काम की दम पर फिर ठोक रहे ताल, भाजपा को घर और बाहर दोनों तरफ से मिल रही चुनौती

काम की दम पर फिर ठोक रहे ताल, भाजपा को घर और बाहर दोनों तरफ से मिल रही चुनौती

sandeep nayak | Publish: Sep, 05 2018 11:37:34 AM (IST) Hoshangabad, Madhya Pradesh, India

यह हैं चुनाव लडऩे के लिए तैयार

 

बैतूल। बैतूल विधानसभा सीट पर चुनाव में प्रचार शुरू हो गया है। इसकी शुरूआत की है आम आदमी पार्टी ने। उसने सबसे पहले अपना उम्मीदवार घोषित किया। लेकिन इस सीट पर सीधा मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है। दोनों ही दलों में दावेदारों की लंबी फहरिस्त है। सीट पर फिलहाल भाजपा का कब्जा है और उसके विधायक अपने काम की बदालौत फिर मौका चाहते हैं लेकिन उन्हें दल में ही अन्य दावेदार कड़ी चुनौती देने के लिए तैयार हैं। कांग्रेस में भी कम दावेदार नहीं हैं। इसके साथ ही नए दावेदारों के साथ सपाक्स भी गणित बिगाडऩे के मोड में दिख रही है। इनमें टिकट लेने में बाजी कौन मारता है, आने वाला समय बताएगा। हम आपको दावेदारों की फौज से अवगत करा रहे हैं।


यह बिगाड़ेंगे गणित

 

टिकट नहीं मिलने पर भाजपा और कांग्रेस दोनों में ही बगावत के आसार दिख रहे हैं। एक महिला नेत्री घर-घर राखियां बांध रही हैं। आदिवासी बहुल जिले में सरकार द्वारा बांटी गई चप्पल-जूते भी मुद्दा बनाने कांग्रेस प्रयासरत है। ओबीसी ओर सपाक्स भी सक्रिय है। यह भी उम्मीदवार उतारने का दावा कर रहे हैं। उनकी नजर बागियों पर रहेगी।

 

क्षेत्र के बढ़े मुद्दे
- रोजगार सबसे बड़ी समस्या है। औद्योगिक क्षेत्र कोसमी का विकास नहीं हुआ। कई उद्योग बंद हो गए।

- हर साल गर्मियों में शहर पेयजल के लिए तरसता है। अब तक कोई ठोस उपाय नहीं हुए। लोगों में नाराजगी है।
- सड़क, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव भी है।


यह हैं दावेदार

भाजपा:
विधायक हेमंत खंडेलवाल (भाजपा), पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष लता महस्की, नपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक अलकेश आर्य, पूर्व विधायक शिवप्रसाद राठौर।

कांग्रेस:
पूर्व विधायक विनोद डागा, उनका बेटा निलय डागा, पूर्व नपाध्यक्ष डॉ राजेंद्र देशमुख, पूर्व प्रत्याशी हेमंत वागद्रे, पूर्व जनपद अध्यक्ष गोरेलाल पारदे, पूर्व जनपद अध्यक्ष नरेंद्र पटेल, नेहरू युवा केंद्र समन्वय शिवपाल सिंह राजपूत।

 

इसलिए चाहिए फिर मौका

खंडेलवाल सांसद से विधायक बने। पिता भी सांसद थे। उनका दावा है कि शहर में करोड़ों के विकास कार्य कराए। बड़े जलाशयों की मंजूरी दिलाई। कम्पोजिट कलेक्टोरेट, जिला अस्पताल, ऑडोटोरियम, पारसडोह जलाशय आदि भी उनके प्रयासों से बनें। इसलिए फिर मौका मिलना चाहिए।

