scriptWhere will the story of Pandit Mishra of Sehore be now .. read full ne | सीहोर वाले पंडित मिश्रा की अब कहां होगी कथा.. पढ़े पूरी खबर | Patrika News

सीहोर वाले पंडित मिश्रा की अब कहां होगी कथा.. पढ़े पूरी खबर

locationबेतुलPublished: Nov 14, 2022 08:40:45 pm

Submitted by:

ghanshyam rathor

कथा के लिए 16 और पार्किंग के लिए 35 एकड़ जमीन आरक्षित
पहले दिन से ही आएंगे एक लाख से अधिक श्रद्धालु
ध्वज स्थापना के साथ ही कथा स्थल का किया भूमिपूजन
कथा के संबंध में जानकारी देते हुए राजा ठाकुर।

सीहोर वाले पंडित मिश्रा की अब कहां होगी कथा.. पढ़े पूरी खबर
Where will the story of Pandit Mishra of Sehore be now .. read full ne,Where will the story of Pandit Mishra of Sehore be now .. read full ne,Where will the story of Pandit Mishra of Sehore be now .. read full ne


बैतूल। विख्यात कथावाचक पं प्रदीप मिश्रा की आगामी माह में होने वाली कथा के लिए कथास्थल का भूमिपूजन और ध्वज स्थापना का कार्यक्रम सोमवार को विधि-विधान से संपन्न हुआ। इसमें सैंकड़ों शिवभक्तों ने सेवा के लिए अपनी आहूति देने का संकल्प लिया। कथा के लिए 16 और पार्किंग के लिए 35 एकड़ जमीन आरक्षित की गई है। पहले दिन से ही एक लाख से अधिक श्रद्धालु कथा में आएंगे। श्रद्धालुओं की संख्य लगातार बढ़ेगी। इस हिसाब से व्यवस्था की जाएगी। लोगों से भी सहयोग की अपील की गई है।
मां ताप्ती शिवपुराण समिति के तत्वावधान में आगामी 12 दिसंबर से 18 दिसंबर तक शिवपुराण कथा का आयोजन पं प्रदीप मिश्र के मुखारबिंद से होगा। इस विशाल आयोजन के लिए कथा स्थल का चयन बालाजीपुरम रोड पर स्थित ब्रह्माकुमारी आश्रम के पास किलेदार गार्डन का किया गया है। सुबह 10.30 बजे कथा के मुख्य आयोजक किलेदार परिवार और बाथरे परिवार ने पूजन पाठ संपन्न कराया। पं संजय व्यास के मंत्रोच्चार के बीच गौरी-गणेश का पूजन,ध्वज पूजन हुआ। इसमें प्रमुख रूप से कथा का समय लेने वाली बाथरे परिवार की बुजुर्ग कौशल्या बघेल उपस्थित थीं तो किलेदार परिवार के प्रमुख राजा ठाकुर भी थे। कार्यक्रम का संचालन सुनील व्दिवेदी ने किया।
पूरे बैतूल का है आयोजन
मां ताप्ती शिवपुराण समिति के प्रमुख संयोजक राजा ठाकुर ने पूरे कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया की कथास्थल के लिए जहां करीब 16 एकड़ जगह आरक्षित की गई है। वहीं पार्किंग के लिए 35 एकड़ जगह विभिन्न स्थानों पर आरक्षित की गई है। ठाकुर ने कहा कि यह आयोजन किसी परिवार विशेष का नहीं बल्कि पूरे बैतूल का है। आयोजनकर्ता किसी से नगद राशि किसी भी रूप में नहीं ले रहे हैं लेकिन बाहर से आने वाले कथा श्रोताओं के लिए भोजन, आवास, आवागमन, पानी, स्वच्छता आदि के लिए जो भी लोग सहयोग करना चाहते हैं उनका स्वागत है।
कथा भूमि होती है वंदनीय
बैतूल के प्रसिध्द ज्योतिषाचार्य पं कांतू दीक्षित ने कहा कि जिस भूमि पर कथा होती है वह ईश्वर के लिए भी वंदनीय हो जाती है। बैतूल नपाध्यक्ष पार्वती बारस्कर ने हर तरह से सहयोग का आश्वासन दिया। राजीव खंडेलवाल, अलकेश आर्य, हेमंत देशमुख, मयंक भार्गव, सोनू धोटे रश्मि बाथरे सहित अन्य लोगों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए। उन्होंने आम लोगों के अलावा पुलिस, प्रशासन सभी से इस कार्यक्रम को सुरक्षित, सुव्यवस्थित बनाने की अपील की।
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.