कोटा राजस्थान से लौटे छात्रों के कोरोना जांच के लिए सेम्पल

राजस्थान कोटा से बस में निकले २२ छात्र ब्यावरा होते हुए गुरुवार दोपहर दो बजे के लगभग बैतूल के जिला अस्पताल पहुंचे। यहां विकलांग पुनर्वास केंद्र के परिसर में छात्रों की स्क्रीनिंग करने सहित कोरोना जांच के लिए सेम्पल लिए गए। छात्रों के साथ एक महिला भी बस में आई थी। जिससे कोटा से लौटने वालों की कुल संख्या २३ थी।

By: Devendra Karande

Published: 24 Apr 2020, 05:03 AM IST

बैतूल। राजस्थान कोटा से बस में निकले २२ छात्र ब्यावरा होते हुए गुरुवार दोपहर दो बजे के लगभग बैतूल के जिला अस्पताल पहुंचे। यहां विकलांग पुनर्वास केंद्र के परिसर में छात्रों की स्क्रीनिंग करने सहित कोरोना जांच के लिए सेम्पल लिए गए। छात्रों के साथ एक महिला भी बस में आई थी। जिससे कोटा से लौटने वालों की कुल संख्या २३ थी। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ सोनल डागा, डॉ आनंद मालवी एवं डॉ रजनीश शर्मा द्वारा छात्रों का स्वास्थ्य परीक्षण करने सहित स्क्रीनिंग की गई। सभी छात्रों को १४ दिनों के लिए होम आयसोलेशन में रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद छात्र अपने परिजनों के साथ घरों को वापस लौट गए। छात्रों को लेने के लिए बैतूल से दो टीमें ब्यावरा गई थी। छात्रों के बैतूल आगमन के पूर्व ही आरटीओ अधिकारी रंजना कुशवाह भी अस्पताल पहुंच गई थी।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए गए थे छात्र
राजस्थान के कोटा में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे प्रदेश के छात्र छात्राओं को उनके घर पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा व्यवस्था की गई। बैतूल जिले एक बस छात्रों को लाने के लिए कोटा भेजी गई थी और गुरुवार दोपहर जिला अस्पताल कैम्पस में सभी २२ छात्र सकुशल पहुंच गए। बस को जिला अस्पताल कैम्पस में ट्रामा सेंटर के पास लगाया गया था। पहले बस में सवार केवल पांच बच्चों को नीचे उतारा गया और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए उन्हें स्क्रीनिंग एवं कोरोना जांच के लिए चिकित्सकों के पास ले जाया गया। यहां सभी छात्रों की बारी-बारी से जांच की गई।चिकित्सकों का कहना था कि छात्र कोरोना संक्रमित क्षेत्र से आए हैं इसलिए उनका टेस्ट करना जरूरी था।
लॉक डाउन खाने-पीने की दिक्कतें
राजस्थान कोटा से लौटे छात्रों ने बैतूल पहुंचकर राहत की सांस ली। छात्रों ने सभी व्यवस्थाओं के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद दिया और कहा कि हम अच्छी तरह से वापस आ गए हैं। इसके लिए हम मामाजी का धन्यवाद करते हैं। छात्रों ने बताया कि लॉक डाउन की वजह से कोटा पूरी तरह से बंद था। ऐसे में उन्हें खाने-पीने की समस्याओं का भी सामना करना पड़ा। पैसों की तंगी की वजह से भी दिक्कतें आ रही थी, लेकिन सभी के सहयोग से वे वहां सुरक्षित रहे।
इनका कहना
- कोटा से आए सभी छात्र सकुशल बैतूल पहुंच गए है। जिला अस्पताल में स्क्रीनिंग और सेम्पल लेने के बाद सभी को घर भिजवा दिया गया है। हमनें रास्ते में छात्रों के खाने-पीने के लिए भी इंतजाम किए थे। तीन अधिकारियों को अलग-अलग जगहों पर तैनात किया गया था।
- राकेश सिंह, कलेक्टर बैतूल।
- सभी छात्र कोटा राजस्थान संक्रमित क्षेत्र से ट्रैवल कर बैतूल आए थे। इसलिए सुरक्षा की दृष्टि से हमनें सभी छात्रों का सेम्पल कोरोना जांच के लिए लिया है। छात्रों को १४ दिन होम आयसोलेशन में रहने के निर्देश दिए है।
- डॉ अशोक बारंगा, सिविल सर्जन जिला अस्पताल बैतूल।

Devendra Karande Reporting
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