पढ़े, एक ही व्यक्ति की दो कोरोना पॉजीटिव रिपोर्ट को अलग-अलग बता दिया

कोरोना पॉजीटिव मरीजों के आंकड़ों को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा किस तरह अनदेखी की जा रही है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि भोपाल के एम्स अस्पताल द्वारा जारी कोविड १९ मरीजों की संख्या बैतूल में दो बता दी गई। जिससे जिले में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई थी। बताया गया कि भैंसदेही के जिस कोरोना पॉजीविट मरीज का दोबारा सेम्पल जांच के लिए भेजा गया था और उसकी रिपोर्ट भी पॉजीटिव आई थी। इस वजह से यह गफलत हुई।

By: Devendra Karande

Published: 19 Apr 2020, 05:03 AM IST

बैतूल। कोरोना पॉजीटिव मरीजों के आंकड़ों को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा किस तरह अनदेखी की जा रही है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि भोपाल के एम्स अस्पताल द्वारा जारी कोविड १९ मरीजों की संख्या बैतूल में दो बता दी गई। जिससे जिले में हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई थी। बताया गया कि भैंसदेही के जिस कोरोना पॉजीविट मरीज का दोबारा सेम्पल जांच के लिए भेजा गया था और उसकी रिपोर्ट भी पॉजीटिव आई थी। इस वजह से यह गफलत हुई। जिससे वेबसाइट पर पॉजीटिव केसों की संख्या दो बता दी गई। मजेदार बात तो यह है कि सोशल साइट से लेकर टीवी चैनलों पर भी यह खबर चल गई।हालांकि बाद में स्वास्थ्य विभाग बैतूल द्वारा भोपाल एम्स से त्रुटिवश कोरोना मरीज की संख्या दो होना बताया गया है, लेकिन काफी देर तक वेबसाइट पर आंकड़ों में कोई सुधार नहीं किया गया।
बजने लगी फोनों की घंटियां
बैतूल जिले में कोरोना पॉजीविट का दूसरा मामला आने की खबर मिलते ही सीएमएचओ कार्यालय में फोनों की घंटियां बजने लगी थी। एम्स अस्पताल द्वारा जारी कोविड १९ मरीजों में बैतूल जिले में दो मरीज होने की पुष्टि के लिए मीडियाकर्मियों ने जब फोन लगाए तो पता चला कि जिले में कोरोना पॉजीटिव का कोई दूसरा केस नहीं आया है। एम्स की वेबसाइट का जब हवाला दिया गया तो बताया गया कि भैंसदेही के कोरोना पॉजीटिव मरीज की दोबारा जांच रिपोर्ट पॉजीटिव आई थी हो सकता है कि इस गफलत में मरीजों की संख्या दो लिखा गई हो। वैसे सीएमएचओ कार्यालय द्वारा लिखित आदेश जारी कर इस बात का खंडन नहीं किया गया।
अस्पताल के आयसोलेशन में भर्ती मरीज छह हुए
सरकारी अस्पताल के आयसोलेशन में भर्ती कोरोना संदिग्ध मरीजों की संख्या शनिवार को पांच से बढ़कर छह पर पहुंच गई है। वहीं ९ नए मरीजों के सेम्पल कोरोना जांच के लिए गए हैं। जिससे अब तक लिए गए सेम्पलों की संख्या १४६पर पहुंच गई है। इनमें से १२४ की कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी हैं जबकि २१ की रिपोर्ट आना अभी बाकी बताया जा रहा है। इनमें से भैंसदेही के एक युवक की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। जिसका स्वास्थ्य केंद्र में इलाज चल रहा है। वहीं अब तक ३१ हजार १३३ लोगों की स्क्रीनिंग का काम किया जा चुका है। जबकि १२ हजार ३८१ लोगों को स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की निगरानी में होम आयसोलेशन करने की सलाह दी गई है।
अस्पतालों में प्रवेश द्वार पर होगी कोरोना की प्रारंभिक स्क्रीनिंग
अस्पतालों एवं स्वास्थ्य संस्थाओं के प्रवेश-द्वार पर ही आगंतुकों की प्रारंभिक स्क्रीनिंग किए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। स्क्रीनिंग में आगंतुकों में सर्दी, खांसी, बुखार जैसे लक्षणों की जांच की जाएगी। कोविड-19 के संक्रमण को अस्पतालों में फैलने से रोकने के लिए यह सावधानी बरती जा रही है।स्वास्थ्य आयुक्त फैज अहमद किदवई द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट कहा गया है कि अस्पतालों एवं स्वास्थ्य संस्थानों से कहा गया है कि एक से अधिक प्रवेश और निर्गम व्यवस्था को बंद किया जाए। प्रारंभिक परीक्षण केन्द्र में तैनात पैरामेडिकल स्टॉफ का दायित्व होगा कि बुखार, सर्दी और खांसी की तकलीफ वाले रोगियों तथा इन मरीज के संपर्क में आने अथवा भ्रमण इतिहास वाले रोगियों को सीधे फ्लू की ओपीडी में भेजें। अस्पताल में सोशल डिस्टेंसिंग, प्रारंभिक परीक्षण केन्द्र को हर आठ घंटे में सेनेटाइज करने और रोगियों तथा परिजनों को मास्क लगाने या मुंह ढंकने जैसी सावधानियों का पालन कराना आवश्यक होगा।
लॉकडाउन में सख्ती दो-चार पहिया वाहन पूर्णत: प्रतिबंधित
पुलिस अधीक्षक डीएस भदौरिया ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के दृष्टिगत जिले में प्रभावशील लॉक-डाउन अवधि के दौरान जिला प्रशासन द्वारा अनिवार्य सेवाओं के लिए प्रदत्त अनुमति के अंतर्गत विभिन्न प्रयोजन से संचालित वाहन, व्यक्तियों के आवागमन के अलावा अन्य दो पहिया एवं चार पहिया वाहन पूर्णत: प्रतिबंधित किए गए हैं, किन्तु उसके उपरांत प्रात: यह देखा जा रहा है कि दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों में निर्धारित संख्या से अधिक व्यक्ति वाहनों में एक साथ आवागमन कर रहे हैं, जो क्षेत्र में संक्रमण के फैलाव का खतरा होकर प्रशासन द्वारा पूर्व निर्धारित मापदण्डों का स्पष्ट उल्लंघन है। उक्त निर्देशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध पुलिस प्रशासन द्वारा आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इनका कहना
-कोरोना पॉजीटिव मरीज की संख्या जिले में एक ही है। भोपाल से आई जांच रिपोर्ट में एक ही मरीज की दूसरी रिपोर्ट भी पॉजीटिव आई है। जिसकी वजह से यह गफलत हुई है। वेबसाइट पर इसे सुधार दिया गया है। - डॉ सौरभ राठौर, कोरोना प्रभारी जिला अस्पताल बैतूल।

Devendra Karande Reporting
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