सड़क और रपटा हुआ क्षतिग्रस्त, लगाना पड़ रहा 5 किमी का फेरा

गोंदागांव पहुंच मार्ग कीचड़ और दलदल में तब्दील

By: pradeep sahu

Published: 23 Jul 2018, 11:24 AM IST

टिमरनी/करताना. कुहीग्वाड़ी गांव में बजरंग मंदिर के सामने नदी पर बना रपटा क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह रपटा पंचायत हर साल बनाती है लेकिन रपटा केवल गर्मी के दिनों में ही टिकता है। नदी में पानी बढऩे पर यहां से रास्ता बंद हो जाता हैं। इस रपटे से गोंदागांव गंगेश्वरी नर्मदा तट जाने का रास्ता भी है। जिसकी लंबाई लगभग 2 किमी है। यह रास्ता भी बारिश में कीचड़ एवं दलदल में तब्दील हो जाता है। नहरों का पानी खेतों से होते नदी में पहुंचने पर रपटे पर लबालब पानी भरा जाता है। रपटे पर कजियां भी जमा हो जाती है जिससे रपटे पर से गुजरते समय हादसे का डर बना रहता है। गोदागांव पहुंच मार्ग कीचड़ में तब्दील होने से वाहन से दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। जिससे नर्मदा तट पहुंचने एवं नर्मदा परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं को कई किमी का फेर लगाकर आना जाना करना पड़ता है। वहीं गांव के लगभग 150 किसान प्रतिदिन आवागमन करते है। किसान ईश्वर सिंह राजपूत ने बताया कि कभी तो इस रपटे पर ट्रेक्टर फंस जाते है। कुहीग्वाड़ी से गोंदागांव आने जाने के लिए 2 किमी की दूरी तय करनी होती लेकिन अभी यह स्थिति है कि गोंदागांव त्रिवेणी संगम तक पहुंचने के लिए लंबा फेर लगाना पड़ता है। नदी पर बने रपटे को पंचायत सहित ग्रामीणों ने कई बार बनवाया, लेकिन यह रपटा हर बार बाढ़ में बह जाता है। ग्रामीणों ने पक्का रपटा बनाने की मांग की है।
इनका कहना है...
& अभी गांव में सड़के बनाने का काम चल रहा है, इसके बाद रपटे के लिए प्रस्ताव बनाएंंगें।
सकुलसिंह, सरपंच कुहीग्वाड़ी


मुक्तिधाम व कब्रिस्तान में किया पौधरोपण, तार फेंसिंग की रखी मांग
रहटगांव. स्थानीय मुक्तिधाम एवं कब्रिस्तान में रविवार को ग्राम पंचायत एवं जन अभियान परिषद की प्रस्फुटन समिति के सदस्यों ने पौधरोपण किया। जिसमें कचनार, सागौन, बांस, करंजी आदि के पौधे लगाए गए। मुक्तिधाम में तार फेंसिंग करने की मांग की। अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया। इस दौरान जपं सदस्य माया गौर, सरपंच ओमप्रकाश अग्रवाल, उपसरपंच रामखिलौन गौर, सचिव रामशंकर चौहान, मनदीप किरार, राजेंद्र गौर, सादिक खान, निकिता गौर, भारती इवने, सहुर खान, इखलाक खान आदि मौजूद थे।

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