बेमौसम बारिश ने बढ़ाई किसानों की मुसीबत, कई जगह फसलें तबाह

बारिश के साथ आंवले आकार के गिरे ओले, हवा से खेतों की फसलें आड़ी

बैतूल/रानीपुर. बेमौसम बारिश से जिले के अन्नदाता परेशान है। बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। बुधवार सुबह और शाम को जिले के अधिकांश क्षेत्र में ओलावृष्टि और तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। सबसे अधिक नुकसान रानीपुर और शाहपुर क्षेत्र में हुआ है। रानीपुर में आंवले आकार के ओले तो अन्य जगहों पर बेर और चने आकार के ओले गिरे हैं। खेतों में पकी गेहंू की फसल आढ़ी हो गई है। इधर बैतूल शहर में भी ओले और बारिश हुई। बारिश से फसल नुकसानी के बाद किसान अब प्रभावित फसले के सर्वे की मांग कर रहे हैं। वहीं मंडी में भी किसानों का खुले में रखा सैकड़ों बोरे अनाज भीग गया।
घोड़ाडोंगरी ब्लॉक के एक दर्जन से अधिक ग्रामों में एक बार अन्नदाता पर प्रकृति की मार हुई है। रानीपुर, छुरी, सीताकामथ, रतनपुर, चारगांव, शोभापुर, दुदानी, फूलगांव में सुबह पांच से छह बजे के बीच आंवले के आकार के ओले गिरने से फसल को क्षति पहुंची है। वहीं घोड़ाडोंगरी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नरेंद्र महतो ने बताया कि बुधवार को जुआड़ी सहित अन्य क्षेत्रों में आंवले व बेर के आकार के ओले गिरने से खेत में खड़ी फसल पूरी तरह खेत में लेट गई है। किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं बस स्टैंड जुआड़ी धनराज यादव के दुकान पर लगी टीन शेड हवा में बिखर कर रोड के आस पास फैल गई। धनराज यादव के पिताजी संत लाल यादव ने बताया कि सुबह ही 40 कुंटल मक्का छत पर सूखने डाली थी जो बारिश से भीग गई है।
आमला ब्लॉक के नरेरा, कलमेश्वरा, रतेड़ा, जमदेहीकला, छिपन्या पिपरिया, मालेगांव में शाम के पांच बजे के लगभग तेज बारिश हुई। बेर के आकार के ओले भी गिरे। बोरदेही क्षेत्र में भी आधा घंटा बारिश हुई। फसलों को नुकसान हुआ है।
इधर शाहपुर के पास देशावाड़ी, भयावाड़ी, छितरीबढ, सोहागपुर ढाना में लगभग दस मिनट तक ओले गिरे। बारिश में साप्ताहिक बाजार भी धूल गया। दुकानों में पानी भर गया। इधर घोड़ाडोंगरी में भी बारिश और ओले गिरे हैं। चिचोली में बारिश और ओले का प्रकोप नहीं है। सुबह थोड़ी और फिर शाम को बूंूदाबांदी हुई है।

दिन भर छाए रहे बादल, जोरदार हुई बारिश और ओलावृष्टि
सारनी/पाथाखेड़ा. बुधवार सुबह से ही बादल छाए रहे। दिन भर अलग-अलग समय में बरसात होने के अलावा ओलावृष्टि का दौर भी जारी रहा। इस बीच तेज हवाएं भी चली। बिजली चमकने के साथ शाम 4 से 7 बजे तक रूक-रूक कर बरसात और ओलावृष्टि हुई। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह चने से लेकर आमला के आकार के ओले गिरे। जिससे समीपस्थ ग्राम छुरी, सीताकामथ, मड़काढाना, कोलगांव, जाजबोड़ी, बाकुड़, सेमरताल, धसेड़, सलैया, बरेलीपार, शोभापुर, भोगई खापा, लोनिया, खैरवानी, राजेगांव समेत आसपास के कई गांवों में खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। सलैया में करीब 15 मिनट तक बेर व आमला के आकार के ओले गिरे। इसी तरह सारनी में भी चने से लेकर बेर आकार के ओले गिरे। भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष व उपसरपंच मोहन मोरे बताते हैं कि आसपास के दो दर्जन से अधिक गांवों की फसल ओलावृष्टि और बरसात से बर्बाद हो गई है। कटाई के लिए तैयार खेतों में पानी भरा गया है। ओलावृष्टि से गेहूं की बाली झड़ गई है।

yashwant janoriya
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned