पर्यटन दृष्टि से उपेक्षित है धार्मिक स्थल पारसडोह, विकास का है इंतजार

चट्टानें, डोह एवं कुं ड करते हैं आकर्षित

By: pradeep sahu

Published: 29 Mar 2019, 05:02 AM IST

मुलताई. मां ताप्ती के उद्गम स्थल मुलताई से महज ४५ किमी दूर आठनेर मार्ग पर पारसडोह धार्मिक स्थल हैं, जहां सुरम्य वादियों में ताप्ती की जलधारा बहती है। इस स्थल पर मां ताप्ती का प्राचीन मंदिर होने के साथ ही छोटे-छोटे कुंड, झरने तथा गहरे डोह हैं। बावजूद पर्यटन की दृष्टि से पारसडोह अभी उपेक्षित है, जिससे इस प्राकृतिक तथा धार्मिक स्थल पर बड़ी संख्या में पर्यटक नहीं पहुंच पाते हैं। पारसडोह तक जाने के लिए आठनेर से तो पक्का मार्ग है, लेकिन मुलताई की ओर से जाने के लिए लोगों को कच्चे रास्ते से जाना पड़ता है। इस प्राकृतिक एवं धार्मिक स्थल के लिए शासन द्वारा भी संतोषप्रद प्रयास नही किए हैं जिससे मुलताई की ओर से पारसडोह तक पहुंचने के लिए कहीं भी कोई संकेतक अथवा सूचना बोर्ड नजर नहीं आता। पारसडोह प्राकृतिक स्थल के साथ ही धार्मिक स्थल भी है जिससे यहां आसपास के ग्रामीणों की भीड़ रहती है। यहां मां ताप्ती के प्राचीन मंदिर के साथ ही विष्णु मंदिर, धूनिवाले दादाजी का मंदिर, टेकड़ी पर बना शिव मंदिर भी हैं। कार्तिक पूर्णिमा के दिन पारसडोह में मेला लगता है।

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