स्वच्छता में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, नोटिस दें, नहीं मानें तो लें पुलिस की मदद

डब्ल्यूसीएल, मप्र पॉवर जनरेटिंग कंपनी और नपा की एसडीएम ने ली बैठक

By: pradeep sahu

Published: 29 Mar 2019, 05:02 AM IST

सारनी. नगरीय क्षेत्र में स्वच्छता की दयनीय स्थिति है। इसको लेकर पत्रिका में लगातार समाचार प्रकाशित करने के बाद पूरे मामले को जिला प्रशासन ने संज्ञान में लेकर तीनों संस्थानों की संयुक्त बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए हैं। पत्रिका में बीते दिनों से लगातार समाचार प्रकाशित किया जा रहा है कि कालोनियों के सेप्टिक टैंक खुले हैं। शौचालय की गंदगी सीधे तौर से नाले में बहाई जा रही है। इसको लेकर वार्ड 29 के पार्षद ने भी नपा और डब्ल्यूसीएल प्रबंधन को पत्र लिखकर स्वच्छता के प्रति जागरूक किया था। इसके बाद से वेकोलि पाथाखेड़ा प्रबंधन ने सख्त रूख अपनाया और निरीक्षण कर हकीकत से अवगत हुए। गुरुवार को एसडीएम पीयूष भट्ट, तहसीलदार सत्यनारायण सोनी ने नपा, डब्ल्यूसीएल, सतपुड़ा ताप विद्युत गृह के अधिकारियों की बैठक लेकर स्वच्छता पर विशेष ध्यान रखने के आवश्यक निर्देश दिए। बैठक के प्रारंभ में दोनों कंपनियों के सिविल अधिकारियों और क्षेत्रीय कल्याण समिति सदस्यों ने क्षेत्र में साफ-सफाई की व्यवस्था से अवगत कराया। जिसमें यह सामने आया कि नपा कंपनी के आवासों के सामने का कचरा उठाती है जबकि पीछे का कचरा ठेकेदार द्वारा निकाला जाता है। पाथाखेड़ा में प्रतिवर्ष साफ-सफाई पर करीब 10 लाख रुपए का टेंडर निकाला जाता है।
यह थे उपस्थित: बैठक में मुख्य रूप से एसडीएम पीयूष भट्ट, तहसीलदार सत्यनारायण सोनी, वेकोलि जीएम पीके चौधरी, मप्र पॉवर जनरेटिंग कंपनी के मुख्य अभियंता वीके कैलासिया, अतिरिक्त मुख्य अभियंता सिविल संजय पेंडोर, डीई मंगल सिंह धुर्वे, डब्ल्यूसीएल पाथाखेड़ा के एरिया पर्सनल मैनेजर राजेश नायर, निखिल निमझे, एसओ सिविल एनके जसानी, बीएमएस से क्षेत्रीय कल्याण समिति सदस्य डीके भादे, विजय मिश्रा, एचएमएस से मनीष सिंह ठाकुर, एटक से राकेश वाईकर और सीटू से जगदीश डिगरसे मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
अनुविभागीय अधिकारी पीयूष भट्ट ने बैठक में स्पष्ट रूप से कहा स्वच्छता में बाधा बर्दास्त नहीं की जाएगी। वेकोलि आवासों से सीधे नाले में गंदगी बहाई जाती है तो नोटिस देकर कार्रवाई की जाए। इसके अलावा गैर कर्मचारी कालोनियों के आवासों की गंदगी नाले में बहाई जाती है तो उन्हें नपा नोटिस देकर कार्रवाई करे। स्वच्छता सर्वोपरी है। इसमें लापरवाही बर्दास्त नहीं होगी। वहीं नपा और डब्ल्यूसीएल के स्वच्छता निरीक्षक को संयुक्त रूप से सर्वे कर सेनीटेशन की समस्या को दूर करने के निर्देश दिए।

संयुक्त बैठक में एसडीएम द्वारा कहा गया कि कंपनी के आवासों की नालियों और बड़े नालों के किनारे अतिक्रमण कर बनाए गए मकानों के मालिकों को पहले नोटिस दिया जाए। इसके बाद स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाए। स्वच्छता नहीं रखने पर नोटिस देकर कार्रवाई की जाए। विवाद बढऩे की स्थिति में पुलिस की मदद ली जाए। दरअसल वेकोलि के क्षेत्रीय कल्याण समिति सदस्यों और सिविल विभाग द्वारा बताया कि स्वच्छता में बाधा अतिक्रमण बन रहा है। लोगों ने नाली और नालों पर अतिक्रमण कर मकान, दुकान निर्माण कर लिए हैं।

pradeep sahu
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