बीजेपी, बसपा और सपा पर आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप, हड़कम्प

बिना अनुमति के चुनावी कार्यालय खोलने का आरोप, जारी हुई नोटिस

 

 

 

By: sarveshwari Mishra

Published: 10 Nov 2017, 10:43 AM IST

भदोही. चुनाव आयोग के पूरी सख्ती के बाद भी सत्ता पक्ष के लोगों द्वारा लगातार आचार संहिता के उल्लंघन के मामले सामने आ रहे हैं। ताजा मामला भदोही नगर पालिका का है। जहां भाजपा, बसपा और सपा ने बिना अनुमति कार्यालय खोला गया है। इस मामले में भदोही थानाध्यक्ष मनोज पाण्डेय ने आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए कार्रवाई कर दी है।

 

 

 

बतादें कि भदोही नगर पालिका सीट से चेयरमैन पद के लिए चुनाव लड़ रहे भाजपा, सपा व बसपा प्रत्याशियों चुनावी कार्यालयों पर उस समय हड़कम्प की स्थिति बन गई जब अचानक एसडीएम व इंस्पेक्टर वहां पर पहुंच गए और बिना अनुमति लिए कार्यालय खोले जाने पर सभी के खिलाफ अचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में कार्रवाई शुरू कर दी। प्रशासन द्वारा तीनों प्रत्याशियों को अचार संहिता उलंघन के आरोप में नोटिस जारी किया गया है। नोटिस का संतोषजनक जवाब नही मिलने पर अग्रिम कार्यवाई होगी। इस बारे में भदोही थानाध्यक्ष मनोज पांडेय ने बताया कि कार्यालय बिना अनुमति के खोला गया है जो आचार संहिता के खिलाफ है।

 

 

 

इन कारणों से होता है आचार संहिता का उल्लंघन
किसी दल या उम्मीदवार को ऐसा कोई काम नहीं करना है, जो विभिन्न जातियों और धार्मिक या भाषायी समुदायों के बीच मतभेद या तनाव पैदा करे। राजनीतिक दल की आलोचना केवल उसकी नीतियों और कार्यक्रमों और पूर्व रिकॉर्ड तक सीमित रहे। व्यक्तिगत पहलुओं पर चर्चा की इजाजत नहीं। वोट हासिल करने के लिए जातीय या सांप्रदायिक भावनाओं की दुहाई नहीं दी जानी चाहिए। मस्जिदों, गिरजाघरों, मंदिरों या पूजा के अन्य स्थानों का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जा सकता। मतदाता को प्रलोभन देना या धमकाना मना है। मतदान केंद्र के 100 मीटर के अंदर वोट मांगना, मतदान के 48 घंटे पहले सार्वजनिक तौर पर सभाएं करना और मतदान केंद्र में गाड़ी ले जाना मना है। किसी भी मतदाता के घरेलू जीवन में हस्तक्षेप या प्रदर्शन करने की मनाही। बिना मंजूरी के वोटर की संपत्ति पर झंडा लगाने, दीवार पर पोस्टर लगाने की इजाजत नहीं। किसी भी दल या उम्मीदवार को किसी दूसरे दल की सभा में बाधा खड़ी करने की इजाजत नहीं। इसके अलावा दूसरे दल के पोस्टर हटाने की इजाजत भी नहीं। दलों या उम्मीदवारों के लिए किसी स्थान पर सभा करने के लिए पहले से इजाजत लेना जरूरी। प्रतिबंधित क्षेत्र में सभा करने की इजाजत नहीं। अगर ऐसे मामलों में छूट मिल सकती है तो इसके लिए मंजूरी जरूरी।

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