149 साल में पहली बार होगी शहरी क्षेत्र की सीमावृद्धि

149 साल में पहली बार होगी शहरी क्षेत्र की सीमावृद्धि
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Sanket Shrivastava | Publish: May, 20 2016 08:03:00 AM (IST) Harda, Madhya Pradesh, India

शहर में १० से १५ नए वार्ड बनेंगे, शहर की चारों दिशाओं का ग्रामीण क्षेत्र नपा सीमा से जुड़ेगा


हरदा। शहर में 17 मई 1867 में नगर पालिका की स्थापना हुई थी। सालों बीतने के बाद भी शहर की सीमा वृद्धि नहीं हो पाई। इसके चलते शहर से सटी कॉलोनियों के लोग मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं। लगभग 149 साल बाद यहां रहने वाले लोगों के अच्छे दिन आने वाले हैं। नगर पालिका द्वारा शासन को भेजे गए सीमावृद्धि प्रस्ताव को एक महीने के भीतर मंजूरी मिल सकती है। इसके बाद शहर की चारों दिशाओं का ग्रामीण क्षेत्र नगर पालिका सीमा में जुड़ जाएगा। साथ ही संपूर्ण राजस्व जमीन गांव की बजाय नगर पालिका शहरी क्षेत्र में आ जाएगी।  वैसे तो वर्ष 2005 से नगर सीमा वृद्धि के प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन मामला ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ था। इस साल 11 अपै्रल को नगर पालिका ने सीमावृद्धि का प्रस्ताव अंतिम प्रकाशन के लिए कलेक्टर के माध्यम से नगरीय प्रशासन विभाग के अवर सचिव को भेजा था। सीमा बढ़ाने के लिए कुछ ग्राम पंचायतों ने दावे-आपत्तियां भी लगाई थीं, लेकिन बाद में उन्होंने भी नगर पालिका की योजना को सहमति दे दी थी। सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो एक महीने के अंदर सीमा वृद्धि के प्रस्ताव पर मुहर लग जाएगी।
नपा में इन क्षेत्रों को किया शामिल
नपा के कार्यालय अधीक्षक मनसुख लोहाना ने बताया कि सीमावृद्धि प्रस्ताव में नौ क्षेत्रों को शामिल किया गया है। जिसमें गांव और शहर के इलाकों की राजस्व जमीनें नगर पालिका अंतर्गत आएंगी। हरदा खास की १०५.६५१ हेक्टेयर, ग्राम बैरागढ़ की २८३.७९५ हेक्टेयर, खेड़ी मेहमूदाबाद ४९२.१६७, ग्राम दूधकच्छ २५९.११९, कुलहरदा १७०.६००, हरदाखुर्द १०२६.९४२, ग्राम ऊड़ा ११०५.५९७, रिछाडिय़ा ३००.८५० एवं बिरजाखेड़ी   १०४.२३१ हेक्टेयर की संपूर्ण राजस्व जमीन को सीमावृद्धि में लिया गया।
सीमा क्षेत्रों पर बनेंगे कार्यालय
नगर पालिका की सीमा बढऩे के बाद आसपास की ग्राम पंचायतों का अस्तित्व पूर्णत: समाप्त हो जाएगा। गांवों के लोग भी नगर पालिका में संचालित शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। वहीं शहरी क्षेत्र में लगने वाले संपत्ति कर, दुकान किराया, जमीन की लीज, समेकित कर जिसमें सड़क, बिजली, पानी और शौचालयों का टैक्स चुकाना पड़ेगा। गांवों में मनरेगा के अंतर्गत दिया जाने वाला काम, शहरी क्षेत्र में ठेला, ऑटो रिक्शा व अन्य कार्यों के रूप में रोजगार उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा सीमा वृद्धि से गांवों की जमीनों के दामों में भी बढ़ोतरी होगी। नगर पालिका में जुडऩे वाले गांवों के लोगों को नगर पालिका कार्यालय तक आने की जरुरत नहीं पड़ेगी। इसके लिए नपा इन  क्षेत्रों में ही छोटे-छोटे कार्यालय खोलकर सरकारी योजनाओं और करों का भुगतान करने की व्यवस्था करेगी।

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