जिस सेनेटाइजर का उपयोग बताया, उसी पर 18 फीसदी जीएसटी दर

-महामारी में भी पीपीई, ग्लब्स व मास्क उत्पाद भी लागू है जीएसटी की विभिन्न दर
- बाजार में डिमाण्ड अधिक से बिक रहा औने-पौने दाम पर

By: Meghshyam Parashar

Updated: 23 Apr 2020, 03:00 PM IST

भरतपुर. कोरोना वायरस फैलने से बचाव के लिए केन्द्र सरकार की ओर से लॉक डाउन की घोषणा की तो बाजार में सबसे ज्यादा डिमाण्ड सैनेटाइजर, मास्क और ग्लब्स की दिखी। ऐतियातन के तौर पर आमजन ने सेनेटाइजर व मास्क आदि की यकायक खरीद शुरू कर दी। हालत ये हुई जनता कफ्र्यू लागू होने के दौरान ही इन मेडिकल उत्पादों की मारामारी शुरू हो गई। बाजार में स्टॉक कम होने से एमआरपी (उचित मूल्य) से अधिक दर लोगों से वसूल की जाने की खबरें आने लगी। लॉक डाउन में बाजार में स्टॉक उपलब्धता नहीं होने पर राज्य सरकार ने गंगानगर शुगर मिल के जरिए सैनेटाइजर्स की आपूर्ति करवाई। खास बात ये है कि इस महामारी के दौरान में भी सरकार की ओर से इन मेडिकल उत्पाद पर जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) को जारी रखा है। जीएसटी की वजह से बाजार में मिल रहा सेनेटाइजर अमूमन महंगा था, जिस पर वजह से बीच में जीएसटी कुछ समय के लिए इन उत्पाद पर स्थगित करने की मांग उठी नहीं लेकिन फिलहाल बाजार में जीएसटी दर के साथ ही यह उत्पाद बिक रहे हैं। आपको बाते दें स्पिरिट बेस सैनेटाइजर पर जीएसटी 18 फीसदी तक वसूली जा रही है।
गौरतलब रहे कि कोरोना वायरस से बचाव के प्रचार-प्रसार में सेनेटाइजर और मास्क का उपयोग करने से लोगों ने इसको खरीदना शुरू कर दिया। इस वजह से बाजार में कमी आ गई। लॉक डाउन की वजह से ट्रांसपोर्ट सिस्टम बंद होने से बाजार में बाहर से माल नहीं आ पाने से दाम बढ़ाकर सेनेटाइजर व मास्क बेचे जा रहे हैं। जिससे आम व्यक्ति पर जेब पर भारी पडऩे लगा। हालांकि, चिकित्सकों ने साबुन से अच्छी तरह से हाथ धोना, उचित दूरी और मास्क या कपड़ा चेहरे पर बांधने को बेहतर उपाय बताया है।
ग्लब्स पर 12 और सेनेटाइजर पर 18 फीसदी जीएसटी
बाजार में बिक रहे मेडिकल उत्पाद सैनेटाइजर, ग्लब्स, मास्क और पीपीई किट पर जीएसटी की अलग-अलग दर लागू है। इसमें स्पिरिट बेस सेनेटाइजर पर 18 और ग्लिसरीन बेस पर 12 फीसदी जीएसटी वसूली जा रही है। जबकि ग्लब्स पर 12, मास्क पर 5 और पीपीई किट पर भी 5 फीसदी जीएसटी लागू है।
गंगानगर शुगर मिल में तैयार करवाए सेनेटाइजर
उधर, बाजार में सेनेटाइजर उपलब्ध नहीं होने पर सरकार ने आनन-फानन में गंगानगर शुगर मिल के जरिए सैनेटाइजर तैयार करवाए। भरतपुर में शुरुआत में गंगानगर शुगर मिल से 12 हजार सेनेटाइजर तैयार करवा कर मेडिकल विभाग के साथ उपखण्ड कार्यालयों पर भेजे गए। इसके बाद शुगर मिल के जरिए और सेनेटाइजर तैयार करवा कर पड़ोसी जिले धौलपुर समेत अन्य स्थानों पर भी सप्लाई करवाई गई।
25 से 250 रुपए तक में बिक रहा सेनेटाइजर
बाजार में अलग-अलग कंपनियों के सेनेटाइजर उपलब्ध है। इसमें 25 से लेकर 250 रुपए तक के दाम में बिक रहा है। इसमें 25 रुपए में 50 एमएल, 50 में 100 एमएल और 250 रुपए में 500 एमएल सेनेटाइजर जीएसटी समेत बिक रहा है। वहीं, गंगानगर शुगर मिल का एक कर्टन जिसमें 180 एमएल के 48 छोटी प्लास्टिक की बोतल है। यह पूरा कर्टन 18 फीसदी जीएसटी के साथ 18 00 रुपए में बिक रहा है। इसमें स्पिरिट की मात्रा अधिक है।

Meghshyam Parashar Bureau Incharge
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