हत्या के मामले में शमशेर को अदालत ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

अर्थदंड न अदा करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतने का निर्देश दिया

By: Ashish Shukla

Updated: 12 Oct 2018, 09:53 PM IST

भदोही. जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने ऊंज थाना क्षेत्र के गोधना-सूफीनगर गांव में हुए हत्या के मामले में आरोपी को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व 10 हजार रुपए से अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न अदा करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतने का निर्देश दिया।

अभियोजन कथानक इस प्रकार है कि ऊंज थाना क्षेत्र के गोधना-सूफीनगर गांव निवासी विष्णुदेव पाठक पुत्र विंदेश्वरी ने इस आरोप के साथ प्राथमिकी थाना में दर्ज कराया था कि 11 अप्रैल 2017 को गांव का शमसेर पुत्र बरकत अली जो आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है अपने पिता से झगड़ा कर रहा था इसी दौरान वादी मुकदमा के लड़के मलयाशंकर पाठक पहुंचे और कहा कि आपस में क्यों झगड़ा कर रहे हो। इसी बात को लेकर आरोपी शमसेर लाठी लेकर दरवाजे पर चढ़ आया और लाठी से हमलाकर गंभीर चोटें पहुंचाई जिससे दौरान इलाज उसकी मौत हो गई। विवेचक द्वारा विवेचना के बाद आरोपी के विरुद्ध हत्या समेत अन्य आरोप में चार्जशीट न्यायालय के समक्ष दायर किया गया था।

अभियोजन की ओर से घटना के समर्थन में शासकीय अधिवक्ता राकेश कुमार यादव ने गवाहों को परीक्षित कराया। बचाव व अभियोजन पक्ष की दलीले सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश नसीर अहमद द्वितीय की अदालत ने आरोपी शमसेर पुत्र बरकत अली को आईपीसी की धारा 304-1 के तहत दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व 10 हजार रुपए से अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही अर्थदंड की वसूली होने पर क्षतिपूर्ति के रुप में आधी धनराशि मृतका के पत्नी को देने का निर्देश दिया।

Ashish Shukla
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