कांग्रेस के हेमंत वागद्रे लगातार सक्रिय रहे। कहते हैं, भ्रष्टाचार बढ़ा है। विकास कार्य नहीं हुए। बेरोजगारी बढ़ी। पानी तक के लिए लोग तरसते हैं। डागा अपने सामाजिक कार्यों की बदौलत दावा कर रहे हैं। वे गरीब बच्चों को निशुल्क शिक्षा दिलाने के लिए काम करते हैं।

तीसरा मोर्चा
आप से अजय सोनी मैदान में उतर आए है। दोनों ही कांग्रेस और भाजपा के बाद खुद को मौका देने की बात कर रहे हैं। ओबीसी महासभा से योगेश धामोड़, दीपक पाल और सपाक्स से राकेश त्रिवेदी, संजय शुक्ला और जगदीश राघव के नाम भी सामने आ रहे हैं।

फैक्ट फाइल
विधानसभा सीट बैतूल

जनसंख्या ३ लाख ५० के लगभग
मतदाता २ लाख २६ हजार ८७२

--------------------
बराबरी का मुकाबला

विधानसभा सीट पर अब तक भाजपा और कांग्रेस का बराबरी का मुकाबला रहा है। छह बार कांग्रेस का कब्जा रहा लेकिन पिछले पांच बार से लगातार भाजपा जीत रही है। पिछला चुनाव कांग्रेस के हेमंत वागद्रे 24 हजार 347 वोटों से हारे थे। यहां एक बार निर्दलीय भी जीत दर्ज करा चुका है।

----------
वर्ष 2013 के वोट

वर्तमान विधायक हेमंत खंडेलवाल भाजपा 82602 वोट मिले
- निकटतम कांग्रेस हेमंत वागद्रे - 58602

 

 

 

घोड़ाडोंगरी विधानसभा
बीजेपी: विधायक मंगल सिंह, पूर्व विधायक सज्जन सिंह उईके की पत्नी गंगा बाई उईके, पूर्व विधायक गीता उईके, सरपंच नरेंद्र उईके। मंगल सिंह मजबूत दावेदार माने जा रहे। का नाम उम्मीदवारी में सामने आ रहा है। मंगल सिंह सबसे सशक्त दावेदार माने जा रहे हैं। उईके पूर्व में जिला पंचायत अध्यक्ष रहे हैं और उपचुनाव में विजय हासिल की है।


्रक्षेत्र के प्रमुख मुद्दे

- चोपना क्षेत्र के बंगालियों के पट्टों का मामला। लंबे समय से पुर्नवास की मांग। दो नगर पंचायत बनने का मामला अटका। ट्रेनों के स्टापेज की लगातार मांग हो रही।
कांग्रेस: के दावेदार

पूर्व प्रत्याशी ब्रह्मा भलावी, पूर्व मंत्री प्रताप सिंह उईके, जिला पंचायत सदस्य राहुल उईके के साथ क्षेत्र मुकेश इवने, पूर्व मजिस्ट्रेट अतुल ठाकुर, पुष्पा पेंद्राम, ज्ञानसिंह परते भी दावेदारी कर रहे हैं।
मजबूती पकड़

भाजपा का गढ़ बन चुकी इस सीट पर कांग्रेस कड़ी चुनौती देने के इरादे से मैदान में है। स्थानीय मुद्दों को लेकर आंदोलनरत है। यहां तीसरा दल निष्क्रिय है। यहं अब तक नौ बार चुनाव हुए पांच बार भाजपा और चार बार कांग्रेस जीती।
फैक्ट फाइल

विधानसभा सीट घोड़ाडोंगरी
जनसंख्या 3 लाख 45 हजार

मतदाता २लाख 11 हजार 777
2013 के वोट

- सज्जन सिंह, भाजपा - 77793
- निकटतम ब्रह्मा भलावी, कांग्रेस - 69709

उपचुनाव वर्ष 2016 के वोट
- मंगल सिंह भाजपा - 82304

- प्रताप सिंह कांग्रेस - 96122

Ad Block is Banned