जानें कौन सा जिला प्रदेश में रहा रक्तदान में अव्वल

लॉकडाउन के वक्त भी नहीं आई रक्त की कमी, वेबिनार में अधिकारी ने बताई उपलब्धि

By: yashwant janoriya

Published: 26 Jun 2020, 11:38 AM IST

बैतूल. लॉकडाउन में भी बैतूल जिले में रक्त की कमी नहीं आई है। यहां तक कि प्रदेश भर में बैतूल जिला 1199 यूनिट रक्तदान के साथ अव्वल रहा। इसको लेकर रक्त कोष अधिकारी द्वारा प्रयास किए गए हैं। ब्लड ग्रुप की जांच कराने आए युवकों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया। युवकों को ब्लड ग्रुप का कार्ड बनाकर दिया। रक्तदान करने वालों में अधिकांश ऐसे युवा थे,जिन्होंने पहली बार रक्तदान किया था। अपने द्वारा किए गए कार्य की उपलब्धि रक्तकोष अधिकारी द्वारा वेबिनार के माध्यम से बताई गई। मध्य प्रदेश स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी ने गुरुवार को प्रदेश के सभी शासकीय ब्लड बैंक के साथ पहला ऑनलाइन ज़ूम वेबिनार का सफल आयोजन किया।
जिला अस्पताल में रक्तकोष अधिकारी डॉ अंकिता सीते ने बताया कि वेबीनार में प्रदेश के सभी रक्तकोष अधिकारी शामिल थे, जिनमें से 3 जिलों के रक्तकोष अधिकारियों को उनके कार्यों का प्रजेंटेशन देने का मौका मिला। डॉ. अंकिता सीधे ने इस वेबीनार में अपने प्रेजेंटेशन के दौरान बताया कि जब कोरोना वायरस को लेकर लॉकडाउन हुआ था तब रक्तदान शिविर पर रोक लग गई थी। ऐसी स्थिति में ब्लड बैंक में रक्त की कमी की आशंका को लेकर चिंता बढ़ गई थी, क्योंकि जिला अस्पताल में प्रतिदिन 20 से 25 यूनिट ब्लड मरीजों को लगता है। इस जिले में सिकलसेल थैलेसीमिया के मरीजों की सं या भी लगभग साढ़े तीन सौ है। रक्त की पूर्ति के लिए एक कार्य योजना तैयार की गई जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन भी लिया गया। कैसे स्वैच्छिक रक्तदाताओं से ब्लड बैंक में रक्तदान करने के लिए उन्हें प्रेरित किया जाए। इसके लिए सोशल मीडिया के प्लेटफार्म का उपयोग किया गया। ब्लड बैंक की ओर से रक्तदान की अपील की गई तो इस अपील का काफी असर हुआ और स्वैच्छिक रक्तदाता रक्तदान के लिए ब्लड बैंक आने लगे।
कई युवकों ने किया पहली बार रक्तदान
डॉ अंकिता सीते ने यह भी बताया कि इन रक्तदाताओं में पहली बार रक्तदान करने वाले रक्त दाताओं की सं या में काफी इजाफा हुआ है। इसका एक कारण यह भी था पहली बार रक्तदान करने वाले रक्तदाताओं को उनका रक्त समूह पता नहीं होता है और जब वह रक्तदान करने आते हैं तो ब्लड बैंक के द्वारा उन्हें उनके रक्त समूह का कार्ड बना कर दिया जाता है। बैतूल ब्लड बैंक ने लॉकडाउन के दौरान पूरे प्रदेश में टॉप किया था और इस उपलब्धि में खास तौर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और रक्तदाता समितियों का बड़ा योगदान रहा। डॉ. सीते ने बताया कि स्वैच्छिक रक्तदाता बैतूल के अलावा दूरदराज के गांवों से भी ब्लड बैंक पहुंचे और उन्होंने ब्लड बैंक में रक्त की कमी नहीं होने दी । कोविड-19 को देखते हुए रक्त द्वारा रक्तदान के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग, सैनेटाइज और थर्मल स्क्रीनिंग का भी पूरा ध्यान रखा गया। इस वेबिनार में अधिकारियो सहित रक्तकोष अधिकारियों की सं या लगभग 71 थी। इन सभी के द्वारा प्रसेंटेशन के माध्यम से कोविड-19 के दौरान कैंप व ब्लड बैंक में ब्लड की उपलब्धता, अपने अपने जिलोंं में किए गए प्रयास की उपलब्धि बताई गई।

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