प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिलने रुका छात्रावास का संचालन

प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिलने रुका छात्रावास का संचालन

rakesh malviya | Publish: Sep, 07 2018 01:43:47 PM (IST) Hoshangabad, Hoshangabad, Madhya Pradesh

छात्रावास आरंभ नहीं होने से किराए के कमरे में रह रहे छात्र, उत्कृष्ट स्कूल के छात्रों को मिलनी थी छात्रावास की सुविधा

बैतूल। जिला स्तरीय उत्कृष्ट स्कूल में पढ़ाई करने वाले छात्रों को इस वर्ष जुलाई माह से छात्रावास की सुविधा मिलनी थी, लेकिन छात्रावास के भवन का चयन के बाद में प्रशासनिक अनुमति नहीं मिलने के कारण छात्रों को छात्रावास की सुविधा नहीं मिल पा रही है। उत्कृष्ट स्कूल में अध्ययनरत कक्षा 9 वीं से 12 वीं तक अध्ययन करने वाले 100 छात्रों के लिए छात्रावास संचालित करने की स्वीकृति मिली है। शिक्षा विभाग द्वारा छात्रावास के संचालन के लिए भवन का चयन कर किया गया, जिसके बाद भी भवन में छात्रावास के संचालन के लिए प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिलने के के कारण छात्रावास आरंभ नहीं हो सका है। छात्रावास आरंभ नहीं होने से छात्रों को किराए के कमरे में रहना पड़ रहा है। इस वर्ष 50 छात्र और 50 छात्राओं को छात्रावास की सुविधा मिलनी है।

तीन माह से छात्र कर रहे इंतजार
स्कूल आरंभ होने के दौरान ही अध्ययनरत छात्रों ने छात्रावास के लिए आवेदन स्कूल प्रशासन को दिए थे। आवेदन देने के बाद से छात्र छात्रावास आरंभ होने का इंतजार कर रहे है। छात्रों का कहना है कि छात्रावास के लिए आवेदन करने के बाद भी छात्रावास आरंभ नहीं हो सका है। इस वर्ष 50 छात्र और 50 छात्राओं को छात्रावास की सुविधा मिलनी है। उत्कृष्ट स्कूल में आरंभ होने वाले छात्रावास में छात्रों को सभी वर्गो के छात्रों को छात्रावास का लाभ मिलना है। स्कूल के छात्राओं के संचालन की अनुमति मिलने के साथ ही परिसर में छात्र और छात्राओं के लिए 200सीटर छात्रावास भवन का निर्माण कार्य भी आरंभ हो गया है।

इनका कहना
उत्कृष्ट स्कूल के छात्रों के लिए छात्रावास आरंभ किया जाना है। छात्रावास के संचालन के लिए भवन का चयन कर लिया गया है। प्रशासनिक अनुमति नहीं मिलने के कारण छात्रावास का संचालन नहीं हो सका है। प्रशासनिक अनुमति का इंतजार है।
बीएस बिसौरिया जिला शिक्षा अधिकारी बैतूल।

शिक्षा के क्षेत्र में सभी का योगदान जरूरी: बारस्कर

भैंसदेही. शिक्षक दिवस के अवसर पर पांच सितंबर को राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान से भोपाल में भैंसदेही के नवापुर माध्यमिक शाला में पदस्थ शिक्षिका चंद्ररेखा बारस्कर को राज्यपाल और शिक्षा मंत्री के हाथों सम्मानित किया गया।
पुरस्कार प्राप्त कर वापस लौटने पर गुरूवार को रेलवे स्टेशन पर शिक्षकों अध्यापकों ने बारस्कर के सम्मान में फटाखे फोड़कर भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर शिक्षिका ने कहा कि गरीब व अंतिम छोर के बालकों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोडऩा अतिआवश्यक है। जिसके लिए सभी का योगदान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिए जो प्रयास किए जा रहे हैं वे काफी नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में डोर टू डोर जाकर ग्रामीण पालकों को शिक्षा के प्रति जागरूक करना होगा तभी हम शिक्षा का स्तर को बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। इस मौके पर आम अध्यापक संघ के जिलाध्यक्ष मदनलाल डढोरे, काशीनाथ लोखंडे व हरिशंकर धुर्वे ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त होना बैतूलवासियों के लिए गौरव के साथ-साथ ऐतिहासिक अमिट योगदान है जिसको कभी भुलाया नहीं जा सकता। आज इस अवसर पर स्वागत सम्मान के समय अनेक शिक्षक व अध्यापक साथी उपस्थित थे। इस मौके पर अभय बिहारे, ब्रजेश गढ़वाल, मदनलाल डढोरे आदि उपस्थित रहे।

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