मृत बहन के दस्तावेजों के आधार पर रीता बनी आशा कार्यकर्ता

मृत बहन के दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर एक बहन अपनी ही मृत बहन के नाम पर आशा कार्यकर्ता बन गई। जबकि जो बहन आशा कार्यकर्ता बनी हैं वह आठवी में ही दो बार फेल हो चुकी है। पिछले छह वर्ष से एक बहन अपनी मृत बहन के नाम पर कार्य कर रही है।

By: Devendra Karande

Published: 08 Oct 2020, 04:03 AM IST

बैतूल। मृत बहन के दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर एक बहन अपनी ही मृत बहन के नाम पर आशा कार्यकर्ता बन गई। जबकि जो बहन आशा कार्यकर्ता बनी हैं वह आठवी में ही दो बार फेल हो चुकी है। पिछले छह वर्ष से एक बहन अपनी मृत बहन के नाम पर कार्य कर रही है। इसके बाद भी आज तक इसकी भनक विभागीय अधिकारियों को नहीं लग पाई। ौंसदेही नगर के कुछ युवाओं ने इस संबंध में शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
भैंसदेही निवासी मोनू तिवारी, शुभम तिवारी, मनोज घोड़की, शुभ राठौर, अमित उघडे ने पुलिस अधीक्षक से की शिकायत कर पूर्णा वार्ड क्रमांक 11 की निवासी रिता पति ऋषि घिघोड़े के खिलाफ फर्जी कागज के आधार पर आशा कार्यकर्ता की नौकरी करने का आरोप लगाया है। रिता घिघोड़े पति ऋषि घिघोड़े वार्ड क्रमांक 11 मां पूर्णा वार्ड भैंसदेहीं की निवासी है, जो अपनी मृतक बहन स्व वनिता सोलंकी के देहांत के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मिली भगत कर फर्जी कागजात बनवाकर भैंसदेही के वार्ड क्रमांक 11 में आशा कार्यकर्ता के पद पर पदस्थ है। जिनकी शिकायत वार्ड के निवासियों ने कलेक्टर, एस.डी.एम. भैंसदेही, तहसीलदार भैंसदेही, पुलिस थाना भैंसदेही, स्वास्थ्य विभाग भैंसदेही में विगत 6 मई को की थी। लेकिन इस मामले में आज तक किसी भी अधिकारी ने गंभीरता दिखाते हुए कार्रवाई नहीं की है। रिता शासन को गुमराह कर फर्जी कागजों के आधार पर अपनी बहन वनिता सोलंकी के नाम से आज भी नौकरी कर रही है।

Devendra Karande Reporting
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