पढ़े, 16 लाख की आबादी में सिर्फ एक वेंटीलेटर और 300 ऑक्सीजन सिलेंडर

कोरोना वायरस का संक्रमण जहां प्रदेश में तेजी से फैल रहा है वहीं बैतूल जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर स्थिति थोड़ी चिंताजन है।१६ लाख से अधिक आबादी वाले जिला अस्पताल में महज एक वेंटीलेटर मौजूद हैं। वहीं सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडरों की संख्या भी महज ३०० के आसपास होना बताई जाती है।

By: Devendra Karande

Published: 01 Apr 2020, 05:03 AM IST

बैतूल। कोरोना वायरस का संक्रमण जहां प्रदेश में तेजी से फैल रहा है वहीं बैतूल जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर स्थिति थोड़ी चिंताजन है।१६ लाख से अधिक आबादी वाले जिला अस्पताल में महज एक वेंटीलेटर मौजूद हैं। वहीं सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडरों की संख्या भी महज ३०० के आसपास होना बताई जाती है।इसके विपरित प्रायवेट अस्पतालों में वेंटीलेटरों की संख्या १० से १२ के लगभग बताई जाती है। स्वास्थ्य विभाग के लिए फिलहाल राहत भरी खबर यह है कि इस बीमारी का कोई मरीज अभी तक सामने नहीं आया है लेकिन प्रदेश में जिस तरह से मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है उससे जिले में भी खतरे का संकट मंडराने लगा है। हालांकि विभाग द्वारा रोजाना लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है।
सिर्फ जिला अस्पताल में एक वेंटीलेटर
जिले में सिर्फ बैतूल जिला अस्पताल में ही एक वेंटीलेटर मौजूद हैं। जबकि तहसील स्तर के अन्य अस्पतालों में वेंटीलेटर की कोई सुविधा नहीं है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा छह वेंटीलेटर के लिए दो बार डिमांड भेजी गई है, लेकिन अभी तक वेंटीलेटर की सप्लाई नहीं हो सकी है। बताया गया कि देश भर में वेंटीलेटरों की कमी बनी हुई है। सरकार ने कोरोना महामारी को देखते हुए एक निजी कंपनी को वेंटीलेटर बनाने के आर्डर भी दिए हैं। विभाग द्वारा उम्मीद है कि जल्द ही वेंटीलेंटर भेजे जाएंगे। सरकारी अस्पताल में जहां एक वेंटीलेटर हैं वहीं जिले के निजी अस्पतालों में वेंटीलेटर की संख्या महज १० से १२ बताई जाती है। जरूरत पडऩे पर स्वास्थ्य विभाग इन वेंटीलेटरों का उपयोग कोरोना मरीजों के इलाज के लिए कर सकता है।
जिले भर में महज ३०० ऑक्सीजन सिलेंडर
जिले भर में सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडरों की भारी कमी बनी हुई है।स्वास्थ्य विभगा द्वारा जिला अस्पताल सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ऑक्सीजन सिलेंडरों की संख्या ३०० के आसपास होना बताई जाती है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए सीएमएचओ ने समस्त स्वास्थ्य केंद्रों को ऑक्सीजन सिलेंडर भरकर रखे जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देशित किया है सिलेंडर खाली नहीं रखे जाएं। सिलेंडर मुहैया कराने वाली एजेंसी को भी उन्होंने लगातार सिलेंडरों की आपूर्ति बनाए रखने के लिए निर्देशित किया है। प्रायवेट अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडरों की संख्या वैसे कम है।
जिला अस्पताल के सभी बेड कोरोना मरीजों के लिए रिजर्व
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला अस्पताल के सभी ३०० बेडो को कोरोना मरीजों के लिए रिजर्व कर दिया गया है। इसके अलावा आमला अस्पताल, डब्ल्यूसीएल, एमपीवी के अस्पतालों को जरूरत पडऩे पर सेवाएं ली जाएगी। निजी अस्पतालों ने भी इसके लिए अपनी अनुमति दे दी है। निजी अस्पतालों को आयुषमान योजना के तहत भुगतान किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना के संदिग्ध मरीजों के लिए होम आइसोलेशन वार्ड और क्वारेंटाइन वार्ड भी बनाए गए हैं। बाहर से आने वाले प्रत्येक लोगों का थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है।
बाहर से आने वालों की कांटेक्ट हिस्ट्री ले रहा विभाग
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.सी. चौरसिया ने समस्त राष्ट्रीय कार्यक्रम अधिकारियों एवं चिकित्सकों की बैठक ली। डॉ. चौरसिया ने जिले में बाहर से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की स्क्रीनिंग किए जाने, मेडिकल टीम बनाकर स्क्रीनिंग के साथ-साथ कांटेक्ट हिस्ट्री भी लेना जरूरी किया गया है, ताकि संपर्क की विस्तृत जानकारी प्राप्त हो सके तथा संपर्क व्यक्तियों की भी स्क्रीनिंग कर रिकार्ड संधारित किया जा सके। उन्होंने कहा कि गूगल शीट पर नियमित आंकड़े जिसमें नाम, पता, फोन नम्बर के साथ अन्य राज्यों से आए लोगों की जानकारी संधारित की जाए, ताकि बीमार होने पर मोबाईल हेल्थ टीम द्वारा चैकअप किया जा सके।सामान्य ओ.पी.डी. में बुखार एवं खांसी के मरीजों को तत्काल देखना सुनिश्चित करे। जहां छायादार स्थान है, ऐसे स्थानों पर ही मरीजों की लाइन लगाई जाए। सीएमएचओ ने सात विकासखंडों में मोबाइल यूनिट संचालित है। इस मोबाइल यूनिट के दल द्वारा बाहर से आए लोगों का परीक्षण किया जाने के लिए निर्देशित किया गया।उन्होंने आवश्यक गद्दे की उपलब्धता, पेपर बैग एवं थर्माकॅाल बाक्स की उपलब्धता के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।

Devendra Karande Reporting
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