जांच के लिए पहुंचे नगरपालिका अमले के सामने ही भरभराकर गिर गई जर्जर बिल्डिंग

शहर के कोठीबाजार स्थित सबसे व्यस्तम सीमेंट पर गुरुवार को बढ़ा हादसा टल गया। शाम के सवा चार बजे के बजे के लगभग जर्जर बिल्डिंग का निरीक्षण करने के लिए तहसीलदार, नगरपालिका प्रभारी सीएमओ के साथ सीमेंट रोड पर पहुंचे थे। वे अपनी गाड़ी से उतरकर जर्जर भवन के पास पहुंच ही रहे थे और लगभग सिर्फ दस फीट दूर थे। इतने में ही सुबह से हो रही बारिश के चलते अचानक दो मंजिला बिल्डिंग भर-भराकर गिर गई।

By: Devendra Karande

Published: 14 Aug 2020, 04:02 AM IST

बैतूल। शहर के कोठीबाजार स्थित सबसे व्यस्तम सीमेंट पर गुरुवार को बढ़ा हादसा टल गया। शाम के सवा चार बजे के बजे के लगभग जर्जर बिल्डिंग का निरीक्षण करने के लिए तहसीलदार, नगरपालिका प्रभारी सीएमओ के साथ सीमेंट रोड पर पहुंचे थे। वे अपनी गाड़ी से उतरकर जर्जर भवन के पास पहुंच ही रहे थे और लगभग सिर्फ दस फीट दूर थे। इतने में ही सुबह से हो रही बारिश के चलते अचानक दो मंजिला बिल्डिंग भर-भराकर गिर गई। आधा मिनट में ही पूरी बिल्डिंग जमींदोज हो गई। हादसे में तहसीलदार और नपा अमला बाल-बाल बच गए। जर्जर बिल्डिंग गिरने से आसपास की दो दुकानें भी क्षतिग्रस्त हुई है। हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई है। शहर में ही ऐसे लगभग १८ भवन हैं,जिन्हें नगर पालिका द्वारा खाली करने के लिए नोटिस दिया गया है। इसके बाद भी भवनों को खाली नहीं किया गया है। नगर पालिका अब इन भवनों पर सख्ती से कार्रवाई की बात कह रही है।
मची चीख पुकार,टला बड़ा हादसा
गुरुवार को सवा चार बजे के लगभग सिर्फ आधा मिनट में ही बिल्डिंग जमींदोज हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जिस समय यह हादसा हुआ इसके पहले ही आवाज आने लगी थी। आसपास के दुकानदार और इनमें काम करने वाले कर्मचारी अपनी दुकान के बाहर आ गए थे। रोड पर जो इक्का-दुक्का लोग थे वे भी आवाज सुनकर यहां-वहां खड़े हो गए थे। जैसे ही बिल्डिंग गिरी चीख-पुकार शुरू हो गई। लोग चिल्लाने लगे और इधर-उधर भागने लगे। आधा मिनट में ही पूरी बिल्डिंग गिर गई। इस दौरान जमकर आवाज हुई और बिजली के तार भी लपेटे में आ गए। सड़क तक पर मलबा गिर गया। पूरी तरह से रास्ता बंद हो गया। बिल्डिंग गिरने की घटना को लोगों ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया। लोगों ने इसके वीडियो भी बनाए। गुरुवार साप्ताहिक बाजार होने से सीमेंट रोड पर भारी भीड़ रहती है। इस रोड पर बाजार के दिन चलने के लिए जगह नहीं रहती है। बारिश होने से बाजार में भीड़ कम थी। जिससे बढ़ हादसा टल गया और कोई जनहानि नहीं हुई। बताया जा रहा है कि बिल्डिंग में अनिल आहूजा द्वारा जूते-चप्पल की दुकान संचालित की जा रही थी। उनके द्वारा सामान खाली कर दिया गया था,लेकिन फर्नीचर दुकान में ही था। भवन के मलबे में फर्नीचर दब गया,जिससे लगभग दस लाख रुपए का नुकसान होना बताया जा रहा है। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने बेरिकेड्स लगाकर रास्ता बंद कर दिया है। जर्जर भवन गिरने मेें नगर पालिका की लापरवाही भी सामने आ रही है। अधिकारियों द्वारा इसे पहले ही चिहिंत क्यों नहीं किया गया। भवन मालिक द्वारा आवेदन देने के बाद भी कार्रवाई में दस दिन लगा दिए गए।
साइड की दो दुकानदार को खाली करने का नोटिस
नगर पालिका इंजीनियर नगेन्द्र वागद्रे ने बताया कि बिल्उिंग गिरने से उसके दोनों साइड की दुकानें भी क्षतिग्रस्त हुई है। दुकान संचालकों को दुकान खाली करने के निर्देश दिए हैं। दोनों दुकानों बादशाह जनरल स्टोर्स और सांईनाथ बैंगल स्टोर्स को सील करने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने ने बताया कि नगर नगर पालिका ने शहर में जर्जर भवन लगभग १८ को नोटिस जारी कर खाली करने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद कई भवन खाली नहीं किए जा रहे हैं। भवनों पर किराएदारों ने कब्जा कर रखा है और कोर्ट में केस चल रहा है। ऐसे भवनों को भी सख्ती से खाली कराकर सील करने की कार्रवाई की जाएगी। जिससे कि हादसा नहीं हो।
भवन मालिक ने दस दिन पहले ही दी थी सूचना
भवन मालिक श्रीकांत अग्रवाल ने बताया कि बिल्डिंग ५० वर्ष पुरानी है। इसे गिराने के प्रयास में था। किराएदार होने से गिरा नहीं पा रहा था। दस दिन पहले नगर पालिका और एसडीएम कार्यालय में आवेदन देकर सूचना दी थी। पुरानी बिल्डिंग हो गई हैै। इसे खाली कराकर गिराया जाए। एसडीएम कार्यालय से आवेदन नगर पालिका पहुंच गया था। नगर पालिका के कर्मचारी आवेदन पंचनामा बनाने के लिए आए थे। सुबह से बारिश होने से अधिकारियों के सामने ही बिल्डिंग बैठ गई। पुरानी बिल्डिंग को धीरे-धीरे गिरा रहे थे। ४० वर्ष से एक ही किराएदार था। पूरी बिल्डिंग खाली हो गई थी। इस तरह से जनहानि नहीं हुई है।
इनका कहना
जर्जर भवन की जांच के लिए एसडीएम ने सूचना दी थी। सीएमओ को लेकर मौके पर पहुंचा था। भवन से लगभग दस फीट की दूरी पर थे। अचानक बिल्डिंग भर-भराकर गिर गई। घटना में शासकीय अमला भी बाल-बाल बच गया। अभी एहतियात के तौर पर आसपास की दुकानें भी बंद करा दी है। बेरिकेड्स लगाकर आवजाही बंद कर दी है।
ओमप्रकाश चोरमा, तहसीलदार बैतूल।
- दुकानदार को दुकान खाली करने के लिए तीन दिन पहले नोटिस दिया गया था। गुरुवार को निरीक्षण करने पहुंचे थे। बिल्डिंग अचानक गिर गई। न्यायालय में मामला होने से दुकान खाली नहीं हो सकी थी।
- नीरज धुर्वे, प्रभारी सीएमओ नगरपालिका बैतूल।

Devendra Karande Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned