रशासन पहले ही सार्वजनिक धार्मिक आयोजन, पूजन, भंडारे आदि की अनुमति दिए जाने पर रोक लगा चुका है। इस स्थिति के चलते लोगों को घरों में ही भगवान की पूजा अर्चना करना पड़ी। हालांकि कुछ महिलाएं मंदिरों पर भी पूजा-अर्चना के लिए पहुंची थी लेकिन मंदिर में चैनल गेट में ताला लगा होने पर महिलाओं ने बाहर से ही भगवान की पूजा- अर्चना कर लौट गई। यह पहला मौका है जब कोरोना वायरस की दहशत के चलते लोग भगवान के दर्शन के लिए मंदिर नहीं जा सके। हालांकि कुछ मंदिरों में पुजारियों द्वारा स्वयं ही भगवान की पूजा-अर्चना की गई।
रामनवमी पर घर-घर जले दीप
बैतूल। रामनवमी पर लॉक डाउन के चलते जहां मंदिरों में ताले लगे थे। वहीं लोगों ने घरों पर ही रामनवमी का पर्व मनाया। शाम को रामनवमी के उपलक्ष्य में हिंदू परिवार के लोगों ने अपने घरों के सामने पांच-पांच दीपक भी जलाए। घरों के सामने दीप प्रज्जवलित होने पर शहर में दीपोत्सव जैसा नजारा देखने को मिला। लोगों ने अपने घरों में ही रहकर राम जन्मोत्सव मनाया।
रामनवमी पर घर-घर हुए गायत्री यज्ञ
अखिल विश्व गायत्री परिवार के जिला समन्वय समिति के तत्वावधान में आज राम नवमी पर्व मनाया। गायत्री परिवार के जिला समन्वयक डॉ कैलाश वर्मा व प्रवक्ता रविशंकर पारखे ने बताया कि गायत्री परिवार के साधक जिन्होंने नव दिवसीय अनुष्ठान किया है उसकी पुर्णाहुति अपने घर पर ही सुबह 10 बजे से की। इसमे विश्व शांति आपदा निवारण के लिए गायत्री मंत्र व महामृत्युंजय मंत्र की आहुति दी गई। आहुति में घी, गुड, कपूर, हल्दी मिलाकर आहुति अर्पित की। जिला सह समन्वयक टीके चौधरी ने बताया कि गायत्री प्रज्ञापीठों व शक्तिपीठों मे कोई सामूहिक आयोजन नहीं हुए। शासन प्रशासन के निर्देशानुसार सबने अपने घरों मे रहकर यज्ञ व पूजन किया। रामनवमी के पावन अवसर पर शाम को 6:30 बजे 9 दीपक जलाकर सुख शांति की प्रार्थना की। उपजोन प्रभारी दीपक मालवीय ने भंडारे व कन्या भोज की राशि आपदा राहत कोष में भेजने का अनुरोध किया है व कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए स्वच्छता का ध्यान रखें, गरम पानी पीने, बार बार साबुन से हाथ धोये, 1 मीटर दूरी पर बातचीत करने का अनुरोध किया है। डॉ कैलाश वर्मा ने गायत्री परिवार व सभी से घर मे रहकर पूजन पाठ ध्यान, जप, यज्ञ व योग करने का आग्रह किया जिससे सभी स्वस्थ व निरोग रह सके।

Devendra Karande Reporting
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