पढ़े, कोरोना का खौफ: न्यायालय में थर्मल स्क्रीनिंग शुरू, बैंक में पांच से अधिक जाने पर रोक

देश में कोरोना वायरस के संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बैतूल में भी सुरक्षा को लेकर कड़े प्रबंध किए जा रहे हैं। जिला न्यायालय में आने वाले प्रत्येक लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग सहित हैंडवॉश कराया जा रहा है। वहीं बैंकों द्वारा भी कोरोना से बचाव के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं।

By: Devendra Karande

Published: 20 Mar 2020, 05:04 AM IST

बैतूल। देश में कोरोना वायरस के संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बैतूल में भी सुरक्षा को लेकर कड़े प्रबंध किए जा रहे हैं। जिला न्यायालय में आने वाले प्रत्येक लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग सहित हैंडवॉश कराया जा रहा है। वहीं बैंकों द्वारा भी कोरोना से बचाव के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं।नगरपालिका में संचालित एसबीआई की शाखा में पांच से अधिक लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। बैंक के बार लोग कतार लगाकर अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे हैं। इधर आरटीओ ने यात्रियों को कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए सुरक्षात्मक उपाय तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
थर्मल स्क्रीनिंग और हैंडवॉश के बाद न्यायालय में प्रवेश
जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमरनाथ ने बताया कि कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए जिला न्यायालय के प्रवेश द्वारा पर आने-जाने वालों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। सेनेटाइजर से लोगों को हैंडवॉश भी कराया जा रहा है। इसके अलावा परामर्शदाताओं की एक टीम कोरोना से बचाव के लिए एलाउंसमेंट करने सहित लोगों को इससे बचाव के लिए जागरूक कर रही है। जिला न्यायालय में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए मॉस्क बनाए जाने के आर्डर भी जिला जेल को दिए गए हैं।
बैंक में पांच से अधिक लोगों के प्रवेश पर रोक
बैंकों में होने वाली भीड़-भाड़ को देखते हुए नगरपालिका में मौजूद एसबीआई की शाखा द्वारा पांच से अधिक लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। एक बार में सिर्फ पांच लोगों को ही बैंक के अंदर प्रवेश करने दिया जा रहा है। जबकि शेष लोगों को लाइन में खड़े होकर अपनी बारी आने का इंतजार करना पड़ रहा है। बैंक ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए बाहर ब्रेंच एवं कुर्सियों का इंतजाम भी कर दिया हैं ताकि वे बैठकर अपनी बारी आने का इंतजार कर सके।
नोवल कोरोना संक्रामक रोग घोषित
राज्य शासन द्वारा नोवल कोरोना को सम्पूर्ण राज्य के लिए संक्रामक रोग घोषित किया गया है। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ एक्ट 1949 की धारा 50 के अन्तर्गत यह कार्यवाही की गई है। इस अधिनियम की धारा 51 के अन्तर्गत सम्पूर्ण राज्य के लिए यह अधिसूचित संक्रामक रोग (नोटिफाईड इन्फेक्शीयस डिसीज़) घोषित किया गया है।
बसों में संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण के निर्देश
जिला परिवहन अधिकारी रंजना सिंह कुशवाह ने समस्त बस संचालकों को निर्देश दिए हैं कि उनकी बसों में यात्रा कर रहे यात्रियों को नोबल कोरोना वायरस (कोविद-19) के संक्रमण से बचाव के लिए सुरक्षात्मक उपाय तत्काल प्रभाव से लागू करें।उन्होंने कहा कि बसों के गेट के हैंडल एवं सीटों के हैंडल को सेनीटाइजर से निरंतर साफ रखें। बस की सीट, फ्लोर एवं अन्य भागों को नियमित रूप से साफ किया जाए। बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों पर कंडक्टर्स निगरानी रखें तथा किसी यात्री में कोरोना वायरस के लक्षण दिखाई दे, तो तत्काल जिला प्रशासन को इसकी सूचना दें। उन्होंने कहा है कि बसों की खिड़कियों तथा बर्थ पर लगे पर्दों को तुरंत निकलवाना सुनिश्चित करें तथा बसों में रात्रिकालीन सेवा के दौरान कम्बल व चादर देना बंद कर दें।
कोरोना के डर से मूल्यांकन एवं बोर्ड परीक्षाएं टली
कोरोना वायरस की दहशत के चलते माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड ने २० मार्च से ३१ मार्च तक की आयोजित होने वाली मंडल की समस्त परीक्षाएं तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दी है। २१ मार्च से प्रारंभ होने वाला उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य भी ३१ मार्च तक स्थगित कर दिया गया है।

Devendra Karande Reporting
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