मोदी लहर पर भी भारी पड़ा यह बाहुबली विधायक, रिकाॅर्ड चौथी बार हासिल की जीत

मोदी लहर पर भी भारी पड़ा यह बाहुबली विधायक, रिकाॅर्ड चौथी बार हासिल की जीत
Bahubali MLA Vijay Mishra

यूपी विधानसभा चुनाव 2017 में एक बार फिर विजय मिश्रा ने दिखाई ताकत, अखिलेश यादव ने काटा था टिकट

महेश जायसवाल

भदोही.
यूपी विधानसभा चुनाव 2017 में मोदी लहर में जहां एक ओर बड़े-बड़े दिग्गज नेता हार रहे थे, वहीं दूसरी ओर भदोही जिले के ज्ञानपुर सीट पर बाहुबली नेता व विधायक विजय मिश्र ने लगातार चौथी बार जीत हासिल की। बाहुबली विधायक विजय मिश्र अपना अजय रिकाॅर्ड बनाये हुए हैं। निषाद पार्टी से विजय मिश्र ने 66448 वोट पाकर बीजेपी के महेन्द्र कुमार बिंद (46218 वोट) को 20230 वोटों के भारी अंतर से हराया। वहीं बसपा के राजेश कुमार यादव 44319 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे। बता दें कि विधायक विजय मिश्र इस बार सपा से टिकट कटने के बाद पार्टी से बगावत करते हुए निषाद पार्टी से चुनाव मैदान में उतरे थे।



जिले की चर्चित सीट ज्ञानपुर से विधायक विजय मिश्रा ने लगातार चौथी बार जीत हासिल कर अपना रिकाॅर्ड और बेहतर कर लिया और एक फिर विधायक की कुर्सी पर कब्जा जमाया। लगातार तीन बार सपा से विधायक चुने जाने के बाद इस बार सपा मुखिया अखिलेश यादव ने उनका टिकट काटकर रामरति बिंद को प्रत्याशी बनाया था, जिसके बाद विजय मिश्र ने निषाद पार्टी से चुनावी मैदान में ताल ठोंक था और जीत हासिल की। बड़ी बात यह रही की विजय मिश्र का टिकट काट कर अखिलेश यादव ने जिसे सपा का प्रत्याशी बनाया था वे इस चुनाव में मात्र 39205 वोट पाकर चौथे स्थान पर रहे। 



चुनाव में मिली जीत के बाद जिला मुख्यालय सरपतहा पहुंचे विधायक विजय मिश्रा ने कहा कि यह चुनाव वो नहीं ज्ञानपुर की जनता लड़ रही थी और यह जीत जनता की है। प्रदेश में सपा की करारी हार पर उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के घमण्ड ने उनकी पार्टी को डूबा दिया है। उन्होंने कहा कि ज्ञानपुर विधानसभा को मॉडल विधानसभा बनाने के लिए वो प्रयासरत हैं और यह उद्देश्य जल्द ही पूरा किया जाएगा। 



पूर्वांचल के दिग्गज नेताओं में शुमार हैं विजय मिश्र

वियय मिश्र को पूर्वांचल का दिग्गज नेता माना जाता है। समाजवादी पार्टी को भदोही जनपद में पिछले दो दशक से हर बड़ी जीत दिलाने में विजय मिश्रा का हाथ रहता था। विधानसभा का चुनाव हो या जिला पंचायत अध्यक्ष का विजय के सामने पूरे जिले में किसी भी पार्टी को जीत मिलनी आसान नहीं होती थी। लगातार तीन बार से ज्ञानपुर विधानसभा सीट से जीतने वाले विजय को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की नाराजगी से नुकसान उठाना पड़ा था और विधानसभा चुनाव में उनका सपा से टिकट काट दिया गया था, जिससे नाराज इस विधायक ने पीस पार्टी और निषाद पार्टी गठबंधन का दामन थाम लिया और इसी गठबंधन से मैदान मे उतर गये। 



कौन हैं विजय मिश्र

विधायक विजय मिश्र लगातार चार बार से जिले की ज्ञानपुर सीट से विधायक बने हुए हैं। विजय के पहले इस सीट पर माना जाता था कि यहां जो एक बार विधायक बना उसे दूसरी जीत नसीब नहीं हुई पर विजय की लगातार जीत ने लोगों की इस मिथ्या को तोड़ दिया। विजय मिश्रा ने जनपद की राजनीति में ब्लॉक प्रमुख बनकर इंट्री की थी, उसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष फिर विधायक बने। अपने पत्नी रामलली को भी निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष बनाया था। वर्तमान में भी विजय की पत्नी रामलली मिश्रा मिर्जापुर-सोनभद्र क्षेत्र से एमएलसी हैं। विजय मिश्रा की गिनती पूर्वांचल में राजनीति के बहुबलियों के तौर पर होती हैं। 



जेल में रहकर जीता 2012 का चुनाव

2012 विधानसभा चुनाव की बात करें तो उस समय विजय मिश्रा ने जेल में रहते हुए बड़े अंतर से बसपा प्रत्याशी को हराकर लगातार तीसरी बार विधायघ्क की कुर्सी पर कब्जा जमाया। चुनाव के दौरान इनकी पत्नी और बेटी ने बिना कोई वादा किए घर घ्ार वोट मांगा था। चुनाव जीतने के बाद विजय मिश्रा जेल से बाहर आ गए। विजय मिश्रा मुलायम सिंह यादव, शिवपाल यादव और रामगोपाल यादव के करीबी बताए जाते हैं। पर सपा की लड़ाई ने विजय को सपा से दूर कर दिया और जिले में सपा की इतनी बुरी हार का एक वजह यह भी मानी जा रही है। 
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