ब्लैक में बिक रहा यूरिया, 270 की बोरी 500 में

खरीफ सीजन की शुरूआत में अच्छी बारिश होने से इस साल किसानों ने जल्द ही बोवनी कर ली है लेकिन अब किसानों को यूरिया के लिए परेशान होना पड़ रहा है। डबल लॉक गोदामों और सोसायटियों में पिछले पांच दिनों से यूरिया का स्टॉक खत्म हो चुका है। प्रायवेट दुकानदार किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर २७० बोरी को ५०० रुपए में बेच रहे हैं। कुछ किसान तो मजबूरी में ब्लैक में यूरिया खरीद रहे है लेकिन आदिवासी किसान तबका सोसायटी में यूरिया आने की राह ताक रहा है।

By: Devendra Karande

Published: 07 Jul 2020, 04:02 AM IST

बैतूल। खरीफ सीजन की शुरूआत में अच्छी बारिश होने से इस साल किसानों ने जल्द ही बोवनी कर ली है लेकिन अब किसानों को यूरिया के लिए परेशान होना पड़ रहा है। डबल लॉक गोदामों और सोसायटियों में पिछले पांच दिनों से यूरिया का स्टॉक खत्म हो चुका है। प्रायवेट दुकानदार किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर २७० बोरी को ५०० रुपए में बेच रहे हैं। कुछ किसान तो मजबूरी में ब्लैक में यूरिया खरीद रहे है लेकिन आदिवासी किसान तबका सोसायटी में यूरिया आने की राह ताक रहा है। किसानों का कहना था कि हर साल यूरिया का संकट जिले में आता है और कालाबाजारी बढ़ जाती है लेकिन पहले से यूरिया के भंडारण को लेकर कोई इंतजाम नहीं किए जाते हैं। पूर्व में अवैध रूप से परिवहन किए जा रहे ट्रक भी पकड़े जा चुके हैं। जिला विपणन विभाग का कहना है कि कंपनी से बात हो चुकी हैं दो-तीन दिनों में यूरिया की रेक बैतूल पहुंचने वाली है लेकिन यूरिया नहीं मिलने से किसानों की फसलें बर्बाद होती नजर आ रही है।
५०० में बिक रही यूरिया की बोरी
जिले में यूरिया की शार्टेज होने का फायदा निजी खाद विक्रेता भी जमकर उठा रहे हैं। बिरूलबाजार में २७० रुपए की यूरिया की बोरी ५०० रुपए में बेची जा रही है। मजबूरी में कुछ किसान ५०० में भी यूरिया की बोरी खरीद रहे हैं। वही गरीब आदिवासी किसान सरकारी यूरिया आने की राह ताक रहा है। यूरिया को लेकर जिला मुख्यालय में भी यही स्थिति निर्मित हो रही है। जिले भर में खाद का संकट गहराते जा रहा है। जानकारों की माने तो यदि एक-दो हफ्ते यूरिया की रेक नहीं आती है तो यह संकट विकराल रूप ले सकता है। ऐसे में यूरिया को लेकर किसान सड़क पर भी उतर सकते हैं। फिलहाल तो यूरिया के लिए किसान भटक रहा है।
डबल लॉक से सोसायटी तक में यूरिया खत्म
जिला विपणन विभाग के डबल लॉक गोदामों में सबसे पहले यूरिया पहुंचता है। यहां से यूरिया का वितरण सोसायटियों में किया जाता है, लेकिन पिछले सात दिनों से यूरिया की रेक नहीं पहुंची है। एक जुलाई को यूरिया की ११५० मीट्रिक टन की रेक बैतूल आई थी लेकिन एक ही दिन में यूरिया खत्म हो गया था। बीते सात दिनों से यूरिया की रेक नहीं आई है। विभाग का कहना है कि यूरिया के लिए गुना की कंपनी से संपर्क किया गया है। दो-तीन दिन में यूरिया की रेक बैतूल पहुंच जाएगी। यूरिया कितनी मात्रा में आएगा यह भी बताया नहीं गया है, लेकिन जिले में वर्तमान में दस हजार मीट्रिक टन यूरिया की आवश्यकता बनी हुई है।
साढ़े सोलह हजार टन से अधिक का वितरण
जिला विपणन संघ के मुताबिक जिले में यूरिया का लक्ष्य २४ हजार ७३२ मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है। इसके एवज में अभी तक जिले में १६ हजार ९३४ मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया जा चुका हैं। वर्तमान में यूरिया की उपलब्धता शून्य है। वहीं डीएपी १२ हजार ३०२ मीट्रिक टन उपलब्ध हुआ था। जिसमें से १० हजार ४३१ मीट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है। इसी प्रकार सुपर फास्फेट २६३३ मीट्रिन टन में से २५८३ मीट्रिक टन का वितरण किया जा चुका हैं। पोटाश १३६३ मीट्रिक टन में से १०९२ मीट्रिक टन का वितरण किया गया है। यूरिया की कमी सबसे ज्यादा सामने आ रही है।
यूरिया संकट को लेकर कृषि मंत्री से बात
जिले में यूरिया को लेकर संकट गहराने के बाद जिले जनप्रनिधियों ने कृषि मंत्री से बात कर १८ हजार मीट्रिक टन यूरिया दिलाए जाने की मांग की है। सांसद दुर्गादास उइके और विधायक डा.योगेश पंडाग्रे ने कृषि मंत्री कमल पटेल से फोन पर चर्चा कर 18 हजार मीट्रिक टन खाद और देने की मांग की है। जनप्रतिनिधियों ने इस संबंध में कृषि मंत्री को पत्र भी लिखा गया है। पत्र के माध्यम से जनप्रतिनिधियों ने कृषि मंत्री को बताया कि बैतूल जिले में वर्तमान खरीफ मौसम के लिए 56415 मीट्रिक टन उर्वरक की मांग की गई थी। जिसके विरूद्ध 27148 मीट्रिक टन यूरिया खाद ही जिले को प्राप्त हुई है। जिसका पूर्ण वितरण किसानों को किया जा चुका है।
इनका कहना
-गुना से यूरिया की एक रेक दो-तीन दिनों में बैतूल आने वाली है। जैसे ही रेक बैतूल पहुंचेगी। सीधे यूरिया ट्रकों में लोड कर सोसायटियों में भेज दिया जाएगा। विभाग के माध्यम से दस हजार मीट्रिक टन यूरिया की डिमांड एक महीने पहले ही भेज दी गई थी। - नीतेश गोतिया, खाद प्रभारी जिला विपणन संघ बैतूल।
- यूरिया नहीं मिलने से किसान खासे परेशान है। किसानों की फसलें भी बर्बाद हो रही है। निजी दुकानों पर किसानों को ब्लैक में यूरिया बेचा जा रहा है। हमारी शासन से मांग है कि किसानों की परेशानियों को देखते हुए जल्द से जल्द यूरिया की रेक बुलाई जाए।
- रमेश गायकवाड़, अध्यक्ष जिला किसान कांग्रेस बैतूल।

Devendra Karande Reporting
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