टूटी सालों पुरानी परंपरा, नागपंचमी पर बंद रहा नागदेव का मंदिर

धनगौरी नागदेव मंदिर के कपाट रहे बंद

By: yashwant janoriya

Published: 27 Jul 2020, 12:12 AM IST

आमला. छिंदवाड़ा और बैतूल जिले की सीमा पर स्थित श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र धनगौरी नागदेव मंदिर में नागपंचमी पर्व पर कोरोना वायरस के चलते पहले जैसी भीड़ देखने नहीं मिली। स्थानीय प्रशासन द्वारा नागपंचमी के पूर्व ही यह फैसला लिया गया था कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण शासन द्वारा जारी निर्देशों का सख्ती से अनुपालन किया जाएगा। नियमों एवं निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। कोरोना के चलते वर्षों से चली आ रही नागपंचमी पर्व पर दर्शन की परंपरा इस वर्ष टूट गई,तथा श्रृद्धालुओं को घरों में ही रहकर पूजा अर्चना करना पड़ा। बैतूल जिले कि सीमा पर तथा छिंदवाड़ा जिले में स्थित वर्षों से लोगों की आस्था रहे धनगौरी नागदेव मंदिर में नागपंचमी पर्व पर प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में श्रद्धालु माथा टेकने आते हैं। नागपंचमी पर यहां मेला लगता है तथा आस-पास के क्षेत्र,जिलों सहित अन्य राज्यों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।यहां पर दर्शन करने के लिए सर्वाधिक महाराष्ट्र से लोग आते हैं। वैश्विक महामारी कोरोना कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के कारण शासन द्वारा फिजिकल डिस्टेंसिंग बनाए रखने तथा संक्रमण से बचाव के लिए निर्देश जारी किए गए हैं, नियमानुसार हमें भीड़ एकत्रित नहीं करना चाहिए साथ ही भीड़ भाड़ वाले इलाके में नहीं जाना चाहिए। धनगौरी नागदेव मंदिर समिति तथा यहां के स्थानीय प्रशासन ने नाग पंचमी पर्व के पूर्व ही यह निर्णय कर लिया था कि इस साल पर वह पर मंदिर के कपाट बंद रहेंगे,बाहरी व्यक्तियों का आना इस परिक्षेत्र में पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगा। छिंदवाड़ा जिले के नवेगांव थाना प्रभारी दीपक डेहरिया ने बताया कि कोरोना के चलते शासन द्वारा जारी निर्देशों तथा स्थानीय प्रशासन के निर्णय अनुसार मंदिर के द्वार बंद कर दिए गए थे तथा क्षेत्र की जनता से अपील की गई थी कि वह नागपंचमी पर्व पर मंदिर ना आए एवं घरों में रहकर ही पूजा-अर्चना करें। बोरदेही थाना प्रभारी विष्णु मौर्य ने बताया कि कोरोनावायरस के चलते मंदिर परिक्षेत्र में आवाजाही पूर्ण तरह प्रतिबंधित थी धनगौरी नागदेव मंदिर में सर्वाधिक महाराष्ट्र से श्रद्धालु आते हैं जो कि मुलताई,खेड़ली बाजार,मोरखा होते हुए नागदेव मंदिर आते हैं और यहां से नागद्वारी मेला जाते हैं। बैतूल जिले की सीमा पर पुलिस प्रशासन एक दिन पूर्व से ही मुस्तैद रहा तथा किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश नहीं दिया गया। साथ ही थाना क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से अपील की गई थी कि वह नागपंचमी पर्व पर धनगौरी नागदेव मंदिर न आएं और घरों में ही पूजा-अर्चना करें।

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