नगर में मोबाइल टावरों का बिछा जाल, पंचायत बेखबर

नगर में मोबाइल टावरों का बिछा जाल, पंचायत बेखबर

Pradeep Sahu | Updated: 14 Dec 2018, 11:18:47 AM (IST) Hoshangabad, Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

नियमों को अनदेखा कर शहर में लगाए जा रहे टावर

खिरकिया. शहर में मकानों की छतों पर मोबाइल टावर कुकुरमुत्ते की तरह उग रहे हैं। छतों पर लगे मोबाइल कम्पनियों के टावर नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, वहीं स्वास्थ्य के लिए भी बड़ा खतरा बन रहे हैं। हैरत की बात तो यह है कि बिना उचित अनुमति के लगाए गए इन टावरों की सूची तक नगर पंचायत के पास नहीं है। शहर भर में मकानों-दुकानों की छतों पर ऐसे टावर लगे हुए हैं। आबादी क्षेत्र में इस तरह के टावर लगाने से पहले नपं सहित अन्य विभागों की अनुमति जरूरी होती है, लेकिन कंपनियों द्वारा अनुमति के बिना ही ये टावर जगह-जगह लगा दिए गए हंै। शहर में कई कम्पनियों के टावर लगे हुए हैं। कुछ स्थानों पर तो ये टावर जमीन पर लगाए गए हैं पर अधिकांश मकानों की छत पर ही लगाए गए हैं। टावर लगाने में न केवल कानून का उल्लंघन किया जा रहा है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी ये एक बड़ा खतरा बने हुए हैं। ऐसे एक दर्जन से अधिक टावर यहां-वहां लगाए गए हैं। कमाई के फेर में मकान मालिकों ने जहां नियमों की परवाह नहीं की वहीं टावर लगाने वाली कम्पनियां भी सिर्फ अपना काम करने से मतलब रख रहीं हैं। टावर लगाने से मकान मालिक ने सभी शर्त पूरी की हैं या नहीं, इसका कोई ध्यान नहीं रखा जाता। जिम्मेदार संस्था को पता ही नहीं है कि शहर में कितने टावर लगे हैं और कितनों ने मंजूरी ली है।

नगर परिषद के पास नहीं है टावरों का रिकार्ड नहीं - नगर में लगे टावरों की नियमानुसार नगर पंचायत को जानकारी होनी चाहिए। रिकार्ड व अन्य दस्तावेज सत्यापित होने चाहिए, लेकिन नगर परिषद खिरकिया में इस संबंध कोई भी जानकारी मौजूद नहीं है।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned