पढि़ए, 8 सालों में कैसे 5 साल पिछड़ गया बारिश का औसत

पढि़ए, 8 सालों में कैसे 5 साल पिछड़ गया बारिश का औसत
rain

Ghanshyam Rathore | Publish: Jun, 08 2019 05:04:03 AM (IST) Betul, Betul, Madhya Pradesh, India

बीते आठ सालों में बारिश के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो जिले में पांच साल औसत १०८४ मिमी से कम बारिश दर्ज हुई है। जबकि तीन साल औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है। वर्ष २०१६ में ११५३.१ मिमी बारिश दर्ज की गई थी जो औसत से ७० मिमी ज्यादा थी। व

बैतूल। मौसम विभाग द्वारा प्रदेश में मानसून के सामान्य रहने की संभावना जताए जाने के बाद जिले में बारिश को लेकर चिंता और मंथन का दौर शुरू हो गया है, क्योंकि बीते दो सालों से लगातार अल्पवर्षा के चलते जिले में सूखे के हालात निर्मित हो गए हैं। बीते आठ सालों में बारिश के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो जिले में पांच साल औसत १०८४ मिमी से कम बारिश दर्ज हुई है। जबकि तीन साल औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है। वर्ष २०१६ में ११५३.१ मिमी बारिश दर्ज की गई थी जो औसत से ७० मिमी ज्यादा थी। वहीं पिछले साल २०१८ में ६१६ मिमी बारिश दर्ज की गई थी जो औसत से ४६८ मिमी कम थी। जिसके कारण इस साल ग्रामीण क्षेत्रों में भीषण जलसंकट के हालात बने हुए हैं। ४५ डिग्री तापमान में लोगों को पानी के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है।
बैतूल में २०१४ में हुई थी औसत बारिश
बैतूल में बीते चार सालों से औसत के बराबर बारिश दर्ज नहीं हुई है। बीते दो साल में बारिश का आंकड़ा ५१५.४ मिमी पर पहुंच गया है। जबकि बैतूल में २०१३ में सर्वाधिक १८४३.१ मिमी बारिश दर्ज की गई थी। इसके बाद से ही बारिश का आंकड़ा लगातार नीचे गिरता गया है। वर्ष २०१४ में १०५४.६ मिमी, २०१५ में ९४४.८ मिमी, २०१६ में ९९६.८ मिमी, २०१७ में ७६०.२ मिमी और २०१८ में ५१५.४ मिमी बारिश दर्ज की गई। वर्ष २०१२ से २०१४ तक बैतूल में बारिश का दौर काफी अच्छा रहा। एक हजार मिमी से ऊपर बारिश दर्ज की गई लेकिन उसके बाद से यह रफ्तार धीरे-धीरे कम होते जा रही है।
छह सालों में प्रभातपट्टन में ११२७ मिमी बारिश की गिरावट
बारिश के मामले में सबसे खराब स्थिति प्रभातपट्टन ब्लॉक रही है यहां वर्ष २०१२ में १४९३.७ मिमी बारिश दर्ज की गई थी। जबकि वर्ष २०१८ में बारिश का आंकड़ा ३६६.२ मिमी पर ही सिमट गया। यानि बीते छह सालों में ११२७.५ मिमी की कमी आई है। वहीं बारिश को लेकर जिले के अन्य तीन ब्लॉकों की स्थिति भी बिगड़ी हुई है। बीते दो सालों के बारिश के आंकड़ों का अध्ययन करें तो वर्ष २०१७ में मुलताई में ५५७.२ मिमी, आमला में ७६०.० मिमी एवं आठनेर में ६५८.६ मिमी बारिश दर्ज की गई थी। वहीं वर्ष २०१८ में मुलताई में ५६१.० मिमी, आमला में ५४३.० मिमी, एवं आठनेर में ५६८.६ मिमी बारिश दर्ज की गई जबकि वर्ष २०१२ एवं २०१३ में इन ब्लॉकों में बारिश का आंकड़ा १००० मिमी से ऊपर रहा था।
सामान्य मानसून की भविष्यवाणी ने बढ़ाई चिंता
मौसम विभाग ने मानसून के केरल पहुंचने से पहले ही प्रदेश में सामान्य बारिश होने की संभावना जता दी हैं। जिस तरह जून में भीषण गर्मी का दौर जारी है उससे इस संभावना को बल मिल रहा है, क्योंकि अभी तक प्री मानसून ने भी दस्तक नहीं दी है और नौतपे के बाद तापमान में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। शुक्रवार को अधिकत तापमान ४४.७ डिग्री दर्ज किया गया। बीते दस दिनों से तापमान ४३ डिग्री से ऊपर चल रहा है। ऐसे में भीषण गर्मी और सूखे के हालात ने लोगों की परेशानियों का दोगुना कर दिया है। ऊपर से मानसून के कमजोर और सामान्य रहने की भविष्यवाणी अभी से लोगों को परेशान किए हुए हैं।
बॉक्स
दो साल बारिश नहीं होने से पीनी का संकट ऐसा कि चलना पड़ता है मीलो
खबर फोटो ०१, ०२,०३, ०४ एवं ०५ कैप्शन बैतूल। ग्राम आमापठार के ग्रामीणों को पानी के लिए करना पड़ रहा संघर्ष
बैतूल। भीमपुर ब्लॉक के आदिवासी बाहुल्य ग्राम आमापठार में पीने के पानी को लेकर ग्रामीणों को कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है। पूरा गांव तीन किमी दूर स्थित एक कुएं पर पानी के लिए निर्भर है। महिलाएं, पुरुष और बच्चे सभी सुबह से पानी के लिए कुएं पर निकल पड़ते हैं। पानी को लेकर यह स्थिति अल्पवर्षा की वजह से बनी है, क्योंकि बीते दो सालों में इस ब्लॉक में औसत से कम बारिश हुई है। वर्ष २०१८ में जहां ८२४.६ मिमी बारिश दर्ज की गई थी। वहीं वर्ष २०१७ में ७७१.८ मिमी बारिश हुई थी। जबकि बीते पांच साल लगातार यहां बारिश का औसत हजार मिमी से ऊपर रहा है। इसके अलावा शाहपुर ब्लॉक के ग्राम गोलई में ग्रामीणों को नदी के अंदर रेत में गड्ढा खोदकर पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों की यह तस्वीरें सोचने पर मजबूर करती है कि पानी के व्यर्थ अपव्यय को रोका जाए अन्यथा यह हालात शहर में भी नजर आएंगे।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned