मंडी में सुरक्षा व्यवस्था चौकीदार और ड्राइवर के भरोसे

कृषि मंडी बडोरा में अनाज की सुरक्षा चौकीदार और ड्राइवर के भरोसे हो गई है। तीन शि ट में कर्मचारी डयूटी कर रहे हैं। गार्डों को बंद कर दिया गया है। मॉडल एक्ट के चलते मंडियों की आय कम होने से गार्डों को बंद कर लाखों रुपए की बचत की गई है।

By: Devendra Karande

Published: 17 Sep 2020, 04:03 AM IST

बैतूल। कृषि मंडी बडोरा में अनाज की सुरक्षा चौकीदार और ड्राइवर के भरोसे हो गई है। तीन शि ट में कर्मचारी डयूटी कर रहे हैं। गार्डों को बंद कर दिया गया है। मॉडल एक्ट के चलते मंडियों की आय कम होने से गार्डों को बंद कर लाखों रुपए की बचत की गई है। सुरक्षा गार्डों को लेकर एजेंसी का नया ठेका नहीं किया गया है। वैसे भी मंडी में सुरक्षा गार्डों को लेकर फर्जीवाड़ा किया जा रहा था। मंडी में ऑन रिकार्ड तो डयूटी कर रहे थे,लेकिन मौके पर नहीं होते थे। गार्डों को हटाने के बाद भी पिछले २० दिनों में ऐसी कोई बढ़ी चोरी सामने नहीं है,जबकि गार्ड तैनात होने के बाद भी व्यापारियों और किसानों का अनाज चोरी हो जाता था।
मार्ड में तैनात थे ३९ गार्ड
कृषि मंडी बडोरा में सुरक्षा गार्ड के नाम पर ३९ गार्ड तैनात थे। इतने ही गार्डांे को लगभग हर माह ८ लाख रुपए का भुगतान किया जाता था। पिछले वर्ष १५ वर्षों से गार्ड तैनात थे। गार्डों को पिछले माह ही अगस्त माह मेंं हटाया गया है। गार्डों को हटाने के बाद मंडी के चार चौकीदार और एक ड्राइवर सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। चौकीदारों की तीन शिफ्ट में डयूटी लगाई गई है। वही रात के समय में एक ही चपरासी को रखा जाता है।
मॉडल एक्ट के चलते बनी स्थिति
मंडी में सुरक्षा गार्डों को हटाने की स्थिति मॉडल एक्ट के चलते बनी है। जिस तरह से एक्ट लाया जा रहा है। उसके बाद मंडी के अधिकारियों और कर्मचारियों को ही वेतन और भत्ते के लाले पड़ जाएंगे। इस वजह से सुरक्षा गार्डों को बंद कर खर्च कम करने की बात कही जा रही है।
इनका कहना
मंडी के सुरक्षा गार्डों को बंद कर दिया है। मंडी के चौकीदार ही सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। मॉडल एक्ट में आय कम होगी। इस वजह से मंडी में खर्च कम किए जा रहे हैं।
एसके भालेकर, प्रभारी सचिव कृषि मंडी बैतूल।

Devendra Karande Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned