महिलाओं से बोले डीएम ‘‘डरे नहीं-सहे नहीं‘‘, चलाई 10 किमी साइकिल

डीएम एसपी व अन्य अधिकारियों चलाई साइकिल

By: ज्योति मिनी

Published: 09 Dec 2017, 06:53 PM IST

भदोही. यूपी की योगी सरकार महिलाओं की सुरक्षा और एवं सशक्तिकरण के लिऐ प्रदेश भर में अभियान चला रही है। सेमिनार आयोजित कर पुलिस विभाग महिलाओं को जगरूक कर रहा है। शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर से स्कूल की छात्राओं की साइकिल रैली निकाली गई।

 

जिसमें जिलाधिकारी विशाख जी एवं पुलिस अधीक्षक सचिन्द्र पटेल ने भी इस ठंड में 10 किमी साइकिल चलाई। रैली में जिला-खेल स्टेडियम मुंशीलाटपुर पहुंच कर ख़त्म हुई। साइकिलों में नारी सशक्तिकरण एवं संरक्षण संबन्धी लिखे हुए नारे लगे हुए थें।

 

जिनमें से प्रमुख नारे- ‘‘चुप्पी तोड़ों खुलकर बोलो‘‘, ‘‘डरे नहीं-सहे नहीं‘‘, ‘‘सुरक्षित व सशक्त हो नारी, ये है सबकी जिम्मेदारी‘‘, ‘‘उत्तर प्रदेश पुलिस महिला सुरक्षा में सदैव तत्पर‘‘ आदि प्रमुख रूप से लगे थें। साइकिल रैली के अपने गंतव्य स्थल पर पहुंचने पर शामिल हुए सभी छात्र-छात्राओं को नाश्ता, दूध एवं फल वितरित किया गया।

सभी मौजूद छा़त्र-छात्राओं में काफी उत्साह था। साइकिल रैली स्टेडियम में पहुंचने पर सभा में तब्दील हो गयी। जिस दौरान स्कूली छात्राओं द्वारा स्वागत गीत एवं सशक्तिकरण संबंधी गीत प्रस्तुत किया। छात्राओं के एक समूह ने नाटक के माध्यम से समाज में महिलाओं के साथ हो रही घटनाओं का मंचन किया।

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी द्वारा अपने संबोधन के द्वारा मौजूद छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि, ‘‘महिलाओं को पुरूषों के बराबर किये जाने संबंधी बातों का कोई औचित्य नहीं है क्योकि महिलाए पुरूषों से पूर्व से ही बहुत आगे हैं।‘‘ कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा मौजूद छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए बताया कि, उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा महिलाओं की सुरक्षा एवं सहायता हेतु वीमेन पॉवर लाइन-1090 का संचालन किया जा रहा है।

जिस भी बालिका एवं महिला को किसी भी प्रकार की कोई उत्पीड़न संबंधी समस्या हो तो वह 1090 पर कॉल अवश्य करें। कॉल करने वाले की पहचान पूर्णतया गोपनीय रखते हुए समस्या का समाधान किया जाता है। किसी भी आकस्मिक स्थिति में यू0पी0-100 को कॉल कर बताए गए स्थान पर सहायता ली जा सकती है।

महिलाओं एवं बालिकाओं के साथ अपराध घटित करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध कठोर कानून बनाए गये हैं। नारी की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुरूष वर्ग की भी है।

 

यदि उनके द्वारा महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार का अपराध घटित किया जाता है तो उनके विरूद्ध कठोर दण्डात्मक कार्रवाई की जाती है साथ ही साथ सभी प्रकार की सरकारी सेवा, प्राइवेट नौकरी, ठेकेदारी, पासपोर्ट, विभिन्न लाइसेंस के सत्यापन के दौरान दागदार इतिहास होने के कारण सभी प्रकार की सुविधाओं से वंचित हो जाते हैं। उद्बोधन के अंत में पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं को अपनी चुप्पी तोड़ने एवं खुलकर बोलने के लिए प्रेरित किया एवं कार्यक्रम में आये सभी लोगों का आभार प्रकट किया।रैली में मुख्य विकास हरिशंकर सिंह , अपर पुलिस अधीक्षक डा.संजय कुमार साइकिल से रैली के आगे चलते हुए रास्ते में लोगों का अभिवादन स्वीकार करते हुए सभी छात्र-छात्राओं के साथ लगभग 10 किलोमीटर साइकिल चलाकर स्टेडियम पहुंचे। बच्चों के साथ अधिकारियों को देखकर रास्ते में राहगीर एवं सड़क के किनारे मौजूद लोगों में उत्सुकता बढ़ गयी।

input- महेश जायसवाल

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