आमला के विशाल ने जयपुर में बनाई लॉक डाउन की अनोखी कलाकृति

आमला के ग्राम जम्बाड़ी में रहने वाले विशाल धोटे लॉक डाउन के दौरान जयपुर में रहकर फाइन आर्ट की कला को निखार रहे हैं। कोरोना संक्रमण के चलते लॉक डाउन की उम्दा कलाकृति उन्होंने उकेरी है। इस कलाकृति के माध्यम से उन्होंने लोगों को अपने घरों में रहने के लिए प्रेरित किया है। साथ ही बताया है कि किस तरह पूरा देश एक ताले में बंद है।

By: Devendra Karande

Published: 23 Apr 2020, 05:03 AM IST

बैतूल। आमला के ग्राम जम्बाड़ी में रहने वाले विशाल धोटे लॉक डाउन के दौरान जयपुर में रहकर फाइन आर्ट की कला को निखार रहे हैं। कोरोना संक्रमण के चलते लॉक डाउन की उम्दा कलाकृति उन्होंने उकेरी है। इस कलाकृति के माध्यम से उन्होंने लोगों को अपने घरों में रहने के लिए प्रेरित किया है। साथ ही बताया है कि किस तरह पूरा देश एक ताले में बंद है। विशाल बेचलर फाइन आर्ट प्रथम वर्ष के छात्र हैं और जयपुर में रहकर कर्मिशयल काम कर रहे हैं। चूंकि लॉक डाउन की वजह से काम बंद हो चुका हैं इसलिए उनके मन में विचार आया कि लॉक डाउन को लेकर कुछ नया बनाया जाए। इस प्रेरणा के चलते उन्होंने यह कलाकृति बनाई है। विशाल बैतूल लौटना चाहते थे लेकिन लॉक डाउन के कारण आवागमन के साधन बंद होने से वे नहीं आ सके।
शादी की सालगिरहा पर नहीं मिला केक तो यू-ट्यूब से बनाना सीखा
शहर के अर्जुन नगर में रहने वाली मीना सोनी की २१ अप्रेल को शादी की सालगिरा थी। हर साल वे बाजार से केक मंगवाकर सालगिरहा मनाते हैं लेकिन लॉक डाउन के चलते दुकानें बंद होने के कारण उन्हें इस बार केक नहीं मिला तो उन्होंने सालगिरा के दो-तीन दिन पहले से यू-ट्यूब से केक बनाना सीखना शुरू कर दिया। दो बार केक बनाने की कोशिश की और तीसरी बार में वे पूरी तरह से सीख गई। उन्होंने घर पर खाना बनाने के अलावा लॉक डाउन के दौरान केक बनाने की नई रैसेपी भी सीखी।मीना ने बताया कि मार्केट बंद होने से केक नहीं मिलने से वे काफी हताश हो गए थे। फिर उन्होंने यू-ट्यूब पर केक बनाने की विधि सीखी और प्रेशर कूकर में उसे बनाना शुरू किया। दो बार केक बनाने में दिक्कत आई लेकिन तीसरी बार सफलता प्राप्त कर ली। अब वे अन्य नई रैसेपी भी बनाना सीख रही हैं।
बच्चे कर रहे योग ध्यान
अर्जुन नगर में रहने वाले शाही ठाकरे और राम ठाकरे दोनों भाईयों की दिनचर्या पहले आम बच्चों की तरह हुआ करती थी, लेकिन जब से दूरदर्शन पर रामायण का प्रसारण शुरू हुआ है दोनों भाईयों की जिंदगी में भी बड़ा बदलाव आया है। वे अब पहले की तरह बिस्तर पर ज्यादा देर तक सोते नहीं है बल्कि सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि कर ध्यान लगाना एवं योग करना शुरू कर देते हैं। दोनों भाईयों का कहना था कि रामायण में जिस तरह बाल्यकांड में भगवान राम की गुरुकुल में रहकर शिक्षा दीक्षा ग्रहण करने का चित्रण किया गया है उसी से प्रेरित होकर दोनों ने ध्यान लगाना शुरू किया है। वे मंत्रों का उच्चारण भी करते हैं।

Devendra Karande Reporting
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