नदीं में बहा दिए जनधन खातों के सैकड़ों एटीएम कार्ड

जनधन के खाते खोलने के बाद गरीबों को दिए जाने वाले लिफाफा पैक एटीएम कार्ड नदी में बहाए जाने का मामला सामने आया है। एटीएम कार्डों को चार बोरियों में ारकर फेंका गया था। लगभग एक हजार कार्ड बताए जा रहे हैं।

By: Devendra Karande

Published: 02 Sep 2020, 04:03 AM IST

भीमपुर/नांदा। जनधन के खाते खोलने के बाद गरीबों को दिए जाने वाले लिफाफा पैक एटीएम कार्ड नदी में बहाए जाने का मामला सामने आया है। एटीएम कार्डों को चार बोरियों में ारकर फेंका गया था। लगभग एक हजार कार्ड बताए जा रहे हैं। कियोस्क सेंटर संचालक द्वारा कार्ड फेंकने की बात सामने आई है। हालांकि इस मामले में अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
भीमपुर में बजरंग मंदिर नदी की बड़ी पुलिया में मंगलवार सुबह ग्रामीणों को एटीएम कार्ड दिखाए दिए। कार्ड नदी में बिखरे हुए थे। ग्रामीण मौके से थोड़े आगे बढ़े तो देखा कि तीन और बोरिया पड़ी हुई थी,जिसमें भी एटीएम भरे हुए थे। बोरियों को बांधकर फेंका गया था। एक बोरी खुल जाने की वजह से एटीएम नदी में यहां-वहां फेंका गए थे। यह सूचना बैंक के कर्मचारियों तक पहुंची तो उनके द्वारा पुलिस की मौजूदगी मेंं एटीएम उठाकर ले गए हैं। एटीएम सेंट्रल बैंक भीमपुर के हैं और जनधन के तहत खोले गए खाता धारकों को इसका वितरण किया जाना था। बैंक अधिकारी मामले को दबाने का प्रयास कर रहे हैं।
कियोस्क सेंटर संचालक ने फेंके एटीएम
एटीएम क्षेत्र के ही कियोस्क सेंटर संचालक द्वारा फेंकने की बात कही जा रही है। बैंक के कर्मचारी दयाराम सोलंकी ने बताया कि कियोस्क संचालक को एटीएम कार्ड जनधन के खाता धारक को बांटने के लिए दिए गए थे। वही इस संबंध में बैंक प्रबंधक राहुल रैकवार से चर्चा की तो उन्होंने छुट्टी का हवाला देकर मामले को टाल दिया।
कमीशन का खेल
सूत्रों के मुताबिक कियोस्क सेंटर संचालक द्वारा इन कार्डों को नहीं बांटने के पीछे कमीशन का खेल नजर आ रहा है। बताया जा रहा है खाता धारक को एटीएम मिल जाता तो वह इससे लेन-देन कर लेता। एटीएम नहीं होने से खाताधारक को कियोस्क सेंटर संचालक के पास जाना पड़ता है। एक बार लेन-देन करने पर संचालक को तीन रुपए कमीशन मिलता है।

Devendra Karande Reporting
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