पढ़े, कैसे भीलवाड़ा की तर्ज पर भैंसदेही में जीती कोरोना से जंग

देश में लॉक डाउन लगने के १४ दिन बाद जिले में पहला कोरोना पॉजीटिव मरीज का केस भैंसदेही में सामने आया था। जिससे जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया था, लेकिन भैंसदेही एसडीएम ने सूझबूझ दिखाते हुए भीलवाड़ा मॉडल की तर्ज पर तत्काल कोरोना से निपटने के इंतजाम किए गए। इसमें उनका साथ क्षेत्र की जनता ने सोशल डिस्टेंसिंग एवं घरों से बाहर न निकलकर निभाया।

By: Devendra Karande

Published: 18 Apr 2020, 05:04 AM IST

बैतूल। देश में लॉक डाउन लगने के १४ दिन बाद जिले में पहला कोरोना पॉजीटिव मरीज का केस भैंसदेही में सामने आया था। जिससे जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया था, लेकिन भैंसदेही एसडीएम ने सूझबूझ दिखाते हुए भीलवाड़ा मॉडल की तर्ज पर तत्काल कोरोना से निपटने के इंतजाम किए गए। इसमें उनका साथ क्षेत्र की जनता ने सोशल डिस्टेंसिंग एवं घरों से बाहर न निकलकर निभाया। तत्काल भैंसदेही क्षेत्र को सील कर कफ्र्यू पूरी तरह से लगा दिया गया और वार्ड क्रमांक १४ एवं १५ जहां मरीज रहता था उसे तीन बार सेनेटाइज कराया गया। अन्य वार्डों को भी दो बार सेनेटाइज कराया गया। स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों के अमले ने डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग का काम शुरू करा दिया था। जिससे काफी हद तक कोरोना के संक्रमण को फैलने से क्षेत्र एवं जिले में रोका जा सका। लॉक डाउन का दूसरा चरण शुरू होने के बाद भी भैंसदेही में पॉजीटिव केस की संख्या एक से ऊपर नहीं बढ़ पाई है। वहीं जिले में भी स्थिति नियंत्रण में होना बताई जाती है। जिससे अब प्रशासन ने ढील भी देना शुरू कर दिया है।
लॉक डाउन की सख्ती से नहीं बिगड़े हालात
भैंसदेही एसडीएम आरएस बघेल बताते हैं कि कोरोना संक्रमण नहीं फैलने का सबसे बड़ा कारण क्षेत्र में लॉक डाउन का सख्ती से पालन करना है। वे इसका श्रेय कोरोना पॉजीटिव मरीज को भी देते हैं जो ३१ मार्च को नागपुर सेे लौटा था और स्वयं घर में क्वारंटाइन हो गया था। जिससे कि वह अन्य किसी के संपर्क में नहीं आया।जिससे कोरोना की चेन को बनने से रोका जा सका। पूरे जिले में इसी तरह से लॉक डाउन का प्रशासन एवं पुलिस ने सख्ती से पालन कराया। कुछ जगहों पर लोगों द्वारा कानून तोड़े जाने उनसे सख्ती से निपटा गया। भैंसदेही को छोड़कर अन्य ब्लॉकों में कोई भी कोरोना पॉजीटिव केस सामने नहीं आया है। हालांकि हॉस्पिटल में आयसोलेशन में भर्ती मरीजों की संख्या पांच है।
भीलवाड़ा मॉडल की तर्ज पर कोरोना के निपटने के इंतजाम
एसडीएम बघेल ने बताया कि जैसे ही कोरोना की जांच रिपोर्ट पॉजीटिव आई तो तत्काल हमें पूरे क्षेत्र को सील कर कफ्र्यू लगा दिया। तीन दिनों तक किसी प्रकार की ढील नहीं दी गई।यहां तक की दूध, सब्जी, किराना को भी बंद करा दिया गया। हालांकि लॉक डाउन लगने के दौरान ही बार्डर को सील कर दिया था। जिससे ज्यादा लोगों की आमद नहीं हो सकी। हमनें पूरे क्षेत्र को दो से तीन बार सेनेटाइज कराया। एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पटवारी एवं आरआई की मदद से पूरे क्षेत्र में ४ हजार २९४ घरों का सर्वे कराया और २० हजार २८५ लोगों की स्क्रीनिंग कराई गई। विकासखंड से कुल ३४ लोगों के सेम्पल लिए गए। जिले के बाहर से आने वाले लोगों को बार्डर पर ही रोककर उन्हें क्वारंटाइन में रखा गया।
इस वजह से भैंसदेही में कोरोना को फैलने से रोका जा सका
१. पूरे नगर में सेनेटाइजर का दो से तीन बार स्प्रे कराया गया।
२. कोरोना पॉजीटिव पेशेंट एवं उनके परिजनों को तत्काल क्वारंटाइन कर दिया गया।
३. कोरोना पॉजीटिव के संपर्क में आने लोगों की सूची तैयार कर उन्हें तत्काल होम आयसोलेशन एवं क्वारंटाइन किया गया।
४. भैंसदेही नगर के प्रत्येेक लोगों की स्क्रीनिंग कराई गई।
५. वार्ड क्रमांक १४ एवं १५ को पूरी तरह से सील कर कफ्र्यू लगा दिया गया।
६. स्वास्थ्य विभाग के अमले ने डोर-टू-डोर जाकर स्क्रीङ्क्षनग का काम किया।
७. पुलिस प्रशासन द्वारा चौक- चौराहों सहित वार्डों में गश्त बढ़ा दी गई। लोगों का घरों से निकलना पूरी तरह बंद करा दिया।

Devendra Karande Reporting
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