पूर्व सरपंच एवं बेवा के अवैध संबंध से पैदा हुआ था बच्चा, दोनों को मिली पांच-पांच साल की सजा

नवजात को जान से मारने की नीयत से झाडिय़ों में फेंकने के मामला

By: rakesh malviya

Updated: 04 Apr 2019, 01:40 PM IST

मुलताई. अवैध संबंधों की परिणिति हमेशा ही दुखदाई होती है, ऐसे ही अवैध संबंधों से हुए नवजात को जान से मारने की नीयत से झाडिय़ों में फेंकने के मामले में सेमरिया पांढरी के पूर्व सरपंच एवं गांव की ही विधवा महिला को बुधवार न्यायधीश द्वारा पांच-पांच वर्ष की सजा व तीन-तीन हजार रुपए अर्थदंड की सजा से दंडित किया गया है। अपर सत्र न्यायाधीश हरप्रसाद बंशकार द्वारा बुधवार सेमरिया के पूर्व सरपंच एवं एक विधवा को जो बच्चे के जैविक माता-पिता भी है, दोनों को पांच-पांच साल की सजा एवं तीन-तीन हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है। अपनी करतूत छिपाने जन्म के तुरंत बाद बच्चे को झाडियों में फेंक दिया था। सरकारी अधिवक्ता भोजराज सिंह रघुवंशी ने बताया कि 26 जुलाई 2013 को सुबह 10 बजे फरियादी लंकाबाई ने पुलिस को सूचना दी थी कि वह हतनाुपर रहने वाली है, एवं पैदल खेत जा रही थी, तभी चिचंडा रेलवे गेट के समीप झाडि़यों में से उसे बच्चे के रोने की आवाज आई, जिसके बाद उसने पास जाकर देखा तो उसे एक नवजात शिशु दिखा, उसने तुरंत ही ओरिएंटल के कर्मचारियों को बात बताई, सभी ने पुलिस बुलाकर बच्चे की जानकारी दी। पुलिस द्वारा जांच पाया कि बच्चा साहेबराव पिता पंजाबराव कव$डकर उम्र 52 साल एवं रुखमनी पति अशोक बुवाड़े उम्र 25 साल के अवैध संबंधों के चलते पैदा हुआ है। पुलिस ने साहेबराव और रुखमनी के खिलाफ धारा 315, 317, 307,34 भादवि के तहत केस दर्ज करते हुए प्रकरण न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया था। न्यायालय द्वारा बच्चे और साहेबराव के डीएनए की जांच भी करवाई थी, जो आपस में मिलान हुई। न्यायाधीश हरप्रसाद बंशकार ने आरोपी साहेबराव एवं रुखमनी को पांच-पांच साल की सजा एवं तीन-तीन हजार को अर्थदंड लगाया है, दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

परिवार को मिलेगी १६ लाख से अधिक राशि
बैतूल. सिलेंडर से लगी आग में मुलताई निवासी मुकेश बोबड़े की मौत के मामले में उपभोक्ता फोरम ने मृतक के परिजनों को ब्याज सहित १६,३०,२०० रुपए देने के आदेश दिए हैं। पीडि़त की ओर पैरवी करने वाले अधिवक्ता अंशुल गर्ग ने बताया कि ३० अक्टूबर १३ को चाय बनाते समय गैंस सिलेंडर में आग लग गई थी। आग में झुलसने से मुकेश गंभीर रुप से जल गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पीडि़त परिवार की ओर से हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड और कृषि विकास गैंस एजेंसी और न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी के विरुद्ध उपभोक्ता फोरम मे केस दिया था। उपभोक्ता फोरम ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सेवा में कमी पाते हुए १६.३० लाख रुपए परिवार के सदस्यों को ब्याज सहित एक माह में देने के आदेश दिए गए हैं।

rakesh malviya Desk
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