अगर आप भी एक जीएसटी नंबर पर दो दुकानें करते है संचालित तो जरूर पढ़े ये खबर

आपकी दुकान पर भी मार सकती है जीएसटी की टीम छापा

भैंसदेही। जीएसटी आने के बाद अब हर दुकानदारो पर नजर रखी जा रही है कि वह जीएसटी नंबर का सही उपयोग कर रहे हैं या नही। ठीक ऐसा ही एक मामला हुआ भैसदेही में जब एक मोबाइल दुकान पर जीएसटी की टीम ने छापामार कार्रवाई की। बता दें कि राज्य कर स्टेट जीएसटी की टीम द्वारा मंगलवार को मेसर्स बॉम्बे मोबाइल शॉप पर अचानक छापामार कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान लगभग सत्रह अधिकारियों की संयुक्त टीम भैंसदेही पहुंची थी। तीन टीमों ने एक साथ उक्त फर्म की तीनों प्रतिष्ठानों पर जांच कर दुकानों को सील कर दिया। फर्म का दो वर्ष में 26 करोड़ रुपए का लेनदेन बताया जा रहा है। टर्न ओवर के हिसाब से जीएसटी नहीं दिया जा रहा था। यह दुकानदार एक ही जीएसटी नंबर पर दो दुकानें संचालित कर रहा था। कार्रवाई से क्षेत्र के दुकानदारोंं में हड़कंप मचा हुआ है। कई व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर दी।


इस पर थी पैनी नजर
राज्य कर स्टेट जीएसटी एंटी एवीजन ब्यूरो टीम भोपाल के सहायक आयुक्त बलराम धाकड़ से प्राप्त जानकारी के अनुसार मोबाइल व्यवसायी लगभग दो वर्षों से 26 करोड़ रुपयों का लेनदेन कर रहा था। विभाग की निगरानी टीम द्वारा सतत दो वर्षों से व्यवसायी के लेनदेन पर पैनी नजर रखकर मॉनिटरिंग की जा रही थी जिसके उपरांत देखा गया कि व्यवसायी द्वारा एक जीएसटी पंजीयन पर दो अन्य मोबाइल दुकानें भी संचालित की जा रही थी। इन दुकानों से भी स्टॉक रजिस्टर, सम्बंधित दस्तावेज, मोबाइल एसेसरीज सहित लेनदेन बहीखाता जब्तकर सूक्ष्म परीक्षण के लिए जब्त किया है। जांच के दौरान अधिकारी ने यह भी बताया कि जीएसटी का 2 ए और 3 बी का मिलान सही नहीं हो रहा था जो संदेह को और भी पुख्ता कर रहा था। जीएसटी अधिकारी धाकड़ ने बताया कि सम्बंधित फर्म के सीए वर्तमान में बाहर होने के कारण फर्म के जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके जैसे ही फर्म संचालक द्वारा फर्म के अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराए जाते है और जांच के दौरान यदि खामियां पाई जाती है तो नियमानुसार टैक्स और पेनाल्टी वसूल की जाएगी। तीनों मोबाइल शॉप सील कर दी है।

एक जीएसटी नंबर पर चल रही थी दो दुकानें, घर भी पहुंचे अधिकारी
एक दिन पहले पहुंची टीम
अधिकारियों की टीम जांच के लिए एक दिन पहले ही पहुंच गई थी। टीम द्वारा पहले ही मोबाइल दुकानों और दुकानदारों का सर्र्वे किया। टीम द्वारा पता किया गया कि मोबाइल दुकानें और किसी के नाम से रजिस्टर्ड तो नहीं है। दुकानदारों का और कोई व्यापार तो नहीं है। इस तरह सभी जानकारी ली गई।

अधिकारी भी आए सकते में
दो वर्ष में 26 करोड़ का टर्न ओवर देखकर जांच के लिए आए टीम के अधिकारी भी खुद सकते में आ गए है। अधिकारियों का कहना था कि एक छोटे से गांव में दुकानदार का इतना बढ़ा टर्न ओवर,जिसकी वजह से पिछले एक वर्ष से जीएसटी विभाग द्वारा नजर रखी जा रही थी। एक ही दुकान का जीएसटी पंजीयन था और तीन दुकानें संचालित की जा रही है। 26 करोड़ का टर्न ओवर नगर में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

मोबाइल किए जब्त
टीम के अधिकारियों ने सुबह 11 बजे तीन दुकानों पर एक साथ कार्रवाई की। इसके बाद अधिकारी घर पर भी पहुंचे। दुकानों से ग्राहकों को निकाल दिया। दुकानदारों के मोबाइल जब्त कर इन्हें बंद कर दिया। दुकानदारों को काउंटर से हटाया। अधिकारी काउंटर पर जाकर बैठ गए। दुकानदारों को किसी से बात तक नहीं करने दी। लेन-देन से संबंधित रिकॉर्ड खंगाले और जब्त किए। शाम साढ़े छह बजे तक कार्रवाई चली। तीनों दुकानों को सील कर दिया। रिकॉर्ड जब्त कर दुकानदारों को भोपाल बुलाया गया है। यहां पर जांच के बाद ही दुकानें खुल सकेगी।

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