सूचना थी अजगर मिला है, लेकिन पटरी के नीचे मिला कुछ ऐसा जिसे देख रह गए दंग

रेलवे पटरी के नीचे बैठा था रसेल वाइपर सांप

सारनी. मप्र पॉवर जनरेटिंग कंपनी के कोल हैंडलिंग प्लांट में रेलवे पटरी के नीचे अजगर होने की सूचना वन्य प्राणी व पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करने वाले पीपल फॉर एनिमल्स यूनिट के सारनी अध्यक्ष आदिल खान को मिली थी। मौके पर पहुंचकर देखने पर पता चला कि अजगर नहीं है। भारत में पाए जाने वाले प्रमुख सांपों में शुमार रसेल वाइपर है। जिसे काफी ऐहतियात बरतते हुए रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया। आदिल बताते हैं कि रसेल वाइपर सांप अजगर की तरह दिखाई देता है। इसी वजह से लोग कंफ्यूज हो जाते हैं और इस जहरीले सांप का शिकार बन जाते हैं। उन्होंने बताया अजगर के शरीर की बनावट भी रसल वाइपर जैसी ही होती है। अजगर बिना जहर वाला सांप है। वहीं रसेल वाइपर बहुत जहरीला सांप होता है।इस सांप के काटने से मांस गलने लगता है। उन्होंने बताया अजगर के शरीर में मोटे-मोटे व चौड़े पट्टे होते हैं जो अधिकतर गहरे कथई रंग के होते हैं। मुंह पर गुलाबी रंग की लाइन होती है। अजगर का शरीर थोड़ा मुलायम होता है। अधिकतम 18 -20 फिट तक का भी हो सकता है। वहीं रसल वाइपर का चेहरा त्रिकोणीय होता है। शरीर पर हीरे की तरह की आकृति बनी रहती है। हिंदी में रसल वाइपर को कौडिय़ां भी कहां जाता है। रसल वाइपर का शरीर खुरदरा होता है। इसकी अधिकतम लंबाई 5 फीट तक होती है।यह सांप बहुत गुस्सेल और आक्रामक होता है। खतरा महसूस होने पर जोर से फुंसकारता है। इस सांप से लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

पार्षद बोली - कालोनी में फेंका जा रहा कचरा
सारनी. नगर को स्वच्छ और सुंदर बनाने नगरपालिका द्वारा लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। कचरा प्रबंध के लिए अलग से बजट आवंटित किया जा रहा है।स्वच्छता सर्वेक्षण में अपनी रैंकिंग सुधारने सतत प्रयास जारी है।वहीं नगरपालिका द्वारा इसके ठीक विपरीत कालोनियों में कचरा डंप कर विवादों में घिर रही है।वार्ड नंबर 32 की पार्षद रश्मि अशोक बारंगे ने बताया इन दिनों नगर पालिका द्वारा वार्ड के आजाबराव के घर के सामने स्थित नाले पर कचरा डंप कराया जा रहा है। जिससे नाले में बहता सीवर लाइन का पानी भी रूक रहा है। जिसके चलते बीमारी फैलने और बरसात के समय बाढ़ का खतरा बना रहेगा। वार्ड पार्षद ने बताया पूर्व में भी बारीश में इस नाले में बाढ़ आने से दर्जनों घरों को नुकसान पहुंचा। रश्मि अशोक बारंगे ने बताया कुछ दिनों से नगर पालिका द्वारा मेरे वार्ड में नगर पालिका कचरा वाहनों से कचरा डंप कराया जा रहा है जो नियम विरुद्ध है। जबकि नगरपालिका द्वारा वार्ड नंबर 22 में कचरा नष्ट करने ट्रेचिंग ग्राउंड बनाया है। फिर भी वार्ड में कचरा फेंका जा रहा है।

yashwant janoriya Bureau Incharge
और पढ़े
खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned