दो माह में उखड़ी सड़क

दो माह के भीतर ही करोड़ों की सड़क ने दम तोड़ना शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत

By: मुकेश शर्मा

Published: 15 Jun 2015, 11:30 PM IST

सारनी।दो माह के भीतर ही करोड़ों की सड़क ने दम तोड़ना शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत सलैया से जाजलपुर तक पांच किमी की बनी सड़क दो माह में ही जगह-जगह से उखड़ गई है। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने जब घोड़ाडोंगरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को की थी तो संबंधित ठेकेदार ने खराब हुई सड़कों को खोदकर दोबारा उस स्थान पर पेच वर्क का कार्य कर दिया।


दो माह पहले बनी सड़क की स्थिति ऎसी हो गई है कि जैसे यह मार्ग पांच वर्ष पुराना हो। आpर्य की बात तो यह है कि राख नदी पर पुल का निर्माण भी नही हुआ है और इक्का-दुक्का ही दो पहिया वाहन इस मार्ग से आवागमन करते है। उसके बाद जगह-जगह से सड़क के उखड़ जाने से सड़क की गुणवत्ता पर सवालिया निशान उठने लगे है।

चार से छह इंच बिछाई डामर की परत

कोलगांव पंचायत के अंतर्गत आने वाले जाजलपुर गांववासियों ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क निर्माण के समय इसका विरोध किया था। उसके बाद भी ठेकेदार ने गुणवंता में किसी तरह का सुधार नही लाया। उपसरपंच मोहन मौर्य ने बताया कि मापदंड का ध्यान न रखे जाने से सड़क में अभी से गड्ढे होना शुरू हो गए है। उन्होने बताया कि सड़क निर्माण में केवल चार से छह इंच डामर की परत बिछाई गई है। बारिश में यह सड़क रहेगी या नहीं यह कह पाना भी मुश्किल है।


पांच वर्ष में भी नहीं बन पाई पुलिया

जाजलपुर और कोलगांव को जोड़ने वाली पुलिया पांच वर्ष पूर्व बह गई थी। पुलिया के निर्माण के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि और जनपद पंचायत के कई बार चक्कर काटने के बाद भी पुलिया का निर्माण नहीं हो पाया है। गांव के हेमराज यादव, भदलू सिंग उइके ने बताया कि बारिश शुरू होते ही फोफस नदी का जो पुल बह गया था उसकी वजह से आधा दर्जन से अधिक गांव का संपर्क एक दूसरे से कट जाता है।


यहां तक कि स्कूली बच्चों को आवागमन करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जब नदी में उफान होती है तो गांववासी सहित बच्चों को स्कूल जाना बंद हो जाता है। इस बीच यदि गांव का कोई व्यक्ति बीमार होता है तो उसे अस्पताल ले जाने में भी कई तरह की जोखिम उठाने पड़ते है।

ग्रामीण कलेक्टोरेट का करेंगे घेराव


जाजलपुर-सलैया के बीच पांच किलोमीटर का अंतर है और राख बांध से होते हुए राख नदी गांव के बीचोबीच से गई है। इस राख नदी के ऊपर अभी पुलिया निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है। गांव के दीपक यादव, सुखमन सलाम, सदलू उइके ने बताया कि पूर्ण रूप से यदि यह मार्ग शुरू हो जाता तो दो माह में ही यह मार्ग पूरी तरह से उखड़ जाता।


हालांकि एक दिन की बारिश में ही इस सड़क में कई जगह गड्ढे हो चुके है। मूसलाधार बारिश एक हफ्ते तक होती है तो सड़क की गुणवत्ता की पोल खुल जाएगी और सड़क समय से पहले दम तोड़ती है तो ठेकेदार और अधिकारियों के खिलाफ ग्रामीण लामबंध होकर सरपंच, उपसरपंच के नेतृत्व में कलेक्टोरेट का घेराव कर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
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मुकेश शर्मा Reporting
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