पढ़े, कैसे ओलावृष्टि, बारिश और आंधी-तूफान ने मचाया कहर

नए साल में इस बार बारिश, आंधी तूफान और ओलावृष्टि नेे कहर बरपा दिया है। पिछले चौबीस घंटों में बैतूल शहर में डेढ़ इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई। जबकि जिले में कुल औसत बारिश १५.६ मिमी हुई। बारिश की वजह से जहां नदी-नाले ऊफान पर आ गए वहीं मौसम में ठंडक घुल गई है।

By: Devendra Karande

Published: 03 Jan 2020, 05:04 AM IST

बैतूल। नए साल में इस बार बारिश, आंधी तूफान और ओलावृष्टि नेे कहर बरपा दिया है। पिछले चौबीस घंटों में बैतूल शहर में डेढ़ इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई। जबकि जिले में कुल औसत बारिश १५.६ मिमी हुई। बारिश की वजह से जहां नदी-नाले ऊफान पर आ गए वहीं मौसम में ठंडक घुल गई है। इधर बुधवार देर रात तेज बारिश एवं आंधी तूफान की वजह से बैतूल-परासिया हाईवे पर कई पेड़ धराशाही हो गए। जिसके कारण आवागमन भी प्रभावित हुआ। आमला के ग्राम थानी में ओलावृष्टि होने सेे फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। बारिश के चलते किसानों के माथे पर चिंता की लकीरे खींच गई है।
बैतूल में डेढ़ इंच से अधिक बारिश दर्ज
बुधवार रात एवं गुरुवार सुबह को हुई जोरदार बारिश के चलते बैतूल शहर में ४०.८ मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा आमला में २२.० मिमी, चिचोली में २१.२ मिमी, मुलताई में १९.६ मिमी, घोड़ाडोंगरी में १५.० मिमी एवं प्रभातपट्टन में १४.२ मिमी बारिश दर्ज की गई। पिछले दो दिनों से शहर में बारिश का दौर जारी है। बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट आ गई है। मौसम में आए इस बदलाव के कारण मौसमी बीमारियों का प्रकोप भी बढ़ गया है। खासकर सर्दी-खांसी, जुखाम एवं बुखार के मरीजों की संख्या बढ़कर दोगुनी हो गई है। जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
आंधी-तूफान से धराशाही हुए पेड़
गुरुवार सुबह आंधी-तूफान के साथ हुई जोरदार बारिश के चलते बैतूल-परासिया हाईवे पर सड़क किनारे लगे कई पेड़ धराशाही हो गए। जिससे कुछ देर के लिए हाईवे पर आवागमन थम गया था। वन विभाग के कर्मचारियों ने सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर पेड़ों को हाईवे से हटाने का काम किया। बताया गया कि बंजारी माता से लेकर आमढाना के बीच करीब आठ किलोमीटर के दायरे में सड़क पर दर्जनों पेड़ गिए हुए थे। जिसकी वजह से हाईवे पर जाम की स्थिति बनती रही। बाद में वन विभाग की टीम ने इन पेड़ों को हटाने का काम किया।
ओलावृष्टि और बारिश से फसलें तबाह
बारिश के साथ ओलावृष्टि होने से कहीं-कहीं फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। खासकर सब्जी की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। बैतूलबाजार और आमला के थानी में चने के आकार के ओले गिरे हैं। मुलताई में भी ओलावृष्टि होने की खबर सामने आई है। ओलावृष्टि से टमाटर, हरी पत्तेदार सब्जियां, फूलगोभी आदि को नुकसान पहुंचा है। जिन किसानों ने लेट बोवनी की थी बारिश उनके लिए फायदेमंद साबित हो रही है जबकि कई ऐसे किसान भी है जिन्होंने पहले बोवनी कर दी थी लेकिन अब बारिश से उनके माथे में चिंता की लकीरें खींच गई है।

Devendra Karande Reporting
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