आरटीओ में महिलाओं के लिए लगा लायसेंस शिविर

महिलाओं को ड्रायविंग लायसेंस बनाने के लिए आरटीओ कार्यालय में शिविर का आयोजन कर थोक में लायसेंस बनाए गए।

By: Devendra Karande

Published: 11 Sep 2017, 08:21 PM IST

बैतूल। यह पहला मौका था जब महिलाओं को ड्रायविंग लायसेंस बनाने के लिए आरटीओ कार्यालय में शिविर का आयोजन कर थोक में लायसेंस बनाए गए। लायसेंस बनाने के लिए सोमवार को आयोजित शिविर में मेडिकल के लिए डॉक्टर के दो घंटे देरी से पहुंचने के कारण महिलाओं को थोड़ी समस्या का सामना भी करना पड़ा। पहले दिन शिविर में करीब पौने दो सौ लर्निंग लायसेंस बनाए गए। मौके पर ही महिलाओं को आरटीओ अरविंद खुशराम द्वारा लायसेंस का वितरण भी किया गया। उल्लेखनीय हो कि अटल सेना के केंडू बाबा के प्रयासों से महिलाओं के लिए यह विशेष लायसेंस शिविर आरटीओ में लगाया गया था। उनके द्वारा महिलाओं के लायसेंस बनाए जाने के लिए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मांग की गई थी। शिविर में उन्हें भी आरटीओ द्वारा विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया था।
डेढ़ सैकड़ा से अधिक महिलाएं पहुंची
शिविर में लायसेंस बनाने के लिए डेढ़ सैकड़ा से अधिक महिलाएं पहुंची थी। करीब १७० महिलाओं ने लायसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन किए थे। पहले दिन सभी के लायसेंस बनाए गए। लायसेंस बनाने के पूर्व महिलाओं की बैठक लेकर आरटीओ खुशराम द्वारा महिलाओं को ड्रायविंग लायसेंस की परीक्षा पास किए जाने के लिए मोटर व्हीकल एक्ट सहित दिशा-संकेतों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी भी दी गई ताकि सभी महिलाएं आरटीओ की ड्रायविंग टेस्ट परीक्षा में पास हो सके। महिलाओं के लिए आरटीओ कार्यालय द्वारा टेंट लगाकर कुर्सियों की व्यवस्था भी की गई थी। ताकि महिलाओं को किसी प्रकार की कोई परेशानी का सामना न करना पड़े। इधर अटल सेना के प्रभारी केंडू बाबा का कहना था कि महिलाओं के लिए आरटीओ विभाग द्वारा कैम्प लगाया गय है वह सराहनीय है। जिन महिलाओं के पहले दिन लायसेंस नहीं बन सके हैं उनके लिए दूसरे दिन भी शिविर का आयोजन किया जाएगा। ताकि सभी महिलाओं के लायसेंस बन सके। शिविर को लेकर महिलाओं में भी खासा उत्साह देखने को मिला था। बड़ी संख्या में महिलाएं लायसेंस बनाने के लिए परिजनों के साथ आरटीओ कार्यालय में पहुंची थी। इनमें युवतियों की संख्या भी काफी ज्यादा थी। कैम्प में मेडिकल परीक्षण के लिए महिला चिकित्सक के दो घंटे देरी से आने के कारण महिलाओं को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। आरटीओ ने बताया कि शिविर लगने के एक दिन पहले ही सीएमएचओ को डॉक्टर नियुक्त किए जाने के लिए लिखा गया था लेकिन इसके बाद भी डॉक्टर की व्यवस्था समय पर नहीं की गई।

Devendra Karande Reporting
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