बदला मौसम, तेज हवाओं के साथ हुई बारिश, कई मकानों की छत उड़ी, फसल आड़ी

बे-मौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। चार माह तक फसलों को बच्चों की तरह पालने के बाद अब इसे समेटने की बारी आई तो बारिश बर्बाद करने में लगी है।

बैतूल/चिचोली बे-मौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। चार माह तक फसलों को बच्चों की तरह पालने के बाद अब इसे समेटने की बारी आई तो बारिश बर्बाद करने में लगी है। बुधवार चिचोली और शाहपुर में तेज बारिश हुई। कुछ गांव में ओले भी गिरे। चिचोली के आसपास गांव में तेज हवाओं के चलते कई मकानों की छत उड़ गई। बारिश से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। बैतूल शहर में भी दोपहर और शाम के समय गरज-चमक के साथ बारिश हुई। प्रभातपट्टन में लगभग पौन घंटे बारिश हुई। वहीं मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अभी मौसम की स्थिति एक-दो दिन इसी तरह रहेगी। जिले में कुछ जगहों पर गरज-चमक और हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।


आधे घंटे से ज्यादा हुई बारिश
बुधवार दोपहर में तेज हवाओं के साथ लगभग पौन घंटे बारिश हुई। हवा के कारण कई मकानों की छतें उड़ गई। हालांकि कोई जन हानि नहीं हुई है। ग्राम चूढिय़ा निवासी सूरेश यादव, नरेश यादव ने बताया कि दोपहर में बारिश के साथ तेज हवाएं चली। जिससे गांव में लगभग एक दर्जन मकानों की छत उड़ गई। खेतों में गेहंू की फसल भी आड़ी हो गई। तेज हवा के चलते 11 केवी का तार टूट नीचे गिर गया। हालांकि कोई जनहानि नहीं हैं, लेकिन बारिश फसलों को भारी नुकसान हुआ है।

कुछ गांवों में गिरे चने आकार के ओले
शाहपुर. नगर और आसपास के क्षेत्रों में एक घंटे तेज हवा के साथ जोरदार बारिश हुई। फसलों को नुकसान होना बताया जा रहा है। किसानों ने बताया कि इस समय गेहंू की फसल खेतों में पककर तैयार है। वही कुछ किसानों ने काटकर खेतों में रख भी दी है। बारिश की वजह से खेतों में पानी जमा हो गया है। तेज हवा से फसलें आड़ी हो गई है। बरेठा,देशावाड़ी, छितरीबढ़, बरेठा, मोखा आदि गांव में बारिश हुई है। कुछ गांव में चने आकार के ओले गिरे हैं।

फसल कटाई के लिए नहीं मिल रही मशीनें
बैतूल. खेतों में गेहू की फसल पककर कटाई के लिए तैयार है, लेकिन किसानों को गेहूं की कटाई के लिए मजदूर नहीं मिलने से परेशान हो रहे है। किसानों का कहना है कि कोराना के संक्रमण को देखते हुए सरकार द्वारा २१ दिनों का लॉक डाउन किया गया है, जिसके चलते खेतों में अब मजदूर नहीं लगा सकते है। वहीं गेहूं की कटाई के लिए मशीनें नहीं मिल रही है। ऐसे में फसल को काटने को लेकर परेशान हो रहे है। ग्राम जौलखेड़ा के किसान अभिषेक सोनी और बैतूल के अशोक साहू ने जिला प्रशासन वाट्सऐप पर मैसेज कर पेट्रोल पंप से किसानों को डीजल और पेट्रोल खरीदने की अनुमति देने की मांग की है। साथ ही खेतों में चलने वाली मशीनों को भी छूट देने की मांग की है। वर्तमान में खेतों में खड़ी फसल कटाने में थ्रेशर, टे्रक्टर और रीपर का सामान के लिए भी परेशान होना पड़ा रहा है। किसानों की समस्या को देखते हुए खेतों में उपयोगी पार्ट की दुकानों से सामान उपलब्ध कराने की मांग की है।


गेंहू की फसल कटने को तैयार
किसान अभिषेक सोना का कहना है कि खेतों में गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार है। कोरोना वायरस के चलते लॉक डाउन होने के चलते किसानों के खेतों में गेंहू की कटाई के लिए रीपर और हार्वेस्टर तक नहीं मिल रहे है। उनका का कहना है कि मौमस की मार के चलते पहले से ही परेशान है, उपर से अब लॉक डाउन होने से खेतों तक मशीनें नहीं पहुंच पाने से आने वाले २१ दिनों में फसल बर्बाद होने का डर भी है, ऐसे में किसान की आर्थिक स्थिति खराब होगी और देश का खाद्य संकट बड़ सकता है। किसानों को राहत देने की मांग की है, जिससे की फसलें कट कर सुरक्षित घर तक पहुंचा सके।

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