ऑनलाइन पढ़ाई का शुल्क वसूलने बना रहे दबाव

निजी स्कूल संचालकों ने बच्चों से फीस वसूलने के लिए ऑनलाइन पढ़ाई की तरकीब निकाली है। इस पढ़ाई के बदले फीस मांगी जा रही है। इसका एबीवीपी ने विरोध जताया है। जबकि इस संबंध में शासन द्वारा आदेश भी जारी कर दिए हैं। टयूशन फीस के अलावा अन्य कोई शुल्क संचालक वसूल नहीं सकेंगे।

By: Devendra Karande

Published: 17 Jun 2020, 04:04 AM IST

बैतूल। निजी स्कूल संचालकों ने बच्चों से फीस वसूलने के लिए ऑनलाइन पढ़ाई की तरकीब निकाली है। इस पढ़ाई के बदले फीस मांगी जा रही है। इसका एबीवीपी ने विरोध जताया है। जबकि इस संबंध में शासन द्वारा आदेश भी जारी कर दिए हैं। टयूशन फीस के अलावा अन्य कोई शुल्क संचालक वसूल नहीं सकेंगे।
एबीवीपी के जिला संयोजक निलेश गिरी गोस्वामी और रुपेश पंवार ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते जिले भर में स्कूल बंद है। इस दौरान प्राइवेट स्कूलों द्वारा ऑनलाइन पढ़ाई करवाई जा रही है। बच्चों की यह पढ़ाई समझ से परे हैं। बच्चों के अभिभावक कोरोना काल में आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। प्राइवेट स्कूली के संचालक बच्चों पर विगत तीन माह की फीस वसूलने के लिए दबाव बनाने लगे हैं। पदाधिकारियों ने मु यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर बच्चों से फीस नहीं लेने की मांग की हैै। साथ ही यह भी बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों से छात्र बैतूल शहर में किराए से कमरा लेकर पढ़ाई कर रहे हैं। लॉक डाउन के चलते सभी घर चले गए हैं। कमरों में छात्रों का सामान ही रखा है। मकान मालिकों द्वारा छात्रों पर किराए की राशि के लिए दबाव डाला जा रहा है। संगठन ने छात्रों से किराए नहीं लेने की मांग की है।

Devendra Karande Reporting
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