रेल अधिकारियों के मनमानी के कारण नहीं बना जीआरपी थाना

जीआरपी द्वारा रेलवे परिसर में थाने संचालन करने के लिए कक्ष की वर्षो से मांग की जा रही है, लेकिन रेलवे के अधिकारी जीआरपी की इस मांग को अनदेखी कर रहे है।

By: ghanshyam rathor

Published: 03 Mar 2019, 09:11 PM IST


बैतूल। स्टेशन पर जीआरपी द्वारा संचालित चौकी को थाने के रूप में उन्नयन करने को लेकर जीआरपी द्वारा वर्षो से प्रयास किया जा रहा है, लेकिन रेलवे के अधिकारियों के मनमानी के चलते जीआरपी चौकी को थाने के रूप में उन्नयन नहीं हो पा रहा है। जीआरपी द्वारा रेलवे परिसर में थाने संचालन करने के लिए कक्ष की वर्षो से मांग की जा रही है, लेकिन रेलवे के अधिकारी जीआरपी की इस मांग को अनदेखी कर रहे है। जिसके चलते खस्ताहाल चौकी में जीआरपी को काम करने को मजबूर होना पड़ रहा है। जीआरपी थाना आमला होने के कारण जीआरपी को द्वारा पकड़े गए आरोपी को पहले आमला ले जाना पड़ता है। कारवाई करने के बाद में कोर्ट में पेश करने के लिए बैतूल लाना पड़ता है। ऐसे में जीआरपी का अधिक समय खराब होता है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि आमला में प्रतिदिन करीब २५ ट्रेनें रूकती है। पाडुरर्णा में करीब ३० ट्रेने रूकती है। बैतूल में प्रतिदिन करीब ४० ट्रेने रूकती है। बैतूल में अधिक ट्रेने रूकने के कारण यहा पर जीआरपी को अधिक बल की आवश्यकता है।
जीएम और आरपीएफ आईजी ने दिया था आश्वासन
जीआरपी उच्च अधिकारियों ने आरपीएफ आईजी मुंबई और रेलवे जीएम से भी स्टेशन परिसर में थाना संचालन के लिए कक्ष की मांग की थी। जीएम और आरपीएफ आईजी ने बैतूल स्टेशन पर जीआरपी थाने के लिए कक्ष आवंटित करने का भरोसा दिया था, लेकिन महिनों बीत जाने के बाद भी कक्ष आवंटन को लेकर कोई कारवाई नहीं हो पाई है। जीआरपी की ओर से रेलवे स्टेशन पर थाने के संचालन के लिए एक नंबर प्लेटफार्म पर कक्ष की मांग की थी, जिससे की जल्द से जल्द जीआरपी चौकी को थाने के रूप में उन्नयन किया जा सके।
२५६ किमी की क्षेत्र में फैली है सीमा
आमला जीआरपी थाना क्षेत्र की सीमा २५६ किमी के एरिया में फैली हुई है। आमला थाने से इटारसी की ओर पोलापत्थर स्टेशन तक ९१ किमी की दूरी है। वहीं दाडिमेंढ़ा पाडुरर्णा की ओर ७२ किमी और छिंदवाड़ा की ओर गागीवाडा स्टेशन तक ९३ किमी तक जीआरपी थाना क्षेत्र आता है। थानाक्षेत्र की सुरक्षा के लिए जीआरपी आमला में थाना प्रभारी सहित ५५ पद स्वीकृत है। जिसमें से २९ पद भरे हुए है। २४ पद रिक्त पड़े है। थाना क्षेत्र में तीन चौकियां है। जिसमें बैतूल, पाडुरर्णा और घोड़ाडोंगरी शामिल है।
इनका कहना
आमला और पाडुरर्णा स्टेशन से अधिक ट्रेने बैतूल स्टेशन रूकती है। हमारे द्वारा बैतूल स्टेशन पर थाना बनाने के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत कराया है। प्रयास कर रहे है।
अजय सेंगर, जीआरपी डीएसपी रेल, इटारसी

ghanshyam rathor Bureau Incharge
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